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रशिया अमरिका और ‘नाटो’ देश के परमाणु सर्वसंहारक परमाणु युद्ध भड़काएंगे – ‘न्युक्लियर एक्सपर्ट’ डॉ ब्रुस ब्लेअर का इशारा

तृतीय महायुद्ध, परमाणु सज्ज, रशिया, ब्रिटन, प्रत्युत्तर

वॉशिंग्टन: ‘रशिया और अमरिका-नाटो ने एक दूसरे पर हमले किए जा सकें ऐसे पड़ाव पर अपने परमाणु तैनात किए हैं। इस वजह से किसी भी समय पर किसी दुर्घटना की वजह से अथवा नियोजित रूपसे सर्वसंहारक युद्ध भड़केगा’, ऐसी चिंता ‘न्यूक्लिअर एक्सपर्ट’ डॉ. ब्रूस ब्लेअर ने व्यक्त किया है। रशिया ने अपने प्रतिस्पर्धियों पर रोके हुए परमाणु और अमरिका ने नाटो सदस्य यूरोपीय देशों में तैनात किए परमाणु इस वजह से यूरोप परमाणु विस्फोट का केंद्र बनता जा रहा है, ऐसा इशारा भी डॉ. ब्लेअर ने दिया है।

रशिया के पास सर्वाधिक ७००० परमाणु हैं और अमरिका के पास करीब ६८०० परमाणु हैं। यूरोप के नाटो का प्रमुख सदस्य देश फ़्रांस के पास ३०० और ब्रिटन के पास २१५ परमाणु हैं। यूरोप के अन्य नाटो सदस्य देशों के पास परमाणु नहीं हैं, लेकिन अमरिका के १५० से अधिक परमाणु जर्मनी, इटली, बेल्जियम, नेदरलैंड और तुर्की इन देशों में तैनात किए गए हैं। रशिया ने राजधानी मॉस्को और युक्रेन की ओर से कब्जे में लिए क्रिमिआ साथ ही यूरोप के ‘कॅलिनिनग्रॅड’ इस रक्षा अड्डे के साथ साथ करीब ४० से अधिक अड्डों पर परमाणु तैनात किए हैं।

‘न्यूक्लिअर एक्सपर्ट’ डॉ. ब्रूस ब्लेअर ने रशिया और नाटो सदस्य यूरोपीय देशों ने तैनात किए परमाणु के खतरे की तरफ ध्यान आकर्षित किया है। ‘अमरिका-नाटो और रशिया परमाणु के मुद्दे पर निर्णय लेते समय बहुत सतर्क हैं, लेकिन युद्धाभ्यास और परमाणु की संख्या बढ़ाना जैसे प्रकार से अपने सामर्थ्य का खतरनाक प्रदर्शन करना नहीं छोड़ा है, ऐसा अमरिकी ‘न्यूक्लिअर एक्सपर्ट’ ने कहा है।

‘परमाणु की बढती तैनाती की वजह से यूरोप परमाणु विस्फोट का केंद्र बन गया है। रशिया और यूरोप का तनाव शिखर तक पहुँच गया, तो उससे परमाणु युद्ध भडकने की कड़ी संभावना है। दुर्घटना अथवा नियोजित रूप जैसे किसी भी रास्ते से यह परमाणु युद्ध शुरू होगा’, ऐसा इशारा भी डॉ. ब्रूस ब्लेअर ने दिया है। अमरिका के राष्ट्राध्यक्ष डोनाल्ड ट्रम्प के ‘स्वभाव और बर्ताव को देखा जाए तो परमाणु युद्ध का खतरा अधिक बढने की चिंता ब्लेअर ने व्यक्त की है। रशियन नेतृत्व की तरफ से किए जाने वाले वक्तव्य भी परमाणु युद्ध की संभावना बढने के संकेत दे रहे हैं, ऐसा दावा डॉ. ब्रूस ब्लेअर ने किया है।

न्युक्लियर एक्सपर्ट’ डॉ ब्रुस ब्लेअर

१९७० के दशक में अमरिका के हवाई दल में ‘मिनिटमॅन आईसीबीएम’ इस परमाणु के ‘न्यूक्लिअर लौंच ऑफिसर’ के तौर पर ब्रूस ब्लेअर कार्यरत थे। ‘आईसीबीएम’ का अर्थ अंतरमहाद्वीपीय बैलेस्टिक मिसाइलें ऐसा है और इसकी कम से कम दूरी साढ़े पांच हजार किलोमीटर होती है। येल विश्वविद्यालय से ‘ऑपरेशन्स रिसर्च’ विषय में डॉक्टरेट प्राप्त करने वाले ब्लेअर ने परमाणु प्रसार बंदी के लिए ‘ग्लोबल झिरो’ इस अंतर्राष्ट्रीय समूह की स्थापना की है। सन २०११ में अमरिका के विदेश विभाग के ‘इंटरनेशनल सिक्यूरिटी एडवाइजरी बोर्ड’ के सदस्य के तौर पर नियुक्त किए गए डॉक्टर ब्लेअर वर्तमान में अमरिका के प्रिंसटन विश्वविद्यालय में विशेषज्ञ और खोजकर्ता के तौर पर सक्रिय हैं।

(Courtesy: www.newscast-pratyaksha.com)

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