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‘नॉर्ड स्ट्रीम २’ पाइपलाईन मतलब रशिया का नया ‘हायब्रिड वेपन’

पोलंड के प्रधानमंत्री की चेतावनी

वॉर्सा – ‘रशिया से सीधे जर्मनी को इंधन की आपूर्ती करनेवाली नॉर्ड स्ट्रीम २ पाइपलाईन मतलब नया हायब्रिड वेपन है और उसका इस्तेमाल रशिया नाटो और यूरोपीय संघ को कमजोर करने के लिए करेगा।’ ऐसी कडी चेतावनी पोलंड के प्रधानमंत्री ने दी। पोलंड की राजधानी वॉर्सा मे नाटो के ‘पार्लमेंटरी असेंब्ली’ बैठक में प्रधानमंत्री मॅत्युस्झ मोराविकी ने यह बयान दिया। पिछले हफ्ते अमरिका ने ‘नॉर्ड स्ट्रीम २’ परियोजना, रशिया का यूरोप के उपर वर्चस्व बढानेवाला साबित होगा, ऐसा कहकर उसपर प्रतिबंध लगाने के संकेत दिये थे।

नॉर्ड स्ट्रीम २यूक्रेन के साथ अनेक दशक से चल रहे झगडे और सन २०१४ में हुए संघर्ष के चलते रशिया द्वारा यूरोपीय देशों को होनेवाली इंधन आपूर्ती के लिए वैकल्पिक मार्ग ढूँढना शुरु हो गया था। उस में

‘नॉर्ड स्ट्रीम’ महत्त्वपूर्ण हिस्सा है और इस परियोजना का पहला अंश सक्रिय हो चुका है। इसकी क्षमता ५५ अरब घनमीटर इंधनवायू आपूर्ति की है और ‘नॉर्ड स्ट्रीम २’ के माध्यम से यह क्षमता ११० अरब घनमीटर तक ले जाने की है। इसके लिए रशिया और जर्मनी के बीच में समझौता हो चुका है और दोनो देशों ने यह परियोजना आगे ले जाने की तैय्यारी भी शुरु की है।

पर पोलंड, डेन्मार्क और यूक्रेन के साथ यूरोपीय महासंघ ने इस परियोजना को जोरशोर से विरोध किया है और उनको अमरिका ने भी साथ दी है। अमरिका के पूर्व विदेशमंत्री रेक्स टिलरसन ने जनवरी महीने में इस परियोजना के खिलाफ बोलते हुए कहा था कि, इससे यूरोप की ऊर्जासुक्षा तथा स्थिरता को धोखा पैदा हो सकता है। पोलंड द्वारा शुरू से ही इस प्रकल्प को विरोध किया जा रहा है और इल्जाम लगाया गया है कि, इससे  यूरोप की सुरक्षा को धोखा है। इस विरोध के बावजूद जर्मनी द्वारा परियोजना आगे की जाने से अमरिका और पोलंड द्वारा इसके खिलाफ मोर्चा खोला गया हुआ दिखाई पड रहा है।

कुछ दिन पहले ही अमरिका के विदेश विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने ‘नॉर्ड स्ट्रीम २’ परियोजना के ऊपर प्रतिबंध लगाने की चेतावनी दी थी। ‘नॉर्ड स्ट्रीम २ परियोजना यूरोप पर रशिया का प्रभुत्त्व बढानेवाला साबित होगा। यह परियोजना नही पुरी हुई तो अमरिका  खुश होगी।’ ऐसे शब्दों में अमरिकी अधिकारी सँड्रा ऑडकर्क ने अमरिका का विरोध जताया था। साथ में अब पोलंड ने भी अपना विरोध आक्रामक शब्दों में सामने लाया है।

नॉर्ड स्ट्रीम २प्रधानमंत्री मॅत्युस्झ मोराविकी ने ‘नॉर्ड स्ट्रीम २’ की रशिया का ‘हायब्रिड वेपन’ ऐसी संभावना करते हुए यह परियोजना यूरोप के सुरक्षा के लिए जहर की गोली साबित हो सकती है, ऐसी चेतावनी भी दी। पर ‘नॉर्ड स्ट्रीम २’ पाइपलाईन अमरिका जानबूझ के बाधा डाल रहा है, ऐसा इल्जाम रशिया द्वारा किया गया है। रशिया के राष्ट्राध्यक्ष व्लादिमिर पुतिन ने अमरिकी नेतृत्त्व को निशाना बनाते हुए, रशिया इस परियोजना के लिए संघर्ष करेगा, ऐसी चेतावनी दी है। वहीं जर्मनी के वाणिज्यमंत्री पीटर अल्टमायर ने ईल्जाम लगाया की, अमरिका को उनके द्वारा यूरोप में की जा रही इंधन आपूर्ति बढानी है, इसीलिए वह ‘नॉर्ड स्ट्रीम २’ को विरोध जता रहा है।

इस से पहले अमरिका, नाटो और यूरोपीय संघ द्वारा रशिया के खिलाफ ‘हायब्रिड वॉरफेअर’ के इल्जाम लगाये गये है। यूक्रेन में विद्रोही गुटों द्वारा शुरु संघर्ष, ‘फेक न्यूज’ का प्रचार, सायबरहमले, प्रस्थापित व्यवस्था को चुनौती देनेवाले राजनीतिक गुटों को समर्थन, सरकार के खिलाफ प्रदर्शन जैसे कार्रवाई द्वारा रशिया यह ‘हायब्रिड वॉरफेअर’ खेल रहा है, ऐसा कहा जाता है। पोलिश प्रधानमंत्री के इल्जाम की वजह से रशिया इंधन का इस्तेमाल भी ‘हायब्रिड वॉरफेअर’ के   हिस्से जैसा कर सकती है, ऐसा संकेत मिल रहे है।

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