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अमरिका के पास कृत्रिम द्वीप उडाने की क्षमता

अमरिकी रक्षादल के संचालकों की चीन को चेतावनी

वॉशिंग्टन – ‘सागरी क्षेत्र में अवरोध पैदा करनेवाले द्वीपों को नष्ट करना ही सही होगा। ऐसे द्वीपों को नष्ट करने की क्षमता अमरिका के पास है। इस से पहले भी अमरिका की सेना ने ऐसी कार्रवाई की थी।’ ऐसा अमरिकी रक्षादल के संचालक रहे लेफ्टनंट जनरल ‘केनिथ मॅकॅ्न्झी’ ने बताया है। मॅकॅ्न्झी की यह घोषणा ‘साऊथ चायना सी’ में चीन के कृत्रिम द्वीपों के सैनिकीकरण पर दी चेतावनी दिखाई देती है।

कृत्रिम द्वीपकुछ घंटों पहले अमरिका ने ‘आशिया-पॅसिफिक’ कमांड का नाम बदलकर ‘इंडो-पॅसिफिक’ किया है। भारत का महत्त्व रेखांकित करते हुए तैय्यार हुए इस नये कमांड के बारे में जानकारी देते हुए मॅकॅ्न्झी ने अमरिका कखी भूमिका स्पष्ट की। इस के लिए मॅकॅ्न्झी द्वारा दुसरे विश्‍वयुद्ध के अमरिकी सेना के कार्रवाई का संदर्भ दिया गया।

दूसरे विश्‍वयुद्ध के कालावधी में अमरिका की सेना और नौसेना ने पॅसिफिक महासागर क्षेत्र में कुछ महत्त्वपूर्ण मुहिम हाथ ली थी। इस सागरी क्षेत्र में स्थित कुछ निर्जन तथा बिखरे हुए द्वीपों पर कब्जा किया था तो कुछ द्वीप नष्ट भी किये थे, इसकी याद लेफ्टनंट जनरल मॅकॅ्न्झी ने दिलायी। ‘इस संघर्ष में अमरिका को जीवितहानी झेलनी पडी। पर ऐसे द्वीपों पर कार्रवाई करने का अनुभव और क्षमता अमरिकी सेना के पास है।’ ऐसी चेतावनी मॅकॅ्न्झी ने दी है।

इसी के साथ किसि भी वजह से ‘इंडो-पॅसिफिक’ सागरी क्षेत्र की अमरिका की गतिविधियॉं कम नही होगी। कारोबारी यातायात के स्वतंत्रता का और अंतरराष्ट्रीय नियमों का पालन करते हुए इस सागरी क्षेत्र में गश्त चालू रहेगी।’ ऐसा मॅकॅ्न्झी ने स्पष्ट किया। पर मैने सिर्फ ऐतिहासिक तथ्य बताया है, इससे दूसरा मतलब ना निकाला जाये, ऐसी अपेक्षा अमरिकी रक्षा दल के संचालकों ने जतायी है। पर ‘साऊथ चायना सी’ के मसले पर चीन के साथ बने तनाव के चलते मॅकॅ्न्झी का बयान चीन के लिए चेतावनी है, ऐसा दावा अमरिकी विश्‍लेषक कर रहे है।

‘साऊथ चायना सी’ पर अमरिका और चीन में बना हुआ तनाव दिनबदिन बढता ही जा रहा है। चार दिन पहले ही अमरिका के दो युद्धपोतों ने इस सागरी क्षेत्र में गश्त डाली थी। इन युद्धपोतों ने ‘साऊथ चायना सी’ के चीन के ‘वुडी आयलंड’ नामक कृत्रिम द्वीपों के नजदीक से चक्कर काटी थी। अंतरर्राष्ट्रीय सागरी नियमों का पालन करने के बाद अमरिकी युद्धपोतों ने यह गश्त डाली थी, ऐसे अमरिकी नौसेना ने कहा था।

वही, अमरिका के ‘आशिया पॅसिफिक कमांड’ के भूतपूर्व मुख्य ऍडमिरल हॅरी हॅरिस ने युद्धपोतों के गश्ती का समर्थन भी किया। ‘‘‘साऊथ चायना सी’में द्वीपों का सैनिकीकरण करके चीनने वचनों का उल्लंघन किया है। इसी वजह से इस सागरी क्षेत्र में द्वीपों का सैनिकीकरण करनेवाले चीन के खिलाफ अमरिका भी अपना संघर्ष चालू रखेगा।’’ ऐसी चेतावनी ऍडमिरल हॅरिस ने दी। अमरिकी कमांड प्रमुख के इस चेतावनी‘ पर चीन ने जवाब भी दिया था।

‘साऊथ चायना सी’ में चीन के सैनिकीकरण का मसला अमरिका अतिरंजना तरीके से पेश कर रहा है, ऐसी आलोचना चीन के विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता ‘हुआ चुनयिंग’ ने की। चीन पर लगाये गये यह इल्जाम हसने के बराबर है, ऐसी कडी फटकार भी चुनयिंग ने लगायी है। अब मॅकॅ्न्झी द्वारा अमरिका के पास द्वीप नष्ट करने की क्षमता है, यह याद दिलाने के बाद चीन द्वारा उस पर करारा जवाब आने की संभावना है।

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