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ईरान के विरोध में गठबंधन बनाने के लिए अमरिका मित्र देशों से बैठक करेगा

कैरो/वॉशिंगटन/तेहरान – ‘खाडी क्षेत्र में स्थिरता, आजादी, शांति और सुरक्षा चाहिए तो इस क्षेत्र की अस्थिरता के लिए जिम्मेदार ईरान की समस्या का हल निकालना जरूरी है’, यह इशारा अमरिकी विदेश मंत्री ‘माईक पोम्पिओ’ इन्होंने दिया है। इसके लिए अमरिका ने अगले महीने में पोलंड में ईरान के विरोध में बैठक बुलाई है। इस बैठक में ईरान के विरोधी इस्रायल और खाडी क्षेत्र के मित्र देशों का समावेश रहेगा। इस दौरान, पोलंड में हो रही इस बैठक की ईरान के विदेश मंत्री ने आलोचना की है।

पिछले कुछ दिनों से अमरिकी विदेश मंत्री आठ दिनों के लिए खाडी देशों की यात्रा पर है। इजिप्ट, बाहरिन, संयुक्त अरब अमिराती की अपनी इस यात्रा के दौरान पोम्पिओ इन्होंने अमरिका के अरब मित्र देशों को भरोसा दिलाया। अमरिकी राष्ट्राध्यक्ष डोनाल्ड ट्रम्प इन्होंने सीरिया से सेना की वापसी करने का ऐलान किया है, फिर भी अमरिका अपने अरब मित्र देशों को बीच रास्ते छोड नही देगा। अमरिकी सेना की वापसी का असर इस क्षेत्र में अमरिकी मित्र देशों की सुरक्षा पर नही होगा, यह पोम्पिओ इन्होंने कहा है।

साथ ही अमरिकी विदेश मंत्री ने ईरान की खतरनाक गतिविधियों को लेकर खाडी क्षेत्र के मित्र देशों को सतर्क किया। सीरिया के साथ इराक, लेबनान, येमेन इन देशों में ईरान का बढता प्रभाव इस क्षेत्र की स्थिरता, आजादी, शांति और सुरक्षा के लिए खतरा बन रहा है, यह पोम्पिओ ने अपनी इजिप्ट और बाहरिन की यात्रा के दौरान कहा। ईरान के इस बढते प्रभाव को रोकने के लिए अरब देशों ने नाटो के जैसी स्वतंत्र ‘अरब नाटो’ लष्करी संगठन का निर्माण करना जरूरी है, यह याद भी पोम्पिओ इन्होंने दिलाई। ईरान के विरोधी मित्र देशों का गठबंधन मजबूत करने के लिए अमरिका पोलंड में बैठक का आयोजन करेगी, यह पोम्पिओ ने घोषित किया है।

अमरिकी वृत्तवाहिनी को दी मुलाकात के दौरान पोम्पिओ इन्होंने ईरान के विरोध में ‘वर्ल्ड समिट’ का ऐलान किया। १३ और १४ फरवरी के दौरान पोलंड में होने वाली इस बैठक में खाडी क्षेत्र अस्थिर करने के लिए ईरान की शुरू कोशिश और खाडी क्षेत्र में स्थिरता बनाने के लिए अमरिका की भूमिका इस विषय पर चर्चा होगी, यह अमरिकी विदेश मंत्री ने कहा है। इस बैठक के लिए अमरिका के विश्‍व भर के मित्र देश उपस्थित रहेंगे।

अमरिका ने पोलंड में आयोजित की इस बैठक पर ईरान के विदेश मंत्री जावेद झरीफ इन्होंने निशाणा बनाया है। अमरिका और मित्र देशों की यह बैठक यानी निराश हुए ईरान के विरोधकों की सर्कस है, यह आलोचना झरीफ इन्होंने की। साथ ही ‘इसके पहले भी ईरान के विरोध में आयोजित की हुई बैठक में शामिल हुए एक तो अब जीवित नही या उनकी मानहानी हुई है, या तो वह एक कोने में धकेले गए है। बल्कि ऐसी बैठक के बाद ईरान और भी मजबूत हुआ है’, यह चेतावनी झरीफ इन्होंने दी।

इस दौरान, अरब और इस्लामी देश एक होकर ‘अरब नाटो’ लष्करी संगठन स्थापित करे, यह गुजारिश राष्ट्राध्यक्ष ट्रम्प इन्होंने इससे पहले भी की थी। उसके बाद सउदी अरेबिया की नेतृत्व में विश्‍व भर के लगभग ७० अरब-इस्लामी देशों ने संयुक्त लष्कर का निर्माण करने का ऐलान किया था।

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