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सुदान में सेना ने राष्ट्राध्यक्ष बशिर को हटाया – तीन महीनों के लिए आपात्काल का ऐलान

खार्तुम – गुरूवार के दिन सुदान में हुई गतिमान गतिविधियों में सेना ने बगावत करके राष्ट्राध्यक्ष ओमर अल बशिर सरकार का तख्ता पलट दिया है| राष्ट्राध्यक्ष बशिर को पद से हटाने के बाद सेनाने उन्हें सुरक्षित स्थान पर गिरफ्त में रखा है| देश के रक्षा मंत्री एवं लष्करप्रमुख जनरल अहमद अवान इब्न औफ इन्होंने वार्तापरिषद में यह जानकारी दी| देश में तीन महीनों के लिए आपात्काल का ऐलान किया गया है और दो वर्षों में चुनाव कराके नई सरकार का गठन किया जाएगा, यहा भरोसा दिया गया है| लेकिन, सुदान में प्रदर्शन कर रहे गुटों ने सेना ने किए निवेदन पर नाराजगी जताई है और प्रदर्शन शुरू रखने के संकेत दिए है|

सुदान में पिछले चार महीनों से राष्ट्राध्यक्ष बशिर की हुकूमत के विरोध में प्रदर्शन शुरू है| राष्ट्राध्यक्ष बशिर ने यह प्रदर्शन तोडने पर जोर दिया था| इल दौरान सुरक्षा यंत्रणा की कार्रवाई में ५० से अधिक प्रदर्शनकारियों की मौत हुई थी| पिछले सप्ताह में प्रदर्शनकारियों ने प्रदर्शन तेज किया था और सीधे सेना मुख्यालय के साथ राष्ट्राध्यक्ष के निवासस्थान पर जा टकराए थे| पाच दिनों से शुरू इन प्रदर्शनों की पृष्ठभूमि पर गुरूवार की सुबह सेना ने यकायक बगावत करने का वृत्त सामने आया|

प्रसारमाध्यमों ने दी हुई जानकारी के नुसार राष्ट्राध्यक्ष बशिर को पद से हटाया गया और उन्हें उनके निवास में नजरबंद किया गया है| बशिर की ‘नैशनल कांग्रेस पार्टी’ के मुख्यालय पर छापा किया गया है और कई वरिष्ठ नेताओं को हिरासत में लिया गया है| सरकारी समाचार चैनल के साथ अहम दफ्तरों पर भी सेना ने कब्जा करने की बात कही जा रही है| दोपहर के समय पर देश के रक्षा मंत्री अहमद अवाद इब्न और इन्होंने वार्ता परिषद का आयोजन किया और बशिर को हटाने की जानकारी देकर आपात्काल का ऐलान किया| इस दौरान सुदान की जनता ने रास्ते पर उतर कर खुशी मनाना शुरू करने के फोटो सामने आए है|

लेकिन, बशिर के विरोध में प्रदर्शन शुरू करनेवाले गुटों ने रक्षा मंत्रालय ने किए ऐलान पर नाराजगी जताई है और यह सच्चा बदलाव नही है, यह इशारा भी दिया| सिर्फ एक चेहरा बदल गया है और अन्य यंत्रणा एवं उसे संभाल रहे चेहरे वही है, यह आलोचना करके जनता प्रदर्शन बंद ना करें, यह निवेदन किया गया है| इस वजह से नजदिकी समय में सुदान में दुबारा हिंसा शुरू होने की संभावना है और उससे अराजकता जैसी स्थिति दुबारा बनेगी, यह डर जताया जा रहा है|

सेना ने हटाकर नजरबंद किए ‘ओमर अल बशिर’ पिछले २६ वर्षों से सत्ता संभाल रहे थे| ‘दर्फूर’ में शुरू संघर्ष और ‘साउथ सुदान’ के निर्माण की वजह से बशिर को काफी विवादित कहा गया था| पिछले कुछ वर्षों से उन्होंने चीन के साथ ईरान, तुर्की और इजिप्ट के साथ नजदिकीयां बढाई थी और इस पर अंतरराष्ट्रीय समुदाय का ध्यान आकर्षित हुआ था| ईंधन और सेना के बल पर लंबे समय तक सत्ता हाथ में रखनेवाले बशिर को सत्ता से हटाना यह ‘अरब स्प्रिंग-२’ का हिस्सा होगा, यह दावा कुछ विश्‍लेषक कर रहे है|

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