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तालिबान की धमकी के बाद अफ़गानिस्तान में लष्करी अड्डों पर हुए हमले

काबुल – बीते वर्ष निर्धारित कालावधि के बाद भी अफ़गानिस्तान में सेना तैनाती बरकरार रखकर अमरीका ने हमारे साथ किए समझौते का उल्लंघन किया है। अमरीका की इस घुसपैठ पर प्रत्युत्तर दिया जाएगा, ऐसी धमकी तालिबान ने दी है। इस धमकी के कुछ ही घंटे बाद अफ़गानिस्तान में दो लष्करी अड्डों पर आतंकी हमले हुए। इनमें से गज़नी प्रांत के लष्करी अड्डे पर तालिबान ने हमला करके कब्ज़ा किया है। दूसरा हमला कंधार प्रांत के हवाई अड्डे पर हुआ है। लेकिन, इस हमले में हवाई अड्डे का विशेष नुकसान ना होने का बयान अमरीका ने किया है। इसी बीच अफ़गानी सेना ने बीते चौबीस घंटों में कार्रवाई करके ८१ तालिबानियों को ढ़ेर किया है।

अमरीका के राष्ट्राध्यक्ष ज्यो बायडेन के ऐलान के अनुसार अमरिकी और नाटो की सेनाओं ने शनिवार से अफ़गानिस्तान से वापसी शुरू की। फिर भी अमरीका ने बीते वर्ष कतार की राजधानी दोहा में किए समझौते का उल्लंघन किया है और इसके आगे क्या प्रत्युत्तर देना है इसका निर्णय तालिबान का नेतृत्व करेगा, ऐसी धमकी तालिबान के प्रवक्ता ज़बिउल्ला मुजाहिद ने शनिवार के दिन सार्वजनिक की। ‘अफ़गानिस्तान की संप्रभुता, मूल्य और हितों की सुरक्षा के लिए जल्द ही कार्रवाई की जाएगी’, ऐसा बयान मुजाहिद ने किया है।

इस धमकी के कुछ ही घंटों बाद अफ़गानिस्तान के गज़नी प्रांत के लष्करी अड्डे पर तालिबान ने हमला किया। इस अड्डे पर अफ़गान सेना का कब्ज़ा था। लेकिन, शनिवार के दिन तालिबान ने हमला करके इस अड्डे पर कब्ज़ा किया। इस हमले में अफ़गान सैनिकों के मारे जाने का दावा किया जा रहा है। साथ ही तालिबान ने कुछ सैनिकों को बंधक बनाकर रखा है, यह जानकारी भी सामने आ रही है। इसी बीच रविवार दोपहर के समय कंधार प्रांत के हवाई अड्डे पर भी हमले हुए हैं।

अफ़गानिस्तान में नियुक्त अमरिकी सेना के प्रवक्ता कर्नल सनी लेगेट ने साझा की हुई जानकारी के अनुसार आतंकियों ने कंधार हवाई अड्डे पर रॉकेट हमले किए। लेकिन, इन हमलों से हवाई अड्डे का थोड़ा भी नुकसान नहीं हुआ है, ऐसा कर्नल लेगेट ने कहा। इस हमले के लिए तालिबान को ज़िम्मेदार ठहराने से अमरिकी लष्करी अफसर दूर रहे। इस दौरान तालिबान ने भी अमरीका के नियंत्रण के हवाई अड्डे पर हुए हमले की ज़िम्मेदारी स्वीकारी नहीं है। लेकिन, अमरिकी सेना की वापसी के बाद तालिबान ने अफ़गानिस्तान में फिर से हिंसा शुरू की तो वह मूर्खता और अफ़गान नागरिकों के लिए क्लेशदायक साबित होगा, ऐसा इशारा कर्नल लेगेट ने दिया है।

इसी बीच, अमरीका और नाटो की सेनाओं की वापसी शुरू होते हुए अफ़गान सेना ने तालिबान के खिलाफ कार्रवाई की गति बरकरार रखी है। बीते चौबीस घंटों के दौरान अफ़गान सेना की कार्रवाई में ८१ तालिबानी मारे गए और ५२ घायल हुए हैं। कुनार, गज़नी, बादघीस, बलख, कंधार, हेल्मंड, फरयाब और तखार क्षेत्र में अफ़गानी सेना ने इस कार्रवाई को अंजाम दिया। इस दौरान तालिबानी आतंकियों से बरामद किए गए आयईडी विस्फोटक भी नष्ट किए गए हैं। साथ ही अमरीका ने अफ़गानी सेना अपनी देश की सुरक्षा के लिए तैयार होने का विश्‍वास भी व्यक्त किया है।

अमरिकी सेना की पूरी वापसी होने के बाद तालिबान एवं अल कायदा दोबारा अफ़गानिस्तान का नियंत्रण हथियाएँगे, ऐसा इशारा अमरिकी लष्करी अफसर ही दे रहे हैं। अमरीका की पूर्व विदेशमंत्री कॉन्डोलिज़ा राईस ने भी सेना वापसी के निर्णय की आलोचना करके अफ़गानिस्तान में फिर से सेना तैनात करने की स्थिति निर्माण हो सकती है, यह इशारा दिया है।

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