कोरोना संक्रमण यानी जैवीक युद्ध की अंग – ब्राज़िल के राष्ट्राध्यक्ष ने चीन के खिलाफ लगाया अप्रत्यक्ष आरोप

कोरोना संक्रमण यानी जैवीक युद्ध की अंग – ब्राज़िल के राष्ट्राध्यक्ष ने चीन के खिलाफ लगाया अप्रत्यक्ष आरोप

ब्राज़ीलिया – ‘कोरोना का विषाणु लैब में तैयार किया गया है या गलत जानवर का सेवन करने से हुआ है, इसकी जानकारी किसी को नहीं है। लेकिन, विश्‍वभर की सेनाएं रासायनिक, जैवीक और विकिरण से होनेवाली जंग की पूरी जानकारी रखती हैं। फिलहाल हम नई जंग लड़ रहे हैं क्या? मौजूदा दौर में कौनसे देश का जीडीपी सबसे अधिक बढ़ा है?’ ऐसा बयान करके ब्राज़िल के राष्ट्राध्यक्ष जेर बोल्सोनारो ने विश्‍वभर में सनसनी निर्माण की है। चीन का सीधा ज़िक्र किए बगैर ब्राज़िल के राष्ट्राध्यक्ष ने कोरोना संक्रमण यानी चीन ने शुरू किया हुआ जैवीक युद्ध ही होने का ऐलान किया है। विश्‍वभर के माध्यमों ने इनके बयान की खबर को बड़ी अहमियत दी है।

ब्राज़िल में बुधवार के दिन हुए एक कार्यक्रम में बोलते समय राष्ट्राध्यक्ष बोल्सोनारो ने यह तोप दागी। हम नए युद्ध का सामना तो नहीं कर रहे हैं? यह सवाल भी बोल्सोनारो ने इस दौरान उठाया। चीन के वुहान स्थित लैब से कोरोना का विषाणु सबसे पहले चीन में और बाद में विश्‍वभर में फैला। चीन ने जानबूझकर के साथ इस संक्रमण की जानकारी छुपाकर रखी। इस विषाणु की जानकारी समय पर साझा होती तो संभवत: वुहान में ही इस संक्रमण को रोकना मुमकिन होता। लेकिन, चीन ने जानबूझकर यह होने नहीं दिया, ऐसा आरोप अमरीका के पूर्व राष्ट्राध्यक्ष डोनाल्ड ट्रम्प ने बीते वर्ष लगाया था। साथ ही इस वजह से अमरीका और अन्य देशों को जो भी कुछ नुकसान पहुँचा है, इसके लिए चीन ही ज़िम्मेदार है, यह आरोप लगाकर ट्रम्प ने चीन को किनारे किया था। कोरोना वायरस का ज़िक्र ट्रम्प शुरु से ही ‘वुहान वायरस’ करते रहे हैं।

विश्व स्वास्थ्य संगठन ने कोरोना के उद्गम स्थान वुहान पहुँचकर जाँच की और चीन को आरोपों से मुक्त करनेवाली रपट पेश की है। लेकिन, जाँच करने चीन पहुँचे विश्व स्वास्थ्य संगठन के कुछ अफसरों ने हमें चीन से आवश्‍यक सभी कागजात प्राप्त ना होने की बात दर्ज़ की है। इसी वजह से कुछ देश अब भी कोरोना के उद्गमस्थान से संबंधित मुद्दे की कड़ी जाँच करने की माँग कर रहे हैं। यह मुद्दा चीन के लिए बड़ा संवेदनशील साबित होने की बात समय समय पर स्पष्ट हुई है। इस वजह से चीन इस मुद्दे की ओर बड़ी सावधानी से देख रहा है और इस मोर्चे पर जितनी मुमकिन हो उनती जानकारी छुपाने की कोशिश कर रहा है। इसी वजह से इस संक्रमण से जुड़ी काफी संवेदनशील और चौकानेवाली जानकारी सार्वजनिक कर रहे चीन स्थित खोजकर्ता लापता हैं।

इसी बीच अमरीका में आश्रय प्राप्त किए चीनी वैज्ञानिक ने कोरोना संक्रमण के मसले पर चीन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। इस वजह से कोरोना का संक्रमण यानी चीन ने शुरू किया हुआ जैवीक युद्ध ही होने के आरोपों की पुष्टि हो रही है।

इसी बीच कोरोना संक्रमण शुरू होने के बाद वैश्विक अर्थव्यवस्था की गिरावट हुई थी। आर्थिक कारोबार ठप होने से विकसित और विकसनशील देशों की अर्थव्यवस्था नकारात्मक कल दिखा रही थी। ऐसी स्थिति में चीन के जीडीपी की वर्ष २०२० में २.३ प्रतिशत बढ़ोतरी हुई थी। इस पर ब्राज़िल के राष्ट्राध्यक्ष ने ध्यान आकर्षित किया है। वैश्विक अर्थव्यवस्था खतरे में होते हुए चीन की अर्थव्यवस्था ने दिखाया कारनामा अलग संकेत दे रहा है, इस मुद्दे पर राष्ट्राध्यक्ष बोल्सोनारो ने ध्यान आकर्षित करने की कोशिश की है।

पहले के दिनों में यूरोपिय देशों ने भी कोरोना संक्रमण के लिए चीन को ही ज़िम्मेदार ठहराया था। लेकिन, चीन ने ऐसे सभी आरोप ठुकराए हैं। कोरोना का विषाणु चीन से विश्‍वभर में संक्रमित नहीं हुआ है, यह साबित करने के लिए चीन की कड़ी कोशिश जारी थी। लेकिन, कोरोना का संक्रमण चीन से ही विश्‍वभर में हुआ, यह बात पूरे विश्‍व ने स्वीकारी है। इस वजह से अंतरराष्ट्रीय जनमत भी चीन के खिलाफ हैं और चीन अब जागतिक घृणा का मुद्दा बना हुआ है। ऐसी स्थिति में ब्राज़िल जैसे बड़े देश के राष्ट्रप्रमुख ने चीन ने जैवीक युद्ध शुरू करने के संकेत देकर चीन विरोधी राजनीतिक मुहिम गतिमान की है। अगले दिनों में अन्य देशों के नेताओं ने भी बोल्सोनारो ने लगाए आरोपों का समर्थन किया तो इससे चीन को काफी बड़ा झटका लगेगा। साथ ही विश्‍व को काफी बड़ा नुकसान पहुँचानेवाले चीन को सबक सिखाने की माँग भी विश्‍वभर की जनता अपनी-अपनी सरकारों से कर सकती है।

English  मराठी

इस समाचार के प्रति अपने विचार एवं अभिप्राय व्यक्त करने के लिए नीचे क्लिक करें:

https://twitter.com/WW3Info
https://www.facebook.com/WW3Info