रशिया-यूक्रेन युद्ध की पृष्ठभूमि पर यूरोप में बढ़ी अमरीका और नाटो की सैन्य गतिविधियां

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वॉशिंग्टन/लंदन – रशिया-यूक्रेन संघर्ष की बढ़ती तीव्रता और पोलैण्ड में हुए मिसाइल हमले की पृष्ठभमि पर अमरीका एवं नाटो ने यूरोप में अपनी सैन्य तैनाती बढ़ना शुरू किया है। कुछ दिन पहले नाटो सदस्य देशों के पांच विमान वाहक युद्धपोत अपने ‘कैरियर स्ट्राईक ग्रुप्स’ के साथ यूरोप के समुद्री क्षेत्र में तैनात होने की जानकारी सामने आयी थी। इसके बाद अब अमरीका, नॉर्वे, फ्रान्स की पनडुब्बियों की यूरोपिय समुद्री क्षेत्र में मौजूदगी बढ़ने की बात कही जा रही है।

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इस वर्ष ब्रिटेन के करीब समुद्री क्षेत्र में नाटो सदस्य देशों के ८५ पनडुब्बियों ने सफर करने की जानकारी ब्रिटेन के नौसेना अधिकारी ने दी। सन २०२१ में यही संख्या ४२ थी। इस क्षेत्र का दौरा कर रहीं पनडुब्बियों में अमरीका के प्रगत ‘वर्जिनिया क्लास’ पनडुब्बियों के अलावा फ्रान्स, नॉर्वे, जर्मनी की पनडुब्बियों का समावेश है। रशिया-यूक्रेन युद्ध की पृष्ठभूमि पर रशिया की यूरोपिय क्षेत्र में गतिविधियां बढ़ी हैं और इस क्षेत्र में रशिया के हमले की घटना हो सकती है, यह इशारा नाटो एवं यूरोपिय देशों ने दिया है। इस पृष्ठभूमि पर नाटो देशों ने पनडुब्बियों की मौजूदगी बढ़ाई है और इससे रशियन नौसेना की हरकतें सीमित होने का दावा ब्रिटीश अधिकारी ने किया।

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समुद्री क्षेत्र में नौसेना की मौजूदगी बढ़ाने के साथ ही पोलैण्ड में नाटो ने नए युद्धाभ्यास की शुरूआत की है। रशिया के कैलिनिनग्राढ़ अड्डे से जुड़े सुवाल्की गैप क्षेत्र कमें ‘तुमाक-२२’ युद्धाभ्यास शुरू हुआ है। इसमें नाटो सदस्य देशों के दो हज़ार से अधिक सैनिक शामिल होने की बात पोलैण्ड सरकार ने कही है।

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उत्तरी यूरोप में नाटो का परमाणु युद्धाभ्यास शुरू होने का वृत्त सामने आया था। इसके बाद अब नाटो सदस्य देशों के पांच विमान वाहक युद्धपोत अपने ‘कैरियर स्ट्राईक ग्रुप्स’ के साथ यूरोप के समुद्री क्षेत्र में तैनात होने की जानकारी स्पष्ट हुई है। अमरिकी नौसेना ने इस खबर की पुष्टि की है। रशिया की बढ़ती आक्रामकता की पृष्ठभूमि पर नाटो ने यूरोप में रक्षा तैनाती बड़ी मात्रा में बढ़ाने का ऐलान किया है। साथ ही सदस्य देशों का समन्वय बढ़ाने की गतिविधियां तेज की हैं। पनडुब्बियों की बढ़ती मौजूदगी और नया युद्धाभ्यास इसकी पुष्टि करती है।

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