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अमरिका के विदेश मंत्री पद पर माइक पॉपिओ की नियुक्ति पर दुनियाभर से प्रतिक्रिया; पाकिस्तान में घबराहट

तृतीय महायुद्ध, परमाणु सज्ज, रशिया, ब्रिटन, प्रत्युत्तर

वॉशिंगटन: अमरिका के विदेशमंत्री के तौर पर माइक पॉम्पिओ इनके नियुक्ति की घोषणा करके राष्ट्राध्यक्ष डोनाल्ड ट्रम्प ने अमरिका के साथ सारी दुनिया को धक्का दिया है| इस वजह से केवल अमरिका से ही नहीं तो दुनियाभर से उसकी प्रतिक्रिया उमड़ रही है| सीआईए के प्रमुख पद पर होनेवाले पॉम्पिओ इनको विदेशमंत्री पद के सूत्र देकर राष्ट्राध्यक्ष ट्रम्प आक्रमक धारणा के संकेत दिए हैं, ऐसा विश्लेषकों का कहना है| चीन, ईरान एवं तुर्की इन देशों में पॉम्पिओ की नियुक्ति पर नाराजगी व्यक्त की जा रही है तथा इस वजह से पाकिस्तान की अब खैर नहीं ऐसी चिंता इस देश के विश्लेषक करने लगे हैं|

रेक्स टिलरसन संयमी एवं विदेश मंत्रालय का पर्याप्त अनुभव होने वाले नेता थे| ईरान एवं उत्तर कोरिया के प्रश्न पर राष्ट्राध्यक्ष ट्रम्प इनसे उनके गंभीर मतभेद थे| इसकी वजह से टिलरसन को अपना पद गवाना पड़ा है, ऐसी बात उजागर हुई है| पर माइक पॉम्पिओ के एवं उनके विचार एक समान होने की बात कहकर राष्ट्राध्यक्ष ट्रम्प ने आने वाले समय में अमरिका के धारणा में अधिक सुसूत्रता होगी, ऐसा विश्वास व्यक्त किया है| विशेष रूप से ईरान के परमाणु कार्यक्रम एवं पाकिस्तान के आतंकवाद समर्थक धारणा को राष्ट्राध्यक्ष ट्रम्प इनकी तरह माइक पॉम्पिओ कड़ा विरोध करते आ रहे हैं| इसकी वजह से राष्ट्राध्यक्ष ट्रम्प एवं विदेशमंत्री अमरिका के धारणा अधिक तीव्रता से आगे जाएंगी ऐसा विशेषज्ञों का कहना है|

इस पृष्ठभूमि पर पॉम्पिओ इनके नियुक्ति पर दुनिया भर से प्रतिक्रिया आ रही है| चीन के सरकारी मुखपत्र होने वाले ‘ग्लोबल टाइम्स’ पेपर ने पॉम्पिओ इनकी नियुक्ति चिंताजनक होने का दावा किया है| पॉम्पिओ उग्र प्रवृत्ति के हैं, ऐसा कहकर चीन के मुख्यपत्र उनके नियुक्ति पर चिंता व्यक्त की है| टिलरसन इनपर चीन खुश नहीं था, पर वह पॉम्पिओ से कई गुना अच्छे हैं, यह मानना पड़ेगा, ऐसा दावा चीन के विश्लेषक फेंग झेंग ने किया है| तथा ईरान ने पॉम्पिओ की नियुक्ति मतलब ट्रम्प प्रशासन ने ईरान के साथ परमाणु करार से वापसी करने की तैयारी होने का स्पष्ट किया है| टिलरसन की तुलना में पॉम्पिओ परमाणु करार का समर्थन करनेवाले यूरोपीय देशों के विरोध में अधिक कठोर भूमिका लेंगे, ऐसा अंदाजा ईरान के विदेश मंत्रालय ने व्यक्त किया है| तुर्की ने भी इनकी नियुक्ति अस्वस्थ करने वाली होने का दावा किया है|

पाकिस्तान के विश्लेषकों ने आगे चलकर अपने देश की खैर न होने की बात कहकर पॉम्पिओ पाकिस्तान पर निशाना साधेंगे, ऐसा डर व्यक्त किया जा रहा है| सीआयए के प्रमुख होते हुए पॉम्पिओ ने पाकिस्तान आतंकवाद समर्थक भूमिका लेने की कड़ी टीका की थी| पाकिस्तान आतंकवादियों का सुरक्षित स्वर्ग होने से अफगानिस्तान में युद्ध जीतना अमरिका के लिए कठिन बना है, ऐसा दावा पॉम्पिओ ने किया था| इसकी वजह से विदेशमंत्री पद पर होते हुए पाकिस्तान को गतिरोध करके अमरिका पाकिस्तान के बारे में धारणा अधिक आक्रामक करेंगे ऐसा पाकिस्तान का कहना है| हफ्ते भर पहले पॉम्पिओ ने पाकिस्तान को कड़ा इशारा किया था इसका दाखिला पाकिस्तान के विश्लेषक दे रहे हैं|

चीन, ईरान, तुर्की एवं पाकिस्तान जैसे अमरिका की विरोध में खड़े हुए देश पॉम्पिओ के विरोध में प्रदर्शन कर रहे है, तभी विदेश मंत्री के तौर पर पॉम्पिओ निश्चित प्रभावी काम करेंगे, ऐसा विश्वास अमरिका के माध्यमों के एक गटने व्यक्त किया है| बल्कि चीन, ईरान, तुर्की एवं पाकिस्तान इन देशों से माइक पॉम्पिओ इनकी नियुक्ति पर उमड़ी हुई प्रतिक्रिया इसीकी गवाही दे रही है, यह बात स्पष्ट हो रही है|

 

(Courtesy: www.newscast-pratyaksha.com)

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