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इराक के कुर्दिस्तान में तुर्की लष्कर की कार्रवाई शुरू – प्रसार माध्यमों का दावा

अंकारा: तुर्की की सुरक्षा को चुनौती देने वाले आतंकवादियों को खत्म करने के लिए तुर्की के लष्कर इराक में घुसकर कार्रवाई करेंगे, ऐसी धमकी देने के बाद तुर्की ने ईराक के कुर्दिस्तान भाग में लष्करी तैनाती बढ़ाने की बात सामने आई है। पिछले हफ्ते में इराकी उपराष्ट्राध्यक्ष ने तुर्की को भेंट देकर चर्चा करने के बाद यह तैनाती बढ़ाने की जानकारी स्थानीय सूत्रों से दी जा रही है। इसकी वजह से आने वाले समय में तुर्की उत्तर इराक में कुर्द के विरोध में एवं आक्रामक निर्णय लेने के संकेत मिले हैं और इसकी वजह से अमरिका के साथ तनाव अधिक बिगड़ता जाएगा, ऐसा माना जा रहा है।

पिछले तीन महीनों से तुर्की ने सीरिया के उत्तर में आफरीन भाग में कुर्दों के विरोध में लष्करी मुहिम खोली है। सीरिया के वायपीजी यह कुर्दों की बागी संघटना और तुर्की में पीकेके यह कुर्दों के आतंकवादी संगठन को सहायता करने का आरोप करके तुर्की ने लष्करी मुहिम शुरू की थी। आफरीन में कार्यवाही में ३२९१ को आतंकवादियों को ढेर करके उस पर अपने लष्कर ने पूर्ण नियंत्रण प्राप्त करने की घोषणा राष्ट्राध्यक्ष एर्दोगन ने की थी। साथ ही सीरिया एवं अन्य शहरों में शुरू होने वाली लष्करी कार्रवाई इराक की सीमा में दाखिल हो सकती है, ऐसा एर्दोगन ने सूचित किया था।

कुर्दिस्तान, कार्रवाई शुरू, तुर्की लष्कर, घुसकर, आक्रामक निर्णय, अंकारा, अमरिकाइस पृष्ठभूमि पर पिछले कई दिनों से उत्तर इराक में कुर्द आश्रयस्थान होने वाले ‘कांदिल माउंटेन’ भाग में तुर्की ने लष्कर के हमले शुरू करने की जानकारी सूत्रों से दी जा रही है। तुर्की के लष्कर ने इराकी कुर्दिस्तान के भागों में तीन नए तल निर्माण करने का वृत्त न्यू अरब इस वेबसाइट ने दिया है। इस भाग में नए रास्ते तथा अन्य सुविधा निर्माण करने का काम भी गतिमान रूप से शुरू करने की जानकारी इसमें दी गई है।

इराकी कुर्दिस्तान के तौर पर पहचाने जाने वाले भाग में तुर्की लष्कर का अस्तित्व पहले से होकर १९९८ वर्ष से इस क्षेत्र में तुर्की के स्पेशल फोर्सेज के २००० जवान तैनात हैं। पर आईएस विरोधी संघर्ष के पृष्ठभूमि पर तुर्की एवं इराक में संबंध तनावपूर्ण बने हैं और तुर्की की कार्यवाहियों को इराक ने विरोध दर्शाया है। इराक में सिंगर में हमले करने की आशंका होकर, यह इराक में हस्तक्षेप होगा, ऐसा इराकी नेताओं का कहना है।

पर सीरिया में आफरीन में मिले सफलता के बाद तुर्की के राष्ट्राध्यक्ष एर्दोगन अधिक आक्रामक हुए हैं और उन्हें तुर्की को ऑटोमन साम्राज्य के ख्वाब दिखाना शुरू किया है। यह महत्वाकांक्षा पूर्ण करने के लिए तुर्की किसी भी देश के विरोध में लड़ने के लिए तैयार होने की गवाही भी एर्दोगन ने दी है।

(Courtesy: www.newscast-pratyaksha.com)

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