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बेलगाम चीन की आक्रमकता को रोकने के लिए दूसरे महायुद्ध के बाद पहली बार जापान की मरीन फोर्स सक्रिय – एम्फिबियस रैपिड डिप्लॉयमेंट ब्रिगेड कार्यान्वित

मरीन फोर्स, सक्रिय, दूसरे महायुद्ध, बेलगाम, चीन, आक्रमकता को रोकने, जापान, अमरिकाटोकियो: ‘ईस्ट चाइना सी’ के मामले में चीन के साथ बढ़ते तनाव की आक्रामकता का मुकाबला किया जाए इसके लिए जापान ने दूसरे महायुद्ध के बाद पहली बार अपनी ‘मरीन फोर्स’ कार्यान्वित की है। शनिवार को सोसबो लष्करी दल पर एम्फिबियस रैपिड डिप्लॉयमेंट ब्रिगेड एआरडीबी सक्रिय हुआ है। एआरडीबी का निर्माण अमरिका के यूएस मरीन्स के आधार पर किया गया है और जापान की सीमा में किसी भी द्वीप पर आक्रमण होने पर उसकी सुरक्षा के लिए यह पथक तैनात किया जाने वाला है।

मरीन फोर्स, सक्रिय, दूसरे महायुद्ध, बेलगाम, चीन, आक्रमकता को रोकने, जापान, अमरिकादूसरे महायुद्ध में परास्त होने के बाद जापान पर अमरिका ने कड़े प्रतिबंध जारी करके यह देश लष्करी रूप से फिर से सक्षम नहीं होगा इस पर ध्यान दिया था। परमाणु युद्ध के भीषण परिणाम अनुभवने के बाद जापान ने अपनी रक्षा विषयक धारणा बचावात्मक रखी थी। पर चीन से बढ़ते हुए खतरे के पृष्ठभूमि पर जापान ने अपने रक्षा विषयक धारणा में आक्रामक बदलाव किए हैं। पिछले कई वर्षों में जापानी अपनी रक्षादल अधिक से अधिक सक्षम एवं आक्रमक करने के लिए कदम उठाए हैं और उसके लिए रक्षा खर्च में भी बड़ी बढ़ोतरी की गई है।

पिछले कई महीने में उत्तर कोरिया के परमाणु परीक्षण एवं चीन के लड़ाकू विमान तथा युद्धनौका बढ़ते घुसपैठ से जापान के राजनैतिक वातावरण में चिंता महसूस हो रही थी। अमरिका ने जापान की सुरक्षा की जिम्मेदारी ली है, फिर भी चीन के आक्रामकता ने जापान अस्वस्थ हुआ है और उसके लिए गतिमान कदम उठाने शुरू किए हैं। अमरिका के प्रगत लड़ाकू विमानों की खरीदारी मिसाइल भेदी यंत्रणा की तैनाती कमांड की रचना में बदलाव, हैलीकॉप्टर कैरियर के संकेत एवं चीन का खतरा रोकने के लिए राज्यघटना में बदलाव की गतिविधियां जैसे बातों से जापान की धारणाओं में बदलाव के स्पष्ट संकेत मिल रहे हैं।

‘जापान के नजदिकी क्षेत्र में परिस्थिती रक्षा एवं सुरक्षा की दृष्टि से अत्यंत संवेदनशील बनती दिखाई दे रही है। इसकी वजह से जापान के द्वीपों को सुरक्षा यह अत्यंत महत्वपूर्ण मुद्दा है’, ऐसे शब्दों में जापान के ऊप रक्षामंत्री तोमोहीरो यामामाटो ने एआरडीबी के निर्माण का समर्थन किया है। जापान अपनी सीमा में द्वीपों के रक्षा के लिए सज्ज होने का संदेश इससे अंतरराष्ट्रीय समुदाय पर जाने का दावा भी वरिष्ठ सुरक्षा अधिकारी ने दिया है।

‘एम्फिबियस रैपिड डिप्लॉयमेंट ब्रिगेड’ में लगभग ३००० से अधिक सैनिकों का समावेश है। इस ब्रिगेड के लिए हेलीकॉप्टर कैरियर, युद्धनौका, एम्फिबियस शिप्स, एम्फिबियस असॉल्ट वेहिकल्स, तथा 17 व्ही-२२, ऑस्प्रे एयरक्राफ्ट्स का प्रावधान किया गया है। नया दल मतलब जापान के आक्रामक लष्करी धारणा का उजागर पुरस्कार होकर चीन एवं उत्तर कोरिया जैसे देश के लिए कड़ा इशारा होने की बात मानी जा रही है।

(Courtesy: www.newscast-pratyaksha.com)

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