भारत जम्मू-कश्मीर की सीमा भाग में हजारों बंकर्स निर्माण करेगा

भारत जम्मू-कश्मीर की सीमा भाग में हजारों बंकर्स निर्माण करेगा

जम्मू-कश्मीर, बंकर्स का निर्माण, गोलीबारी, नियंत्रण रेखा, अंतरराष्ट्रीय सीमा, महत्वपूर्ण निर्णय, भारत, पाकिस्ताननई दिल्ली: जम्मू कश्मीर के नियंत्रण रेखा और अंतरराष्ट्रीय सीमा पर भी पाकिस्तान के लष्कर से लगातार हो रही गोलीबारी के पृष्ठभूमि पर भारत में अत्यंत महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। राज्य के जम्मू, सांबा, रजौरी, कथूआ और पुंछ इन सीमा से सटे ५ जिलों में भारत १४ हजार से अधिक बंकर्स का निर्माण करने वाला हैं। इनमें ८ से १० लोगों की सुरक्षा प्रदान हो सके ऐसे बंकर्स के साथ ही एक समय पर ४० लोगों की क्षमता होने वाले कम्युनिटी बंकर्स का भी निर्माण होगा। इसकी वजह से भारत और पाकिस्तान के सेना में जम्मू-कश्मीर के नियंत्रण रेखा पर शुरू होने वाले मुठभेड़ आनेवाले समय में अधिक तीव्र होने के संकेत स्पष्ट मिलने लगे हैं।

सन २०१७ में जम्मू कश्मीर के नियंत्रण रेखा पर पाकिस्तान के संघर्ष बंदी का उल्लंघन करके किए गोलीबारी में १९ जवान एवं १२ नागरिकों की जान गई थी। तथा इस गोलीबारी में ७९ लोग जख्मी हुए थे। पिछले कई हफ्तों से पाकिस्तानी लष्कर से किए जानेवाले इस गोलीबारी की तीव्रता अधिक बढ़ती जा रही है। भारतीय लष्कर से पाकिस्तान के इस गोलीबारी को जोरदार प्रतिउत्तर दिया जा रहा है। पर इसकी वजह से सीमा भाग की जनता को बहुत बड़ा नुकसान हो रहा है। अनेक बार गोलीबारी शुरू होते समय, घर से बाहर निकलना कठिन होने की बात सीमा भाग के गांव वालों ने कही है।

जम्मू-कश्मीर, बंकर्स का निर्माण, गोलीबारी, नियंत्रण रेखा, अंतरराष्ट्रीय सीमा, महत्वपूर्ण निर्णय, भारत, पाकिस्तानपाकिस्तान के लष्कर से किए जानेवाली इस गोलीबारी के पीछे षड्यंत्र होकर, जम्मू कश्मीर के आतंकवादियों को घुसाने के लिए यह गोलीबारी तथा मोर्टर्स का हमला पाकिस्तान से किया जाता है। इसकी वजह से आने वाले समय में पाकिस्तान के डावपेच में बदलाव संभव नहीं है। इसीलिए जम्मू, सांबा, रजौरी, कथूआ और पुंछ जिले में बंकर्स निर्माण करके, लष्कर के जवान एवं नागरिकों की सुरक्षा के लिए उपाय हाथ लेना आवश्यक बना है। इसके अनुसार जल्द ही बंकर्स निर्माण किए जाने वाले हैं और केंद्रीय गृह मंत्रालय ने इस परियोजना को मंजूरी दी है।

इसके अनुसार १६० चौरस फिट के १३ हजार अधिक बंकर्स निर्माण किए जाएंगे, इनमें लगभग ८ से १० लोग रह सकते हैं। तथा एक ही समय पर ४० से अधिक लोगों की सुरक्षा प्रदान होने वाले १४०० से अधिक कम्युनिटी बंकर्स निर्माण किए जाएंगे। इन बंकर्स का काम नेशनल बिल्डिंग कंस्ट्रक्शन कॉरपोरेशन (एनबीसीसी) को सौंपा जाएगा और उसके अनुसार लगभग ४१६ करोड रुपए इतना खर्च अपेक्षित होने की बात कही जाती है। इन बंकर्स का काम शुरू होते समय सीमा से ० से १ किलोमीटर अंतर पर रहने वाले गांव को सबसे अधिक प्राथमिकता दी जाएगी। उसके बाद सीमा भाग से २ से ३ किलोमीटर पर होने वाले गांव में बंकर्स निर्माण का काम शुरू होगा। ऐसे तीन स्तरों में यह काम पूर्ण किया जाएगा, ऐसी जानकारी जम्मू-कश्मीर की मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने दी है।

दौरान सीमा पर निर्माण किए जाने वाली इन बंकर्स की वजह से यहां की जवानों की और एवं जनता की सुरक्षा अधिक सुनिश्चित होगी। पाकिस्तान नियंत्रण रेखा पर गोलीबारी एवं मोर्टर्स का हमला तीव्र करते समय इसकी अधिक आवश्यकता लग रही थी। इन बंकर्स की वजह से आने वाले समय में भारतीय लष्कर पाकिस्तान की गोलीबारी को अधिक प्रभावी तौर पर उत्तर दे सकेंगे, यह बात उजागर हो रही है। भारत ने स्वीकारी इस आक्रामक धारणा का परिणाम पाकिस्तान में दिखाई देने लगा है और नियंत्रण रेखा पर पाकिस्तानी गोलीबारी की तो उसे बम से उत्तर देने की धारणा भारतीय लष्कर ने स्वीकारी है, यह दावा पाकिस्तान के सामरिक विश्लेषक करने लगे हैं।

(Courtesy: www.newscast-pratyaksha.com)

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