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सौदी के ईंधन टैंकर पर हमला

दुबई – अमरिका के लिए ईंधन की यातायात करने की तैयारी में होने वाले सौदी अरब के दो टैंकर्स पर हमला हुआ है। ‘संयुक्त अरब अमीरात’ (यूएई) के तट के निकट यह हमला होने की जानकारी सौदी अरब के ईंधनमंत्री ‘खालिद अल फलिह’ इन्होंने दी। अमरिका ने लगाए प्रतिबंधों पर आलोचना करके सौदी और अरब मित्रदेशों का ईंधन पर्शियन खाडी से बाहर जाने नही देंगे, यह धमकी देनेवाला ईरान ही सौदी के टैंकर्स पर हुए हमले के पीछे होने की कडी आशंका व्यक्त की जा रही है। यह हमला बडे संघर्ष में बदलने का डर पश्‍चिमी देश व्यक्त कर रहे है।

ईंधन टैंकर, हमला, खालिद अल फलिह, यूएई, विस्फोट, world war 3, सौदी, अमरिका, ब्रिटेनरविवार की सुबह छह बजे ‘संयुक्त अरब अमीरात’ के ‘फुजैरा’ बंदरगाह के निकट विस्फोट हुएए थे। ‘यूएई’ की सरकार ने इस घटना की जानकारी प्रसिद्ध करने से पहले ही ‘यूएई’ के सबसे व्यस्त बंदरगाह में विस्फोट होने की जानकारी ईरानी एवं लेबनीज माध्यमों ने प्रसिद्ध की थी। ‘यूएई’ ने यह वृत्त ठुकराकर फुजैरा बंदरगाह में हनी तो इस बंदरगाह से कूछ दूरी पर खडे ईंधन टैंकर पर विस्फोट होने की बात स्पष्ट की। विस्फोट हुए दोनों टैंकर्स सौदी के थे। अमरिका के लिए ईंधन भरने के लिए यह टैंकर्स यहां के समुद्र क्षेत्र में रूके थे, इस दौरान यह विस्फोट हुए।

विस्फोट की यह घटना हमला था, ऐसा सौदी एवं यूएई ने कहा है। इस हमलें में किसी भी प्रकार से जानोमाल का नुकसान नही हुआ है। लेकिन, सौदी के टैंकर्स का बडा नुकसान होने की जानकारी ईंधनमंत्री फलिह इन्होंने दी। सौदी और यूएई, दोनों देश इस हमले के लिए किसी पर भी सीधे आरोप करने से दूर रहे है। साथ ही इस हमले की जांच हो रही है, यह भी फलिह ने कहा। लेकिन, सौदी के साथ चार जहाजों पर हुए हमलों के लिए ईरान जिम्मेदार होने की कडी आशंका खाडी क्षेत्र के देश, विश्‍लेषक और अंतरराष्ट्रीय माध्यम व्यक्त कर रहे है। दो दिन पहले ही अमरिकी गुप्तचर यंत्रणाओं ने इस तरह के हमलें होने की चेतावनी दी थी।

अमरिका ने ईरान पर लगाए नए प्रतिबंधों के साथ इस समुद्री क्षेत्र में विमान वाहक ‘यूएसएस अब्राहम लिंकन’ युद्धपोत के साथ ‘बी-५२ बॉम्बर्स’ विमान, पॅट्रियॉट हवाई सुरक्षा यंत्रणा तैनात करना अमरिका ने शुरू किया है। इस वजह से ईरान क्रोधित हुआ है और इसी बीच ईरान ने विमान वाहक युद्धपोत के साथ खाडी क्षेत्र में अमरिकी हितसंबंधों पर हमलें करने की धमकी दी थी। ईरान की ईंधन निर्यात नही होगी तो, पर्शियन खाडी से किसी भी अरब देश का ईंधन बाहर जाने नही देंगे, यह धमकी भी ईरान ने दी थी।

इसके बाद ईरान और इरान समर्थक गुट पर्शियन खाडी से होनेवाली ईंधन निर्यात पर हमलें करेंगे, यह कहकर अमरिका की गुप्तचर यंत्रणाओं ने खाडी क्षेत्र के अरब मित्रदेशों को ईरान के हमलों के बारे में अलर्ट किया था। इस्रायल की समाचार चैनल ने ईरान से सौदी पर हमलें होने की चेतावनी प्रसिद्ध की थी। इस वजह से सौदी के जहाजों पर हुए विस्फोट के पीछे ईरान का हाथ होने की चर्चा हो रही है।

लेकिन, सौदी के जहाजों पर हुए हमलों से हमारा संबंध ना होने का खुलासा ईरान कर रहा है। अमरिका और मित्रदेशों के ईरान विरोधी षडयंत्र का यह एक हिस्सा होने का आरोप ईरान के विदेशमंत्रालय के प्रवक्ता अब्बास मुसावी इन्होंने रखा है। इस दौरान, सौदी के ईंधन टैंकर पर हुए इस हमलें की वजह से अमरिका और ईरान के बीच संघर्ष शुरू होगा, यह चिंता ब्रिटेन ने व्यक्त की है।

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