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सीरिया में शुरू मुहिम के लिए अमरिकी राष्ट्राध्यक्ष द्वारा सऊदी के पास ४ अरब डॉलर्स की मांग

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वॉशिंगटन / रियाद: सीरिया से राष्ट्राध्यक्ष बशर अल-अस्साद को बाहर निकालना और रशिया एवं इरान का प्रभाव खत्म करना, ऐसे समान उद्देश्य की पूर्ति के लिए सऊदी अरेबिया ४ अरब डॉलर्स की वित्तीय सहायता दें, ऐसा प्रस्ताव अमरिका के राष्ट्राध्यक्ष डोनाल्ड ट्रम्प ने प्रस्तुत किया है| ३ महीने पहले सऊदी के राजा सलमान इनके साथ फोन पर हुई चर्चा में ट्रम्प ने यह मांग रखी, ऐसा वृत्त अमरिका के लष्कर विषयक वेबसाइट ने दिया है| पिछले हफ्ते में अस्साद विरोधी मुहिम के लिए सीरिया में लगभग ६० हजार सैनिक तैनात करने होंगे और उसके लिए ५० करोड़ डॉलर्स का निधि आवश्यक होने की बात पेंटागोन ने कही है|

अमरिका के राष्ट्राध्यक्ष एवं सऊदी अरेबिया के राजा सलमान में हुई चर्चा के अनुसार सीरिया के लिए तीन उद्देश्य निश्चित किए गए थे| पहला उद्देश्य अमरिकी लष्कर एवं अमरिका पुरस्कृत गटो ने कब्जा प्राप्त किए प्रदेश का पुनर्निर्माण करना, दूसरा उद्देश्य राष्ट्राध्यक्ष अस्साद की सल्तनत खत्म करना एवं उन्हें वापस जाने की आशंका खत्म करना और तीसरा उद्देश्य अस्साद सल्तनत को समर्थन देने वाले रशिया एवं ईरान का प्रभाव रोकना, ऐसा था| इनमें से अस्साद की सल्तनत खत्म करना एवं इरान का प्रभाव रोकना यह अमरिका और सऊदी अरेबिया के समान उद्देश्य होने का एहसास कराते हुए ट्रम्प ने वित्त सहायता का प्रस्ताव सामने रखा था|

इस चर्चा की जानकारी होनेवाले अमरिकी अधिकारी ने राष्ट्राध्यक्ष ट्रम्प सऊदी अरेबिया के राजा सलमान ने वित्त सहायता के बारे में मंजूरी प्राप्त करने में सफल हुई है, ऐसा दावा किया है| पर इसके बारे में आगे किसी भी प्रकार की जानकारी उजागर नहीं हुई है| सऊदी अरेबिया के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान सोमवार को अमरिका के दौरे पर दाखिल होते समय इस बारे में जानकारी उजागर होना, ध्यान केंद्रित करने वाली बात ठहरी है|

सौदी अरेबिया ने संघर्ष शुरू होने के बाद अस्साद विरोधी गट को सहायता देने शुरुआत की है| सऊदी के सल्तनत में लगातार अस्साद सल्तनत उठाने का प्रमुख उद्देश्य होने की बात घोषित की थी| उस समय अस्साद के माध्यम से ईरान खाड़ी क्षेत्र में अपना सामर्थ बढ़ा रहा है और सऊदी के लिए तीव्र चिंता का विषय बना है| अस्साद एवं ईरान का प्रभाव खत्म करने के लिए सऊदी ने इजिप्त तथा इस्रायल जैसे देशों के सहयोग की भूमिका लेने की बात सामने आई है|

दूसरे पक्ष से अमरिका के राष्ट्राध्यक्ष डोनाल्ड ट्रम्प ने भी सीरिया से राष्ट्राध्यक्ष अस्साद की सल्तनत उठाना प्रमुख उद्देश्य होने की बात स्पष्ट की है| उस समय ईरान को रोकने के मुद्दे पर भी ट्रम्प ने आक्रामक भूमिका ली है| महीने भर पहले अमरिका के रक्षा मुख्यालय ने संसद के सामने ६८३ अरब डॉलर्स का प्रस्ताव प्रस्तुत किया था| इसमें सीरिया में संघर्ष के लिए पेंटागौन में ५० करोड़ डॉलर्स का निधि का समावेश किया है|

संयुक्त राष्ट्रसंघ में भी अमरिका ने सीरिया विरोध में आक्रामक भूमिका ली है और अस्साद सल्तनत से सीरियन जनता पर रासायनिक हमले शुरू रहे, तो अमरिका सीरिया में खान शेखौन जैसी कार्रवाई करेगा, ऐसा कड़ा इशारा संयुक्त राष्ट्रसंघ में अमरिका की राजदूत निकी हैले ने पिछले हफ्ते में दिया था|

 

(Courtesy: www.newscast-pratyaksha.com)

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