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महासंघ ने अनदेखी की तो ‘बाल्कन’ क्षेत्र में नयी जंग भडक उठेगी यूरोपीय संघ के प्रमुख जीन क्लॉड जंकर की चेतावनी

ब्रुसेल्स – ‘बाल्कन क्षेत्र के देश यूरोप का काफी जटील हिस्सा है और अगर इस हिस्से की यूरोपीय महासंघ ने अनदेखी की तो १९९० के दशक जैसी नयी जंग भडक उठने की संभावना है।’ ऐसी कडी चेतावनी यूरोपीय कमिशन के प्रमुख जीन-क्लॉड जंकर ने दी है। १९९० के दशक में बाल्कन का सबसे बडा देश रहें ‘युगोस्लाव्हिया’ में भडकी जंग ने लाखो लोगों की जान ली थी। उसके बाद ‘युगोस्लाव्हिया’ का विघटन होते हुए पाच देशों की निर्मिती हुई थी।

बाल्कन, जंग, जीन क्लॉड जंकर, यूरोपीय महासंघ, राजनीतिक संकट, ब्रुसेल्स, नाटोजंकर ने पिछले कई सालों से बाल्कन क्षेत्र में घटी घटनांए और यूरोपीय संघ द्वारा बाल्कन देशों के लिए रची गयी नीति इस पर ध्यान खींचने की कोशिश की। यूरोपीय संघ ने बाल्कन देशों को सदस्यता का आश्‍वासन दिया था। लेकिन ‘स्लोवेनिआ’ और ‘क्रोएशिया’ के अलावा किसी भी बाल्कन देश को सदस्यता नही दी गयी है। जंकर के साथ संघ के अन्य नेताओं ने बाल्कन देशों की सदस्यता के लिए सन २०२५ तक का समय लगेगा, ऐसे संकेत दिये है।

‘बाल्कन देशों में और उस में खास करके पश्‍चिमी बाल्कन देशों में यूरोपीय संघ उनपर गंभीरता के साथ ध्यान नही देता, ऐसी भावना पैदा होने की संभावना है। इस जटील स्थिती में अगर ऐसी संभावना जोर पकडती है तो आनेवाले समय में जल्द ही बाल्कन देशों में १९९० के दशक जैसी जंग भडक उठेगी।’ ऐसी चेतावनी जंकर ने दी है।

१९९० के दशक में आर्थिक तथा राजनीतिक संकट, वांशिक भेद और राष्ट्रवाद का उदय जैसे घटकों की वजह से युगोस्लाव्हिया का हिस्सा रहे संघराज्यों में जंग भडक उठी थी। एक दशक से ज्यादा समय तक चलें इस जंग में दो बार नाटो को सैनिकी हस्तक्षेप करना पडा था। उस में से शुरुआत में पाच स्वतंत्र राष्ट्रों की निर्मिती हुई थी। उस में सर्बिया ऍण्ड मॉन्टेनेग्रो, बोस्निया ऍण्ड हर्झेगोविना, क्रोएशिया, स्लोवेनिआ, मॅसिडोनिआ शामिल थे।

बाल्कन, जंग, जीन क्लॉड जंकर, यूरोपीय महासंघ, राजनीतिक संकट, ब्रुसेल्स, नाटोउस के बाद सर्बिया में लिए जनमत से स्वतंत्र ‘मॉन्टेनेग्रो’ का निर्माण हुआ। सन २००८ में सर्बिया के ‘कोसोवो’ प्रांत ने एक तरफा स्वतंत्रता का ऐलान किया था। अमरिका के साथ १०० से ज्यादा देशों ने ‘कोसोवो’ को मान्यता दी है, लेकिन संयुक्त राष्ट्रसंघ ने उसे अब तक सदस्य देश के रुप में स्वीकार नही किया है। साथ ही सर्बिया, रशिया और स्पेन सह अन्य देशों ने कोसोवो को राष्ट्र के रुप में मंजुरी देना नकारा है।

यूरोपीय संघ द्वारा दो बाल्कन देशों को दी सदस्यता के बाद सर्बिया और मॉन्टेनेग्रो से बातचीत शुरु की है। तथा अन्य देशों को राह देखने की सलाह दी है। सदस्यता मिलने से पहले अन्य देश एकदूसरे से रहे वांशिक तथा प्रादेशिक मतभेद दूर करे, ऐसी सलाह संघ के नेताओं द्वारा दी गयी है। पर सर्बिया जैसे देशों ने इस पर आक्रामक भूमिका ली है।

बाल्कन देशों को सदस्यता ना देने से निर्माण हुई नाराजगी दूर करने के लिए उनको ‘इकॉनॉमिक एरिआ’ का दर्जा देकर सदस्य देशों की तरह व्यवहार करने की कोशिश करनी चाहिए, ऐसी सलाह यूरोपीय कमिशन के प्रमुख जंकर ने दी है।

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