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रशिया द्वारा ‘कर्श’ के खाडी के नजदीक यूक्रेन के तीन जहाजों पर कब्जा – बढते तनाव के चलते सुरक्षा परिषद की आपत्कालिन बैठक

मॉस्को/संयुक्त राष्ट्रसंघ – रशिया द्वारा क्रिमिआ प्रांत के नजदीक रहे ‘कर्श खाडी’ में घुसे तीन युक्रेनियन जहाजों पर कब्जा कर लिया गया है। रशिया की इस कार्रवाई की वजह से रशिया और यूक्रेन में जबरदस्त तनाव पैदा हुआ है। यूक्रेन ने अपनी सेना को ‘हाय अलर्ट’ पर रहने का हुक्म दिया है। दोनो देशों द्वारा आक्रामक गतिविधियां शुरु होने से संघर्ष भडक उठेगा इसका अंदेशा हुए संयुक्त राष्ट्रसंघ ने सोमवार को सुरक्षा परिषद की आपत्कालिन बैठक का आयोजन किया है।

रविवार को यूक्रेनी नौसेना की दो गनबोट्स और एक टगबोट क्रिमिआ के पास वाले कर्श खाडी से ‘ऍझोव्ह सी’ में दाखिल हुए। वह इस सागरी क्षेत्र में ‘मारिपोल’ बंदरगाह पर भेट के लिए जा रही थी, ऐसा दावा यूक्रेन ने किया। इस बारे में रशियन यंत्रणाओं को योग्य सूचना दी थी, ऐसा यूक्रेनी नौसेना ने स्पष्ट किया। पर रशिया द्वारा यूक्रेन के दावे खारिज कर दिये है।

‘यूक्रेन के जहाज कोई भी सूचना ना देते हुए रशियन सागरी क्षेत्र में दाखिल हुए। उन्होंने नियोजित प्रक्रिया पूरी नही की थी। सूचना देने के बाद भी यूक्रेन के जहाज रशियन क्षेत्र से बाहर नही निकले। इसलिए उनके खिलाफ कार्रवाई की गयी।’ ऐसा रशियन अधिकारियों ने बताया है। कार्रवाई के बारे में प्रकाशित हुए एक व्हिडिओ में रशियन तटरक्षक दल की बोट द्वारा यूक्रेन के टगबोट को जोरदार धक्का दिया हुआ दिखाया गया है।

इस समय रशिया द्वारा यूक्रेन की जहाजों पर जबरदस्त गोलीबारी भी की गयी। इस गोलीबारी में यूक्रेन के कुछ सैनिक जख्मी हुए है। इस समय रशिया ने कुछ समय तक अपने लडाकू विमान कर्श खाडी क्षेत्र में तैनात किये थे, ऐसी बात भी सामने आयी है। रविवार को यूक्रेन के जहाजों पर किए कार्रवाई के बाद रशिया द्वारा कुछ समय के लिए खाडी का रास्ता बंद किया गया था। पर सोमवार को यह मार्ग फिर से खुला करने की जानकारी रशियन अधिकारियों ने दी।

यूक्रेन के जहाज कब्जे में लेने के बाद रशिया द्वारा यह घटना जानबूझकर उकसाने के उद्देश से की गयी है, ऐसा गंभीर इल्जाम लगाया गया है। इस मामले में रशिया यूक्रेन के राजनीतिक अधिकारियों को समन्स भेजेगा, ऐसी चेतावनी भी रशिया के विदेश विभाग ने दी है। रशिया के संसद सदस्यों ने इल्जाम लगाय है की, यूक्रेन ने अपने ‘पश्‍चिमी मालिकों’ के आदेश पर यह उकसानेवाली कार्रवाई की है।

लेकिन यूक्रेन ने पलटकर जवाब देते हुए रशिया पर संगीन इल्जाम लगाये है। रशिया ने सुलगाने के लिए गोलीबारी करते हुए बोट को धक्का दिया और उनपर कब्जा किया, ऐसा दावा यूक्रेन ने किया। रशिया की कार्रवाई की वजह से इस क्षेत्र में फिर एक बार सैनिकी संघर्ष शुरु होने का डर यूक्रेन ने जताया है। साथ ही सेना को ‘हाय अलर्ट’ पर रहने का हुक्म दिया है।

यूक्रेन के राष्ट्राध्यक्ष पेट्रो पोरोशन्को ने संसद का विशेष सत्र बुलाया है और उस में ‘मार्शल लॉ’ पर अमल करने के लिए मतदान होगा। रशिया द्वारा हुई कार्रवाई के परिणाम यूक्रेन के राजधानी में भी दिखाई दिए। यूक्रेन के निदर्शकों ने रशियन दूतावास पर हमले की कोशिश करते हुए गाडियों को आग लगायी।

इसी बीच, रशिया द्वारा यूक्रेन के जहाजों पर घुसपेठ का इल्जाम लगाया गया है और इस मसले पर सुरक्षा परिषद की आपत्कालिन बैठक बुलाने की बिनती की है। अमरिका के संयुक्त राष्ट्रसंघ की दूत निक्की हॅले न इसकी पुष्टी की है। सोमवार को सुरक्षा परिषद की बैठक का आयोजन किया है, ऐसी जानकारी उन्होंने दी। पिछले महिने ही यूक्रेन के संयुक्त राष्ट्रसंघ के राजदूत ने, रशिया पर ‘ऍझोव्ह सी’ में नौसेना की गतिविधियां बढी है और वह नियमों का उल्लंघन करनेवाली है, ऐसा इल्जाम लगाया था।

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