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युरोप में ‘आईएस’ के हमलों की दुसरी लहर धडक देगी – इंटरपोल के वरिष्ठ अधिकारी का इशारा

जीनिवा – एशिया और युरोप के कई देशों में आईएस के समर्थक हुए कट्टरपथियों की आने वाले समय में रिहाई होगी। रिहा हुए यह कट्टरपंथी समर्थक फिर से आईएस का हिस्सा बन सकते है, इन शब्दों में ‘इंटरपोल’ इस अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा संगठन ने युरोप में निकटतम समय के दौरान ‘आईएस’ के हमले तेज होने का इशारा दिया है। मार्च महीने में युरोप की गुप्तचर यंत्रणाओं ने जेल रे रिहा होनेवाले कट्टरपंथी और आंतकवादी युरोप की सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा साबित हो सकते है, यह चेतावनी दी थी।

पिछले हफ्ते में ही फ्रान्स की स्ट्रासबर्ग में हुए आतंकी हमले में पाच लोगों की बलि गई है। यह हमला ‘आईएस’ समर्थक कट्टरतावादी ने किया था, यह स्पष्ट हुआ है। उसके बाद युरोप में फिर से आतंकी हमलों का सत्र शुरू होने का डर सुरक्षा से जुडे तज्ञ और विश्‍लेषकों से जताया जा रहा था। इस पृष्ठभुमि पर इंटरपोल के वरिष्ठ अधिकारी जुर्गन स्टॉक इन्होंने दी चेतावनी ध्यान आकर्षित करनेवाली साबित हो रही है।

युरोपीय देशों में ‘आईएस’ से जुडे या उनके समर्थकों की दुसरी लहर धडकने का डर है। इस लहर में आईएस २.० कहा जा सकता है। ईराक और सीरिया में ‘आईएस’ पराजित होने के बाद उस क्षेत्र के आतंकवादी युरोप में वापसी कर रहे है। यह निराश और खोने के लिए कुछ भी बचा नही है, ऐसे आतंकी है और यह सभी युरोपीय यंत्रणा के लिए चिंता का विषय है, इन शब्दों में इंटरपोल के महासंचालक ने नए आतंकी हमलों के खतरे की ओर ध्यान आकर्षित किया है। वापसी कर रहे यह आंतकी जंग के अनुभवी प्रशिक्षित और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर संपर्क बनाए है, यह बात ध्यान रखनी होगी, यह स्टॉक ने कहा है।

२०१७ में युरोप हुए १५ आतंकी हमलों में लगभग ८० लोग मारे गए है ऐर ८०० से अधिक जख्मी हुए है। इसके बाद युरोपीय यंत्रणा ईराक और सीरिया से दाखिल हो रहे ‘आईएस’ के आतंकियों को रोकने की कोशिश में है, तभी जेल से रिहा होनेवाले आतंकियों के रूप में नई चुनौती खडी हो रही है।

फ्रान्स में लगभग ५०० संदिग्ध आतंकी और कट्टरपंथियों को जेल में बंद किया गया था। इन कट्टरवादी कैदियों की २०२० के पहले रिहाई होगी, यह जानकारी सुत्रों ने दी है। ब्रिटेन में भी लगभग २०० आतंकी जेल में बंद है और इनमें से कई निकट के समय में रिहा होने की आशंका है। बेल्जियम में २०१६ के दौरान हुए आतंकी हमले से पहले और अब २०० से अधिक आतंकीयों को जेल में रखा गया है।

इस महीने के शुरू में ही ‘आईएस’ ने दी धमकी में एक पोस्टर पर ‘आईएस’ के आतंकी हाथ में रायफल लेकर जर्मनी की बर्लिन शहर में घुम रहे है, यह दिखाया गया था। २०१६ के ख्रिसमस के समय ‘आईएस’ के आतंकियों ने बर्लिन में किए हमले का फोटो भी इस पोस्टर में दिखाया था। उसके पहले सोशल मीडिया के कई पोस्ट में युरोपीय देशों में शरणार्थियों पर भी हमले करने की धमकी दी थी।

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