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सौदी और ‘यूएई’ की नीति से ‘ओपेक’ का अंत होगा – ईरान के ईंधनमंत्री का इशारा

तेहरान – अमरिका ने ईरान की ईंधन निर्यात पर नए प्रतिबंध घोषित करने से ईंधन बाजार में निर्माण हुई कमी भरने के लिए सौदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) ने ईंधन उत्पाद बढाने की तैयारी दिखाई है। इस पर ईरान ने कडी प्रतिक्रिया दर्ज की है। सौदी और यूएई की ऐसी नीति की वजह ईंधन उत्पादक देशों की ‘ओपेक’ संगठन का अंत तय हुआ है, यह इशारा ईरान ने दिया है।

दो दिन पहले अमरिका ने ईरान पर लगाए नए प्रतिबंधों का अमल शुरू हुआ है। इन प्रतिबंधों की सहायता से ईरान की ईंधन निर्यात ‘झिरो’ करने का ऐलान अमरिका ने किया है। इसका असर दिखाई देने लगा है और ईरान से ईंधन खरीद करनेवाले देशों ने अमरिकी प्रतिबंधों की वजह से ईरान के साथ बने सहयोग से पीछे हटना शुरू किया है। वही, ईरान की ईंधन निर्यात बंद करने से अंतरराष्ट्रीय बाजार में ईंधन के दामों में उछाल ना हो इसलिए सौदी अरब और यूएई ने ईंधन उत्पाद बढाने के संकेज दिए थे।

सौदी अरब, यूएई, ईरान यह ‘ईंधन उत्पादक देशों की ‘ओपेक’ संगठन के सदस्य है। वर्ष १९६१ में गठित इस संगठन में १४ ईंधन उत्पादक देश सदस्य है। इन में से सौदी अरब सबसे अधिक ईंधन का उत्पादन करता है। सौदी में हर दिन १ करोड ४ लाख बैरल्स ईंधन उत्पाद हो सकता है। लेकिन, पिछले महीने में ही अंतरराष्ट्रीय बाजार में ईंधन के दाम स्थिर रखने के लिए सौदी ने ईंधन उत्पाद की तादाद हर दिन ३.२५ लाख बैरल्स ने घटाने का ऐला किया था।

दो दिन पहले सौदी ने ईंधन के दामों में बढोतरी ना हो इस लिए ईंधन का उत्पादन बढाने का ऐलान किया था। लेकिन अभी तक सौदी या यूएई ने ईंधन उत्पादन में बढोतरी नही की है, यह बात ईंधन बाजार पर ध्यान रखनेवाली कंपनीयां एवं वेबसाईटस् का कहना है। लेकिन, सौदी और यूएई ने ईंधन उत्पाद में बढोतरी करने का ऐलान करने से ईरान गुस्सा हो उठा है। ‘ईंधन उत्पादक देशों की ‘ओपेक’ संगठन का सदस्य होनेवाले सौदी और यूएई ईंधन का इस्तेमाल हथियार के माफिक कर रहे है, यह आरोप ईरान के ईंधनमंत्री बिजान झांगेनेह?इन्होंने किया है।

‘‘ओपेक के टुकडे करने के लिए और इस संगठन का अंत करने के लिए यह दोनों देश अमरिका की सहयोग से ईरान और व्हेनेजुएला के विरोध में ईंधन का इस्तेमाल हथियार की तरह कर रहे है’, यह चेतावनी ईंधनमंत्री झांगेनेह इन्होंने दी है। ईरान में ईंधनसंबंधी प्रदर्शनी में बोलते समय ईरान के ईंधनमंत्री सौदी और यूएई का सीधे तौर पर जिक्र करने से दूर रहे। लेकिन, ईरान की ईंधन निर्यात ‘झिरो’ करने के लिए सौदी और यूएई सहायता कर रहे है, यह आरोप उन्होंने रखा।

इसी दौरान, अमरिका के प्रतिबंधों की वजह से ईरान और व्हेनेजुएला यह दोनों ‘ओपेक’ संस्थापक सदस्य देशों की ईंधन निर्यात में गिरावट हो रही है। व्हेनेजुएला के ईंधन उत्पादन में प्रति दिन १० लाख बैरल्स की कमी हुई है। अमरिका के प्रतिबंधों की वजह से व्हेनेजुएला और ईरान के ईंधन उत्पाद में और भी गिरावट होने की संभावना व्यक्त की जा रही है। इस गिरावट का असर ईंधन के दामों पर भी होने लगा है। ईंधन के दाम पिछले छह महीनों में उच्च स्तर पर है। यह स्थिति ईंधन का उत्पाद करनेवाले देशों के लिए अनुकूल है। लेकिन, ईंधन की आयात कर रहे देशों की अर्थव्यवस्था पर ईंधन के बढते दामों से बना दबाव लगातार बढ रहा है।

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