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हौथी बागियों ने किये बडे हमले में सौदी एवं मित्रदेशों के ५०० सैनिक ढेर – हमले का ईरान ने किया समर्थन

सना/तेहरान – येमन में हौथी बागियों ने सौदी अरब की सीमा पर बने लष्करी अड्डे पर किए बडे हमलें में ५०० सैनिक मारे गए है, यह दावा हौथी बागियों का प्रवक्ता मोहम्मद अब्दुल सलाम ने किया है| साथ ही सौदी और अरब मित्रदेशों के करीबन दो हजार सैनिकों को हौथी बागियों ने कब्जे में किया है, यह ऐलान ‘सलाम’ ने किया है| सौदी और अरब देशों की इस लष्करी मोर्चे का नेतृत्व पाकिस्तान के भूतपूर्व सेनाप्रमुख राहिल शरिफ के हाथ में था|

हौथी बागियों ने सौदी के लष्करी अड्डे पर किए इस हमलें की अधिक जानकारी रविवार के दिन अंतरराष्ट्रीय माध्यमों के सामने रखी गई| सौदी के ‘नजरान’ के लष्करी अड्डे पर पहले भी हौथी बागियों ने हमला किया था| हर बार इस लष्करी अड्डे पर सौदी के ही सैनिक तैनात थे| इस पृष्ठभूमि पर पिछले हफ्ते में हौथी बागियों ने सौदी के सैनिकों पर मिसाइल और ड्रोन्स से हमलें किए| इसके बाद सौदी की सेना और हौथी बागियों में करीबन ७२ घंटे संघर्ष हुआ|

इस संघर्ष में हावी होकर हौथी बागियों ने लष्करी अड्डे पर धांवा बोला और तभी सौदी और मित्रदेशों के सैनिक इस लष्करी अड्डे से भाग निकले| इस दौरान हुई हौथी बागियों की कार्रवाई में मित्रदेशों के ५०० सैनिक मारे गए, यह जानकारी बागियों का प्रवक्ता मोहम्मद अब्दुल सलाम एवं याह्या सरी ने दी| अभी भी सौदी और मित्रदेशों के दो हजार सैनिक अपनी हिरासत में होने का दावा हौथी बागियों ने किया है| साथ ही इस हमले का वीडियो और फोटो भी हौथी बागियों ने प्रसिद्ध किए है| इनमें से एक वीडियो में सौदी और मित्रदेशों के सैनिक हौथी बागियों के सामने घुटनें टिकते नजर आ रहे है|

‘अपनी हिरासत में होनेवाले सैनिकों की फिक्र है तो सौदी और अरब मित्रदेशों के सैनिक येमन से पीछे हटें| लेकिन, सौदी और अरब मित्रदेशों ने हमारे विरोध में हमलें किए तो इसके आगे भी सौदी पर ऐसे ही कार्रवाई करेंगे’, यह धमकी भी हौथी बागियों ने दी है| साथ ही अपनी मांगे मंजूर करने के अलावा सौदी के सामने दुसरा विकल्प नही है, यह दावा भी बागियों के प्रवक्त सलाम ने किया|

इस दौरान हौथी बागियों ने अपने कब्जे से ३५० कैदियों को रिहा करने का ऐलान किया है| इसमें तीन सौदी नागरिकों का भी समावेश होगा| लेकिन, हौथी बागियों के कब्जे में होनेवाले सौदी और अरब देशों के सैनिकों को लेकर समझौता नही होगा, यह भी बागियों ने स्पष्ट किया|

तीन वर्ष पहले सौदी अरब और अरब-इस्लामी देशों ने आतंकवाद के विरोध में ‘इस्लामिक मिलिटरी काउंटर टेररिझम कोएलिशन’ (आईएमसीटीसी) का गठन किया था| नाटो की तरह अरब-इस्लामी देशों का आतंकवाद के विरोध में इस लष्करी संगठन का निर्माण करके सौदी ने ‘आईएमसीटीसी’ का नेतृत्व पाकिस्तान के भूतपूर्व सेनाप्रमुख राहिल शरिफ के हाथ में सौंपा था| वर्ष २०१७ से शरिफ इस लष्करी मोर्चे का नेतृत्व कर रहे थे|

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