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लगातार तीसरीं तिमाही में चीन की अर्थव्यवस्था को बडा झटका – जीडीपी की छह प्रतिशत तक गिरावट

बीजिंग – चीन की अर्थव्यवस्था इस वर्ष शुरू से ही गिरावट का सामना कर रही है| चीन की अर्थव्यवस्था की गिरावट का यह सिलसीला लगातार तीसरीं तिमाही में भी कायम है| जुलाई से सितंबर २०१९ के तीन महीनों में चीन की अर्थव्यवस्था इस गिरावट में छह प्रतिशत तक जा पहुंची है| यह गिरावट वर्ष १९९२ के बाद का सबसे निचला स्तर समझा जा रहा है| कुछ दिन पहले ही अमरिका और चीन के बीच पहले स्तर का व्यापारी समझौता होने की बात सामने आयी थी| इस पृष्ठभूमि पर सामने आए यह आंकडें चीन की चिंता में नई बढोतरी करनेवाली साबित हो रही है|

चीन के नैशनल ब्युरो ऑफ स्टॅटिस्टिक्सने शुक्रवार के दिन तीसरीं तिमाही के आर्थिक विकास के आंकडे घोषित किए| इसके अनुसार सितंबर महीने में खतम हुई तिमाही में चीन का विकास दर मात्र छह प्रतिशत तक सीमित रहा है| इससे पहले अप्रैल से जून २०१९ की तिमाही में यही दर ६.२ प्रतिशत दर्ज हुआ था| इशके बाद चीन की हुकूमत ने युआनचलन के अवमुल्यन से बैंकों को अतिरिक्त निधी देने तक कई उपाय किए थे|

लेकिन, इससे जरूरी कामयाबी प्राप्त ना होने की बात नई गिरावट से साबित हुई है| चीन की अर्थव्यवस्था की इस गिरावट का झटका एशियाई शेअर बाजारों को भी लगा दिख रहा है|

पिछले वर्ष अमरिकी राष्ट्राध्यक्ष डोनाल्ड ट्रम्प ने चीन के उत्पादों पर कर लगाकर व्यापारयुद्ध की शुरूआत की थी| करों के साथ ही चीन का निवेष रोकना, चीन की कंपनियों पर प्रतिबंध लगाने के आक्रामक निर्णय भी ट्रम्प ने किए थे| अमरिका के साथ शुरू हुए इस व्यापारयुद्ध की वजह से चीन की अर्थव्यवस्था को पिछले कुछ महीनों से लगातार बडे झटके लग रहे है और आर्थिक विकास निचले स्तर पर जा पहुंचना चीन की अर्थव्यवस्था के लिए सबसे बडा झटका साबित हुआ है| इस वर्ष के पहली तिमाही में चीन का आर्थिक विकास दर ६.४ प्रतिशत तक सीमित रहा था|

इसके बाद देश की आयातनिर्यात एवं अर्थव्यवस्था की रीड होेनेवाले उत्पाद क्षेत्र के निदेशांक भी लगातार गिरावट का सामना कर रहे थे| लेकिन, फिर भी चीन की हुकूमत यह स्थिति न्यू नॉर्मलहोने की बात कहकर अर्थव्यवस्था में अतिरिक्त रकम सप्लाई करने की एवं अर्थव्यवस्था को गति देने की कोशिश कर रही थी| पर, इसी दौरान चीन के वरिष्ठ नेतृत्व को अर्थव्यवस्था दबाव में होने की बात स्वीकारनी पडी थी| चीन की अर्थव्यवस्था काफी बडे दबाव में है और उसकी गिरावट शुरू हुई है, ऐसा प्रधानमंत्री ली केकिआंग ने कहा था|

दुसरी ओर अमरिका ने चीन पर लगाए करों की वजह से चीन की अर्थव्यवस्था टुट गिरी है, यह फटकार राष्ट्राध्यक्ष डोनाल्ड ट्रम्प ने लगाई थी| ‘अमरिका ने चीन पर लगाए करों की वजह से चीन की कई कंपनियां एवं कर ना होनेवाले देशों में जा रही है| हजारों कंपनियां चीन से बाहर हो रही है, यह कहकर ट्रम्प ने चीन की अर्थव्यवस्था में हो रही गिरावट की ओर ध्यान केंद्रीत किया था| साथ ही चीन की हुकूमत ने गडबडी करके प्रसिद्ध किए आंकडे गुमराह करनेवाले है और असल में चीन की आर्थिक गिरावट घोषित आंकडों से कई अधिक होने का दावा अमरिकी प्रसार माध्यमों ने किया था|

राष्ट्राध्यक्ष ट्रम्प और अमरिकी प्रसार माध्यमों ने किए यह दावे सच साबित हो रहे है, यही बात चीन की इस नई गिरावट से साबित हो रही है| आर्थिक विशेषज्ञ बो झुआंग ने अगले छह महीने चीन की आर्थिक गिरावट बरकरार रहेगी, यह संभावना व्यक्त की है| ‘कैपिटल इकॉनॉमिक्सके आर्थिक विश्‍लेषक ज्युलिअन इव्हान्सप्रिटचार्ड ने अमरिका के साथ व्यापारी समझौता होने के बाद चीन की अर्थव्यवस्था में बदलाव होने की संभावना से इन्कार किया है|

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