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माली में हुए भीषण हमले में ५४ सैनिक मारे गए

बमाको – माली के मेनाका क्षेत्र में लष्करी अड्डेपर हुए भयंकर आतंकी हमले में कम से कम ५४ सैनिक मारे गए है| शुक्रवार के दिन हुए इस हमले में ‘अल कायदा’ से जुडी संगठन का हाथ होने की जानकारी प्राप्त हुई है| इस संगठन ने ‘इंदेलिमेन’ के लष्करी अड्डे पर तीन आत्मघाती विस्फोट करवाए| माली के लष्करी अड्डे पर हुया यह दुसरा सबसे बडा आतंकी हमला साबित हुआ है| इससे पहले अक्टुबर महीने में आतंकियों ने हमला करके माली के ४० सैनिकों की हत्या की थी|

   

शुक्रवार के दिन नायजर की सीमा से जुडे मेनाका प्रांत में बने लष्करी अड्डे को आतंकियों ने लक्ष्य किया| ‘इंदेलिमेन’ का यह लष्करी अड्डा नायजर सीमा और उत्तरी माली में शुरू आतंकविरोधी मुहीम के लिए अहम समझा जा रहा था| इस वजह से इस अड्डे पर हुआ यह हमला माली के लिए काफी बडा झटका साबित हुआ है| माली में फिलहाल अल कायदा और ‘आयएस’ यह दोनों आतंकी संगठन कार्यरत है और ‘इंदेलिमेन’ में किया गया हमला ‘अल कायदा’ से जुडे गुट ने किया होगा, यह आशंका व्यक्त की जा रही है|

‘इंदेलिमेन’ में हुए हमले में तीन आतंकियों ने लष्करी अड्डे पर घुसपैठ करके आत्मघाती विस्फोट करवाए| इन धमाकों में काफी बडी संख्या में जीवित हानी हुई है और हमले में काफी ज्यादा संख्या में लोग जख्मी भी हुए है| इस वजह से अगले कुछ दिनों में हमले में जान से हाथ देनेवालों की संख्या बढेगी, यह डर भी सूत्रों ने व्यक्त किया है| हमले के बाद इस अड्डे पर अतिरिक्त सैनिक तैनात किए गए है और सर्च ऑपरेशन भी शुरू किया गया है, यह जानकारी माली की सेना ने घोषित की| अफ्रीकी महाद्विप में ‘साहेल क्षेत्र’ के तौर पर पहचाने जा रहे देशों में आतंकवादी संगठन काफी बडी तादाद में सक्रिय होने की बात पिछले वर्ष से दिखाई दे रही है| माली, नायजर, बुर्किना फासो जैसे देशों में लगातार आतंकी हमलें हो रहे है और इसमें लष्करी अड्डों को लक्ष्य किया जा रहा है|

दो महीनों पहले अफ्रीकी देशों ने एक होकर आतंकवाद के विरोध में मुहीम को गति देने का और इस मुहीम के लिए १ अरब डॉलर्स का प्रावधान करने का निर्णय किया था| इस निर्णय में ‘जी५ साहेल फोर्स’ की लष्करी ताकद बढाना, प्रशिक्षण एवं अत्याधुनिक हथियार प्रदान करने का निर्णय हुआ था| पर, आतंकी संगठनों के हमलों पर इन प्रावधानों का कुछ भी असर नही हुआ है, यही बात लगातार हो रहे आतंकी हमलों से दिख रहा है|

लगातार हो रहे आतंकी हमलों से अफ्रीकी देशों की सेना के मनोबल पर असर हो रहा है, यह दावा स्थानिय विश्‍लेषक कर रहे है| यही इन आतंकी हमलों का लक्ष्य होने के स्पष्ट संकेत प्राप्त हो रहे है|

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