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चीन की हरकतें रोकने के लिए वियतनाम को जापान से छह गश्‍तीपोत प्राप्त होंगे

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टोकियो/हनोई – चीन ने साउथ चायना सी के क्षेत्र में शुरू की हुई उकसानेवाली हरकतों को रोकने के लिए जापान ने वियतनाम को छह प्रगत गश्‍तीपोत देने का निर्णय किया है। जापान ने इससे पहले फिलिपाईन्स की नौसेना को भी गश्‍तीपोत प्रदान किए है और वियतनाम जापान से यह पोत प्राप्त करनेवाला साउथ चायना सी क्षेत्र का दूसरा अहम देश बना है। इसी बीच चीन ने अपने रक्षाबलों को साउथ चायना सी में अमरिकी रक्षाबल सामने आने पर उन्हें पहले ना उकसाएं, यह सावधानी बरतने की सलाह देने की ख़बर भी सामने आई है।

साउथ चायना सी क्षेत्र में बनी युद्ध की स्थिति अपनी दहलिज तक पहुंचने का इशारा बीते कुछ दिनों में लगातार दिया जा रहा है। अमरीका और चीन इन दोनों देशों ने इस क्षेत्र में रक्षा तैनाती में बड़ी आक्रामकता के साथ बढ़ोतरी करने का दाखिला इसके लिए दिया जा रहा है। अमरीका ने साउथ चायना सी क्षेत्र के आसियान देशों को हथियारों से सज्जित करने की गतिविधियां शुरू हुई हैं और इसके लिए मित्रदेशों की सहायता भी प्राप्त की जा रही है। ऑस्ट्रेलिया और दक्षिण कोरिया के साथ जापान ने इन देशों के साथ किए समझौते भी इसी कोशिश का हिस्सा हैं।

बीते कुछ महीनों में वियतनाम के समुद्री क्षेत्र में चीन की घुसपैठ होने के खतरे में बड़ी बढ़ोतरी हुई है। अप्रैल महीने में चीन क एक गश्‍तीपोत ने वियतनाम का जहाज़ टकराने से – डूबने की घटना भी हुई थी। इस पृष्ठभूमि पर वियतनाम ने अपनी समुद्री सुरक्षा मज़बूत करने के लिए तटरक्षक बल की क्षमता बढ़ाने का निर्णय किया है। जापान और वियतनाम के बीच छह प्रगत गश्‍तीपोत के विषय में समझौता हुआ है और यह समझौता इसी निर्णय का हिस्सा है। इन गश्‍तीपोत के लिए 40 करोड़ डॉलर्स खर्च होंगे और इनमें से 35 करोड़ डॉलर्स जापान आर्थिक सहायता के तौर पर वियतनाम को दे रहा है। वर्ष 2025 तक यह गश्‍तीपोत वियतनाम के तटरक्षक बल का हिस्सा होंगे, यह जानकारी सूत्रों ने दी।

इसी बीच, बीते सप्ताह तक साउथ चायना सी क्षेत्र में मौजूद अमरिकी युद्धपोत और लड़ाकू विमानों को धमका रहे चीन ने यकायक नरमाई दिखाई है। साउथ चायना सी में अमरिकी सेना सामने आने पर उसे उकसानेवाली हरकत ना करें, यह सूचना चीन के वरिष्ठ नेतृत्व ने अपने रक्षाबलों से की है। हाँगकाँग स्थित साउथ चायना ’मॉर्निंग पोस्ट’ नामक अख़बार ने इससे संबंधित वृत्त जारी किया है। इसके पीछे बीते सप्ताह में अमरीका और चीन के रक्षामंत्रालय के बीच फोन पर हुई चर्चा कारण होने की बात समझी जा रही है।

अमरिकी रक्षामंत्री मार्क एस्पर ने बीते सप्ताह में चीन के रक्षामंत्री जनरल बी फेंगहे के साथ फोन पर चर्चा की। इस चर्चा से संबंधित अधिकृत निवेदन भी अमरिकी रक्षा विभाग ने जारी किया है। इस चर्चा के दौरान अमरिकी रक्षामंत्री ने साउथ चायना सी और तैवान के करीब चीन की जारी गतिविधियों का भी मुद्दा उपस्थित किया। दो देशों में खतरा या संभावित संघर्ष की स्थिति निर्माण होने से बचने के लिए संवाद का विकल्प खुला रखना अहम होने पर दोनों देशों के नेताओं की सहमति हुई है, ऐसा कहा गया है। इस चर्चा के बाद चीन ने साउथ चायना सी में अपने रक्षाबलों को अमरीका के विरोध में उकसानेवाली कार्रवाई करने से दूर रहने की सलाह दी है, इस ओर साउथ चायना मॉर्निंग पोस्ट ने ध्यान आकर्षित किया है।

बीते महीने में अमरीका ने अपने दो विमान वाहक युद्धपोत साउथ चायना सी में तैनात किए थे। इसके बाद भी अमरीका के लड़ाकू विमान, बॉम्बर्स, गश्‍ती विमान एवं ड्रोन्स इस क्षेत्र में लगातार गश्‍त लगा रहे हैं। अगले सप्ताह में अमरिकी नौसेना का महत्वाकांक्षी युद्धाभ्यास ‘रिम ऑफ पैसिफिक 2020’ शुरू हो रहा है। अमरीका के साथ 25 देशों की नौसेना इस युद्धाभ्यास में शामिल हो रही है। इसी बीच दूसरी ओर चीन ने भी एक के बाद एक युद्धाभ्यास का आयोजन करना जारी रखा है। अगले कुछ दिनों में पैसिफिक महासागर के गुआम स्थित अमरिकी रक्षा अड्डे के करीब भी युद्धाभ्यास करने के संकेत चीन के रक्षाबलों ने दिए हैं। इसी बीच दोनों दशों की सेना एक-दूसरे के सामने आने की संभावना है और इससे संघर्ष की चिंगारी भड़क सकती है। इस पृष्ठभूमि पर चीन ने अपने रक्षाबलों को सावधानी बरतने के लिए सूचना करना ध्यान आकर्षित कर रहा है।

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