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अमरिकी ‘स्पाय प्लेन’ की घुसपैठ करना उकसानेवाली हरकत है – चीन की कड़ी चेतावनी

बीजिंग – चीन के रक्षाबलों ने शुरू किए लाईव फायर के युद्धाभ्यास के दौरान अमरीका ने ‘स्पाय प्लेन’ के ज़रिए की हुई घुसपैठ की कोशिश उकसानेवाली हरकत हैं और इससे कोई दुर्घटना भी हो सकती है, ऐसी कड़ी चेतावनी चीन ने जारी की है। चीन के ‘पीपल्स लिब्रेशन आर्मी’ ने फिलहाल तीन अलग अलग क्षेत्रों में युद्धाभ्यास शुरू किया है। इनमें से नॉर्दर्न थिएटर कमांड के युद्धाभ्यास में अमरीका के ‘यू-२ स्पाय प्लेन’ ने नो फ्लाय ज़ोन में घुसपैठ करने का आरोप चीन ने किया है। अमरीका ने यह आरोप स्पष्ट शब्दों में ठुकराया है और अपनी मुहीम आगे भी जारी रहेगी, यह इशारा भी दिया। अमरीका और चीन ने ‘इंडो-पैसेफिक’ क्षेत्र में लष्करी ताकत का जोरदार प्रदर्शन करना शुरू किया है। इससे संघर्ष की चिंगारी भड़क सकती है, ऐसी चेतावनी विश्‍लेषकों ने पहले ही दी है।

चीन के पिपल्स लिब्रेशन आर्मी ने फिलहाल एक ही समय पर तीन समुद्री क्षेत्रों में युद्धाभ्यास शुरू किया है। इनमें साउथ चायना सी, तैवान की खाड़ी और येलो सी का समावेश है। तीन अलग अलग क्षेत्रों में हमला होने पर प्रत्युत्तर देने का युद्धाभ्यास हो रहा है। तीन अलग अलग समुद्री क्षेत्रों में एक ही समय पर युद्धाभ्यास करने का यह पहला अवसर है। पिपल्स लिब्रेशन आर्मी के नॉर्दर्न थिएटर कमांड ने कोरिया के करीबी येलो सी में युद्धाभ्यास करना शुरू किया है। इस दौरान लाईव फायर एक्सरसाईज्‌ के लिए चीन ने ‘नो फ्लाय ज़ोन’ घोषित किया था।

मंगलवार के दिन चीन के शान्डाँग इस विमान वाहक युद्धपोत के नेतृत्व में यह युद्धाभ्यास हो रहा था। इसी बीच अमरीका के ‘यू-२ स्पाय प्लेन’ ने इस युद्धाभ्यास के लिए नोफ्लाय ज़ोन किए हुए क्षेत्र में प्रवेश किया, यह आरोप चीन ने किया है। अमरिकी स्पाय प्लेन की घुसपैठ इस युद्धाभ्यास में हुई गंभीर दखलअंदाज़ी साबित होती है। चीन और अमरीका के साथ अंतरराष्ट्रीय स्तर के हवाई एवं समुद्री क्षेत्र के नियमों का उल्लंघन किया गया है। अमरीका की यह हरकत यानी उकसानेवाली करतूत साबित होती है, ऐसी कड़ी चेतावनी चीन के रक्षाविभाग के प्रवक्ता कर्नल वु किआन ने दी है।

अमरिकी स्पाय प्लेन की गतिविधियों की वजह से बड़ा हादसा या उससे भी अधिक गंभीर बात हो सकती थी, यह आरोप भी चीन के रक्षा विभाग ने किया है। चीन के रक्षा एवं विदेश विभाग ने इस घटना का तीव्र निषेध दर्ज़ किया है। अमरीका का यह स्पाय प्लेन दक्षिण कोरिया स्थित अड्डे से भेजा गया था, यह दावा भी चीन के लष्करी सूत्रों ने किया है। चीन का यह आरोप और चेतावनी अमरीका ने स्पष्ट शब्दों में ठुकराई है।

‘यू-२’ की मुहीम विमानों के लिए तैयार की गई थी और वह अंतरराष्ट्रीय नियम और दायरे के तहत ही की गई थी। इसके आगे भी पैसेफिक क्षेत्र में स्थित अमरीका का हवाई अड्डा अंतरराष्ट्रीय नियम और अमरीका की नीति के अनुसार समय समय पर ऐसी सक्रिय मुहीम करेगा, इन शब्दों में अमरीका ने चीन के सभी दावे ठुकराए हैं। ‘यू-२’ एक ‘हाय अल्टिट्यूड रिकनेसन्स एअरक्राफ्ट’ है और किसी भी माहौल में ७० हज़ार फीट ऊंचाई पर लगातार १२ घंटे उड़ान भरने की क्षमता रखता है। बीते छह दशकों से भी अधिक समय से यह ‘स्पाय प्लेन’ अमरिकी रक्षाबलों में कार्यरत है।

मंगलवार के दिन ‘यू-२’ विमान की गतिविधियों के कारण बने तनाव की पृष्ठभूमि पर ही बुधवार के दिन अमरीका के ‘आरसी-१३५एस’ इस गश्‍ती विमान ने साउथ चायना सी में उड़ान भरने की बात सामने आयी है। चीन के हैनान आयलैंड़ के करीबी पिपल्स लिब्रेशन आर्मी का युद्धाभ्यास हो रहा है। इस क्षेत्र के करीब अमरिकी विमान ने गश्‍त करने का दावा चीनी अभ्यासगुट ने किया है। अमरिकी विमानों की इन गतिविधियों पर चीनी प्रसारमाध्यमों ने कड़ी प्रतिक्रिया दर्ज़ की है। ग्लोबल टाईम्स ने वर्ष १९६०-७० के दशक में चीन के रक्षाबलों ने अमरीका के पांच गश्‍ती विमान गिराए थे, इसकी याद भी ताज़ा की है।

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