‘आर्टिफीशियल इंटेलिजेंस’ में वर्चस्व पाने के लिए चीन की जोरदार गतिविधियाँ

- अमरिकन योजना की नकल करने का आरोप

‘आर्टिफीशियल इंटेलिजेंस’ में वर्चस्व पाने के लिए चीन की जोरदार गतिविधियाँ

बीजिंग/वॉशिंगटन: दुनिया के प्रमुख शोधकर्ता, वैज्ञानिक, उद्योजक और विविध क्षेत्र के विशेषज्ञ ‘आर्टिफीशियल इंटेलिजेंस’ के मुद्दे को लेकर सावधानी के इशारे दे रहे हैं, ऐसे में चीन जैसे प्रमुख देश ने इसमें वर्चस्व पाने के लिए जोरदार गतिविधियाँ शुरू की हैं। इस क्षेत्र के वर्तमान के प्रमुख देश अमरीका, जापान और यूरोपीय देशों को पीछे डालने के लिए चीन ने महत्वकांक्षी योजना बनाई है, यह योजना अमरीका के योजना की नकल होने की बात सामने आयी है। इस योजना में, सन २०३० में चीन अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर ‘आर्टिफीशियल इंटेलिजेंस’ क्षेत्र का नेतृत्व करेगा, ऐसी भविष्यवाणी की गई है।

वर्चस्व पानेजुलाई महीने में चीन सरकार ने, ‘कृत्रिम बुद्धिमत्ता’ अर्थात आर्टिफीशियल इंटेलिजेंस क्षेत्र में वर्चस्व पाने के लिए योजना की घोषणा की है। ‘नेक्स्ट जनरेशन आर्टिफीशियल इंटेलिजेंस डेवलपमेंट प्लान’ नाम के इस योजना में तीन चरणों में चीन इस क्षेत्र में प्रमुख बनने के लिए कदम उठाएगा, ऐसा कहा गया है। चीन की यह भविष्यकालीन योजना पिछले वर्ष अमरिकी प्रशासन ने प्रस्तुत किए हुए रिपोर्ट की नकल होने का दावा, अमरीका की प्रमुख वेबसाइट ने किया है। अमरीका के भूतपूर्व राष्ट्राध्यक्ष बराक ओबामा के कार्यकाल में यह रिपोर्ट प्रस्तुत की गई थी।

चीन के इस महत्वाकांक्षी अजेंडे ने अमरिकी रिपोर्ट की सामरिक सिफारिश के साथ महत्वपूर्ण प्रावधानों की नकल करने का दावा वेबसाइट की खबर में किया गया है। ‘आर्टिफीशियल इंटेलिजेंस’ क्षेत्र दीर्घकालीन निवेश बढ़ाना, सरकारी और नीजी उपक्रमों में सहकारिता पर जोर देना, इस क्षेत्र के लिए नया मनुष्यबल तैयार करना, ‘आर्टिफीशियल इंटेलिजेंस’ के खतरे और समाज पर होने वाले परिणामों का अभ्यास करना, जैसी बातों की चीन ने अमरिकी रिपोर्ट से नकल की है, ऐसा इस खबर में स्पष्ट किया गया है। चीन ने की हुई नकल की जानकारी दी जा रही है, लेकिन अमरीका ‘आर्टिफीशियल इंटेलिजेंस’ के नीधि को कम कर रहा है इस बात पर नारजगी भी जताई जा रही है।

चीन के ‘नेक्स्ट जनरेशन आर्टिफीशियल इंटेलिजेंस डेवलपमेंट प्लान’ में तीन चरणों का उल्लेख किया गया है। उसमे से पहला चरण २०२० साल तक का, दूसरा चरण२०२५ साल तक का और तीसरा चरण २०३० साल तक का होगा। इन चरणों तक पहुंचने के लिए चीन सरकार ‘एआई प्लान प्रमोशन ऑफिस’ इस स्वतंत्र विभाग का निर्माण करने वाली है।

पहले चरण में दुनिया भर में ‘आर्टिफीशियल इंटेलिजेंस’ क्षेत्र में प्रमुख देशों की तरह तकनीकी प्रगति करना और इस क्षेत्र के उद्योग तथा मनुष्यबल विकसित करना यह उद्दिष्ट रखा गया है। दूसरे चरण में इनी देशों को पीछे छोड़कर प्रमुख बनते हुए चीन की औद्योगिक प्रगति और आर्थिक बदलाव के लिए ‘आर्टिफीशियल इंटेलिजेंस’ की सहायता लेने का उद्देश्य है। अंतिम चरण में चीन विश्व स्तर पर ‘आर्टिफीशियल इंटेलिजेंस हब’ के तौर पर सामने आएगा, ऐसी भविष्यवाणी की जा रही है।

कुछ दिनों पहले ही, रशिया के राष्ट्राध्यक्ष व्लादिमीर पुतिन ने, जो भी देश आर्टिफीशियल इंटेलिजेंस क्षेत्र में अगाड़ी पर होगा वही दुनिया पर राज्य करेगा’ ऐसा दावा किया था। इस पृष्ठभूमि पर चीन ने इस क्षेत्र के वर्चस्व के लिए शुरू की हुई तैयारी ध्यान आकर्षित करने वाली है।

 

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