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तैवान स्वतंत्र और सार्वभौम देश है – तैवान के उप-राष्ट्राध्यक्ष लई चिंग-ते का चीन को इशारा

तैपेई/बीजिंग/कैनबेरा – ‘तैवान स्वतंत्र और सार्वभौम देश हैं। चीन के नियंत्रण का क्षेत्र नहीं है। ऐसे में इस ज़मीन पर रहनेवाले २.३० करोड़ जनता के अलावा अन्य किसीको इस देश का भविष्य तय करने का अधिकार नहीं है’, ऐसे तीखे शब्दों में तैवान के उप-राष्ट्राध्यक्ष लई चिंग-ते ने चीन की ‘वन चायना’ नीति को चुनौती दी। इसके साथ ही चीन ने तैवान में घुसपैठ की तो उन्हें प्रत्युत्तर देनेवाले हथियार हमारे हाथ में होने का इशारा तैवान के रक्षामंत्री ने दिया।

रविवार के दिन तैवान में ‘ग्लोबल तैवान नैशनल अफेअर्स सिम्पोज़ियम’ का आयोजन किया गया था। इस दौरान बोलते समय उप-राष्ट्राध्यक्ष लई चिंग-ते ने चीन पर हमला किया। साथ ही ‘वन चायना, टू सिस्टम्स’ नीति को आगे बढ़ा रही चीन की जिनपिंग हुकूमत में मानव अधिकारों का हो रहा उल्लंघन चरम स्तर पर जा पहुँचा है, ऐसी ज़हरिली आलोचना उप-राष्ट्राध्यक्ष चिंग-ते ने की। इसके लिए तैवान के उप-राष्ट्राध्यक्ष ने झिंजियांग प्रांत में उइगरवंशियों पर हो रहे अत्याचार, हाँगकाँग में लोकतंत्र के समर्थन में हो रहे प्रदर्शनों पर चीन की हुई कार्रवाई का ज़िक्र भी चिंग-ते ने किया।

इसके अलावा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तैवान का ज़िक्र ‘रिपब्लिक ऑफ चायना’ ऐसा ना करें और ‘रिपब्लिक ऑफ तैवान’ ऐसा करें, यह सुझाव भी इस परिषद में दिया गया। इस एक निर्णय के कारण तैवान के साथ सहयोग करना अन्य देशों के लिए आसान होगा, यह दावा तैवान की सरकार कर ही है। साथ ही इससे ‘वन चायना, टू सिस्टम्स’ को भी झटके लगेंगे, ऐसा कहा जा रहा है।

तैवान हमारा ही क्षेत्र होने का दावा चीन कर रहा है। इस तैवान पर कब्ज़ा करने के लिए राष्ट्राध्यक्ष जिनपिंग लष्करी कार्रवाई करे, ऐसी माँग चीन के पूर्व लष्करी अधिकारी एवं विश्‍लेषक कर रहे हैं। बीते तीन महीनों से चीन की कम्युनिस्ट हुकूमत भी इस माँग को अनुरूप संकेत दे रही है। दो दिन पहले ही चीन के राष्ट्राध्यक्ष ने तीन युद्धपोतों का जलावतरण किया। इसमें एक ‘ऐम्फिबियस’ युद्धपोत का भी समावेश है। इस युद्धपोत का इस्तेमाल तैवान के खिलाफ हो सकता है, ऐसा दावा चीनी माध्यम कर रहे हैं।

ऑस्ट्रेलिया के रक्षामंत्री पीटर डटन ने भी यह इशारा दिया है कि, तैवान के विरोध में चीन युद्ध का ऐलान कर सकता है। चीन ने तैवान को अपना हिस्सा बनाने का ऐलान कई बार किया है और इसके लिए तैवान के खिलाफ चीन द्वारा लष्करी कार्रवाई की संभावना से इन्कार नहीं किया जा सकता। कुछ दिन पहले ऑस्ट्रेलिया के वरिष्ठ लष्करी अफसरों ने भी अगले दिनों में चीन तैवान पर हमला करने की संभावना होने का इशारा दिया था। ऐसा हुआ तो इसका इंडो-पैसिफिक पर काफी बड़ा असर पड़ेगा, यह इशारा भी ऑस्ट्रेलिया के अफसर ने दिया था।

इसी बीच, चीन की सेना ने हमारी सीमा में घुसपैठ की तो उसे प्रत्युत्तर देने के लिए पूरी तैयारी हमने की है। चीन को प्रत्युत्तर देनेवाले हथियार हमारे देश में हैं, ऐसा बयान तैवान के रक्षामंत्री ली शि-चियांग ने किया है।

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