रशिया के यूक्रैन पर हमला करने से तीसरा विश्‍वयुद्ध छिड़ जाएगा

- यूक्रैन के मंत्री का इशारा

spark World War

किव/मास्को  – रशिया का यूक्रैन पर हमला सिर्फ यूक्रैन तक ही सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इससे व्यापक संघर्ष शुरू होगा और तीसरा विश्‍वयुद्ध छिड़ सकता है, यूक्रैन के मंत्री ने यह चेतावनी दी है| मौजूदा भूराजनीतिक स्थिति पर सोचा जाए तो ऐसा होना मुमकिन है, ऐसा इशारा यूक्रैन की ‘वेटरन्स मिनिस्टर’ युलिआ लैपुटिना ने दिया| कुछ दिन पहले ही रशिया के उप-विदेशमंत्री ने भी बड़े संघर्ष का इशारा दिया था| रशिया विरोधी गतिविधियों के लिए यूक्रैन अड्डा नहीं बनेगा, इसकी गारंटी दें वरना बड़े संघर्ष का खतरा उठाएँ, यह इशारा रशिया के उप-विदेशमंत्री सर्जेई रिब्कोव ने दिया था|

spark World Warरशिया ने यूक्रैन की सीमा से करीबी इलाके में लगभग १ लाख सैनिकों को तैनात करने के दावे पिछले कुछ दिनों से लगातार सामने आ रहे हैं| इन दावों के साथ ही रशिया की सैन्य गतिविधियों की जानकारी साझा करनेवाले फोटो भी प्रसिद्ध हुए हैं| इससे पश्‍चिमी देश आक्रामक रवैया अपनाकर रशिया को गंभीर परिणामों का अहसास करा रहे हैं| रशिया और पश्‍चिमी देशों के बीच लगातार जुबानी मुठभेड़ जारी है और दोनों ओर से एक-दूसरे को इशारे और जवाबी इशारे दिए जा रहे हैं| यूक्रैन की मंत्री का इशारा भी इसी का हिस्सा दिखता है|

‘रशिया के राष्ट्राध्यक्ष व्लादिमीर पुतिन ने यूक्रैन पर हमला करने के आदेश दिए तो इसका असर सिर्फ यूक्रैन तक ही सीमित नहीं रहेगा और यह लंबे समय तक असर करेगा| रशिया के हमले को सिर्फ यूक्रैन में रोकना संभव नहीं होगा| यूक्रैन के बाद रशिया बाल्कन देशों को भी लक्ष्य कर सकती है, इसका ध्यान रखना होगा| सर्बिया के माध्यम से रशिया बाल्कन क्षेत्र की स्थिति को उकसाने की कोशिश कर रही है| संघर्ष का दायरा अधिक बढ़कर इससे तीसरां विश्‍वयुद्ध छिड़ सकता है’, यह इशारा यूक्रैन की ‘वेटरन्स मिनिस्टर’ युलिआ लैपुटिना ने दिया| मौजूदा भू-राजनीतिक स्थिति पर सोचें तो यह होना मुमकिन है, यह दावा भी उन्होंने किया|

गुरुवार को यूरोपिय महासंघ की बैठक के दौरान भी यूक्रैन को लेकर रशिया के खतरे पर प्रमुखता से बातचीत हुई| कुछ यूरोपिय नेताओं ने रशिया के हमले का खतरा यूक्रैन के आगे भी होने का दावा ठोक दिया| यूरोप में पिछले तीन दशकों में सबसे खतरनाक स्थिति बनने का दावा लिथुआनिया के राष्ट्राध्यक्ष गितानस नौसेडा ने किया| इसी बीच यूक्रैन के मुद्दे पर रशिया और अमरीका के बीच फिर से बातचीत हो सकती है, ऐसे संकेत रशिया ने दिए हैं| पिछले हफ्ते ही रशिया के राष्ट्राध्यक्ष व्लादिमीर पुतिन और अमरीका के राष्ट्राध्यक्ष ज्यो बायडेन की चर्चा हुई थी| लेकिन, इससे कुछ भी हासिल नहीं हुआ था| बल्कि, इस चर्चा के बाद दोनों ओर से अधिक आक्रामक स्वर आलापा गया था| इस पृष्ठभूमि पर रशिया द्वारा नई चर्चा के संकेत देना अहमियत रखता है|

इससे पहले वर्ष २०१४ में रशिया ने यूक्रैन पर हमला करके क्रिमिया प्रांत पर कब्जा किया था| साथ ही रशिया समर्थक विद्रोही गुटों ने पूर्व यूक्रैन के डोन्बास नामक इलाके पर कब्ज़ा किया था| इसके बाद वर्णित क्षेत्र में बीते सात वर्षों से लगातार मुठभेड़ और संघर्ष जारी हैं और इस दौरान अब तक १५ हज़ार से अधिक के मारे जाने की बात कही जा रही है|

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