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अमरीका और उत्तर कोरिया ‘ऑगस्ट क्राइसिस’ रोके- चीन के विदेशमंत्री की सलाह

बीजिंग/मॉस्को: कोरियन क्षेत्र में बढ़ते तनाव को देखते हुए तृतीय महायुद्ध होगा, यह संकेत चीन ने दिया था। अमरीका और उत्तर कोरिया अपने शब्दों और कृतियों पर ‘ब्रेक’ लगाते हुए कोरियन क्षेत्र में निर्माण हुए तनाव को कम करने का प्रयत्न करें। अगर यह होता है तो ‘अगस्त क्राइसिस’ रोका जा सकता है, यह बयान चीन के विदेश मंत्री ‘वैंग यी’ ने दिया है। शतक पहले युरोपीय देशों में बढ़ते तनाव की वजह से महायुद्ध की शुरुआत हुई थी। इस तनाव का उल्लेख ‘जुलाई क्राइसिस’ ऐसा किया जाता है। इस संदर्भ का उपयोग करते चीन के विदेश मंत्री ने कोरियन क्षेत्र का यह तनाव तृतीय महायुद्ध का कारण बन सकता है, यह कहते हुए आगाह किया।

तृतीय महायुद्ध

चीन के विदेशमंत्री ‘वैंग ई’ ने दो दिनों पहले रशिया के विदेशमंत्री सर्जेई लैवरोव्ह से उत्तर कोरिया की समस्या पर चर्चा की। अमरीका और उत्तर कोरिया ने एक दूसरों को दी धमकियों की वजह से इस क्षेत्र का तनाव बढ़ने की आशंका जताते हुए, चीन के विदेशमंत्री ने इस विषय में रशिया से सहयोग का आवाहन किया है। चीन एवं रशिया मिलकर यह ‘ऑगस्ट क्राइसिस’ रोक सकते हैं, यह विश्वास विदेशमंत्री ‘वैंग ई’ ने व्यक्त किया है।

साथ ही, अमरीका और उत्तर कोरिया की युद्धखोरी की भाषा और चेतावनीखोर करवाई शुरु रही, तो इस क्षेत्र में तनाव उच्चांक पर पहुंचेगा। इसीलिए दोनों देशों ने समझौते द्वारा यह विवाद सुलझाते हुए संघर्ष ना बढ़े, यह ध्यान में रखना चाहिए, ऐसा आवाहन चीन के विदेश मंत्री ने किया है।

रशियन विदेशमंत्री ने भी अमरीका एवं उत्तर कोरिया को शांतता से यह तनाव दूर करने का आवाहन किया है। ‘उत्तर कोरिया ने परमाणु कार्यक्रम यह मुद्दा, लष्करी कारवाई से सुलझाना, यह कोई विकल्प नहीं हो सकता। राजनैतिक मार्ग से यह समस्या सुलझाई जा सकती है, ऐसा लैवरोव्ह ने कहा।

उत्तर कोरिया के हुकुमशाह ‘किम जोंग-उन’ ने दो दिनों पहले अमरीका के ‘एशिया-प्रशांत’ सागरी क्षेत्र की गुआम द्वीप पर मिसाइल हमले करने की योजना घोषित की थी। चार मिसाइल गुआम द्वीप पर टकराएंगी यह धमकी उत्तर कोरिया ने उस समय दी थी। उत्तर कोरिया की इस धमकी से इस क्षेत्र में तनाव बहुत बड़ा था। साथ ही, उत्तर कोरिया एक नए मिसाइल परीक्षण की तैयारी करने का दावा भी उन्होंने किया था। इस पृष्ठभूमि पर, अमरीका ने कोरियन क्षेत्र में अपनी लष्करी सेना की गतिविधियां बढाई थी और गुआम द्वीप पर बॉम्बर्स विमान का हवाई अभ्यास भी किया था। जापान ने ‘एजिस’ और ‘पेट्रियौट’ यह अमरीका की मिसाइल भेदी यंत्रणा सज्ज की थी।

कोरियन क्षेत्र की यह परिस्थिति पहले महायुद्ध के पूर्व यूरोप में निर्माण हुई परिस्थिति से मेल खाती है, यह इशारा देते हुए चीन के विदेश मंत्री ने ‘अगस्त क्राइसिस’ का दाखिला दिया है। इसके उपरांत, चीनी एवं रशियन विदेश मंत्री की चर्चा के दो दिनों बाद, प्रसार माध्यम ने प्रसारित किए इस खबर को बहुत बड़ा महत्व प्राप्त हुआ है।

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