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ईरान के सर्वोच्च धर्मगुरु खामेनी हिटलर से अधिक भयंकर – सऊदी के प्रिंस मोहम्मद से कड़ी टीका

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वॉशिंगटन: ईरान के सर्वोच्च धर्मगुरु आयातुल्ला खामेनी हिटलर से अधिक भयंकर है। दुनिया में दूसरा शैतानी त्रिकुट कार्यरत है, ईरान मुस्लिम ब्रदरहुड और अलकायदा एवं आयएस यह आतंकी संगठन इन शैतानी त्रिकुट का भाग है, ऐसी कड़ी टीका सऊदी अरेबिया के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान ने की है। साथ ही ज्यू धर्मियों का अपनी भूमि पर अधिकार होने की बात कहकर प्रिंस मोहम्मद ने इस्रायल के बारे में अपनी भूमिका स्पष्ट की है। ऐसे रूप से इस्रायल को उजागर तौर पर मंजूरी देने वाले प्रिंस मोहम्मद यह अरब खाड़ी देशों के पहले सबसे महत्वपूर्ण नेता ठहरे हैं। एटलांटिस अमरिका के मैगजीन को दिए मुलाकात में प्रिंस मोहम्मद ने दुनिया भर में खलबली फैलाई है।

इस मुलाकात में प्रिंस मोहम्मद ने ईरान से इस्रायल तक कई विवादभरे मुद्दों पर अपनी आक्रामक भूमिका किसी भी बात को आड़ न रखते हुए प्रस्तुत की है। ईरान के सर्वोच्च धर्मगुरु आयातुल्ला खामेनी यह हिटलर से अधिक भयंकर है। हिटलर को केवल यूरोप जीतना था, पर आयातुल्ला खामेनी सारी दुनिया जीतना चाहते हैं, ऐसा कहकर प्रिंस मोहम्मद ने खामेनी पर कड़ी टीका की है। इससे पहले भी खामेनी के बारे में बोलते हुए प्रिंस मोहम्मद ने उनकी तुलना हिटलर से की थी। एटलांटा की मुलाकात में प्रिंस मोहम्मद ने दुनिया में नए शैतानी त्रिकुट कार्यरत होने की बात कहकर ईरान इस त्रिकुट का सबसे ऊपरी हिस्सा है, ऐसा आरोप किया है। ईरान सभी अपने कट्टरवादी विचारधारा का प्रसार कर रहा है और इस द्वारे सारी दुनिया अपने पैरों तले लाने की ईरान की महत्वकांक्षा है, ऐसा आरोप प्रिंस मोहम्मद ने किया है।

दुनिया के सामने नहीं आए हुए अपने धार्मिक नेता आने वाले समय में दुनिया के सामने आएगा और ईरान के द्वारा दुनिया पर राज करेगा, ऐसी उनकी धारणा है। ईरान के कदम भी इसी दिशा मे पड रहे हैं और ईरान को सारी दुनिया एवं अमरिका अपने धर्मगुरु के वर्चस्व में लाना है, ऐसा कहकर प्रिंस मोहम्मद ने ईरान के महत्वाकांक्षा के बारे में दुनिया को इशारा दिया है। ईरान ऐसे रुप से आगे जाते समय मुस्लिम ब्रदरहुड यह खाड़ी देशों में कार्यरत होने वाली संघटना राजनैतिक स्तर पर काम कर रही है। यह संघटना लोकतंत्र के मार्ग से खाड़ी क्षेत्र में सत्ता पर आती है और सत्ता प्राप्त होने पर इस संघटना का उपयोग अपने धर्म का साम्राज्य दुनियाभर प्रस्थापित करने के लिए शुरू करते हैं, ऐसा प्रिंस मोहम्मद ने कहा है।

अलकायदा का प्रमुख ओसामा बिन लादेन और अल जवाहिरी एवं आयएस के नेता यह सारे एक समय पर मुस्लिम ब्रदरहुड में थे, उसकी याद प्रिंस मोहम्मद ने दिलाई है। अलकायदा एवं आयएस यह आतंकी संगठन उजागर तौर पर हिंसा का उपयोग करके दुनिया जीतना एवं उसके द्वारा इस्लाम प्रस्थापित करने का प्रयत्न कर रही है, पर यह इस्लाम धर्म की सीख नहीं है। इस्लाम का प्रचार करने का आदेश ईश्वर ने दिया है, परंतु उसके लिए बल का उपयोग करने की अनुमति इस्लाम धर्म में नहीं दी जाती, ऐसा प्रिंस मोहम्मद ने मुलाकात द्वारा ठोस रूप से कहा।

इस्रायल के बारे में बोलते हुए प्रिंस मोहम्मद में अत्यंत अलग भूमिका लेकर ज्यू धर्मियों का अपने भूमि पर अधिकार होने का दावा किया है। तथा सऊदी अरेबिया ज्यू धर्मियों के विरोध में नहीं है, ऐसा प्रिंस मोहम्मद ने आगे कहा है। साथ ही आकार से छोटे होने वाले इस्राइल की वित्त व्यवस्था बड़ी होने की बात कहकर उसके लिए उन्होंने इस्रायल की प्रशंसा की है। तथा सऊदी अरेबिया एवं गल्फ को ऑपरेशन काउंसिल के एवं इस्रायल के हित संबंध एक समान होने का दावा प्रिंस मोहम्मद ने किया है।

(Courtesy: www.newscast-pratyaksha.com)

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