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चुनाव से पहले अमरीका का व्हेनेझुएला के नेताओं पर निर्बंध

व्हेनेझुएलाकॅराकस – व्हेनेझुएला में होनेवाले चुनाव से पहले अमरीका ने इस देश के कुछ नेताओं पर निर्बंध की घोषणा की है। बुरी तरह से आर्थिक संकट के लपेट में आनेवाला व्हेनेझुएला राजकीय अस्थैर्य का भी सामना करने के कारण इस चुनाव का महत्त्व सद्यस्थिति में और अधिक बढ़ गया है। मात्र यह चुनाव निष्पक्ष नहीं है ऐसा आरोप किया जा रहा है। अमरीका ने भी व्हेनेझुएला में होनेवाले इस चुनाव के नतीजे को मान्य नहीं किया जायेगा ऐसी घोषणा की है।

व्हेनेझुएला के सरकार में से द्वितीय क्रमांक के नेता ‘दिओस्दादो काबेल्लो’ एवं उनकी पत्नी मार्लेनी एवं बंधु ‘जोस डेव्हिड काबेल्लो’ पर निर्बंध लादे गए हैं। इस निर्बंधानुसार उनके विदेशी बैंक खातों एवं मालमत्ता को जप्त कर लिया जायेगा। इस निर्बंध के लपेट में और भी कुछ नेताओं को लिया गया है। रविवार को होनेवाले चुनाव के दो दिन पहले अमरीका ने इस निर्बंध की घोषणा करके व्हेनेझुएला के सत्ताधारी पक्ष पर आघात पहुँचाने की कोशिश की है ऐसा नज़र आता है। व्हेनेझुएला के राष्ट्राध्यक्ष मदुरो लगातार यही आरोप लगाते आ रहे हैं कि अमरीका अपनी सरकार को गिराने की कोशिश कर रही है।

लॅटिन अमरीका का इंधन संपन्न देश माना जानेवाला देश व्हेनेझुएला सद्यस्थिती में बुरी तरह से आर्थिक संकट में फँसा हुआ है।

व्हेनेझुएला

व्हेनेझुएला के चलन ‘बोलिव्हर’ में बुरी तरह से गिरावट आयी है। इससे इस बुरी तरह से कमर तोड़ महँगाई से जनता परेशान हो गई है। डॉलर की तुलना में ९९.९९ प्रतिशत तक आनेवाले गिरावट का बुरा परिणाम व्हेनेझुएला में दिखाई दे रहा है। इससे सरकर के विरोध में उग्र निदर्शन शुरु हो गए थे। इस आर्थिक संकट से बाहर आने के लिए मदुरो सरकार की कोशिशें जारी हैं साथ ही इंधन पर आधारित ‘पेट्रो’ नामक इस नये चलन की घोषणा राष्ट्राध्यक्ष मदुरो ने की थी परन्तु इससे इस देश के संकट में कोई बदलाव नहीं आया है।

२०१८ में व्हेनेझुएला की अर्थव्यवस्था में १५ प्रतिशत के तौर पर गिरावट आयेगी तथा २०२२ तक इस देश की बेरोजगारी ३६ प्रतिशत के प्रमाण में बढ़ जायेगी। ऐसा दावा अंतरराष्ट्रीय मुद्राकोष ने किया है। अमरीका द्वारा अपने देश पर आर्थिक युद्ध के लादे जाने से ही ऐसी स्थिति निर्माण हुई है ऐसा राष्ट्राध्यक्ष मदुरो का कहना है। व्हेनेझुएला के इन आर्थिक समस्याओं का मूल कारण राजकीय अस्थैर्य ही है। ऐसा नज़र आ रहा है। २०१३ में व्हेनेझुएला के राष्ट्राध्यक्ष ह्युगो चावेझ का निधन हुआ था। प्रखर अमरीका विरोधी के रूप में प्रसिद्ध चावेझ के पश्चात्‍६ सत्ता में आनेवाले मदुरो ने भी अमरीका विरोध में अपनी नीति को कायम रखा।

मात्र मदुरो के कार्यकाल में इंधन के दर में गिरावट आने के कारण ही व्हेनेझुएला की आर्थिक स्थिति बिकट हो गई थी। ऐसे में अमरीका के ट्रम्प प्रशासन ने बड़ी कठोरता से व्हेनेझुएला को किसी भी हद तक जाकर परेशान करने की ठान ली है ऐसा नज़र आ रहा है। ट्रम्प प्रशासन द्वारा डाले गए नये निर्बंधानुसार व्हेनेझुएला के प्रमुख नेताओं को लक्ष्य बनाया गया है। साथ ही ऐसा भी अनुमान लगाया जाता है कि आनेवाले समय में इन निर्बंधों की व्याप्ति और भी अधिक बढ़ जायेगी।

दरमियान ब्राझिल, कोलंबिया, त्रिनिनाद तथा टोबॅगो इन पड़ोसी देशों सहवास तथा लगभग २८०० किलोमीटर विस्तृत किनारायुक्त व्हेनेझुएला अपने वैशिष्टयपूर्ण समावेशक एवं मुक्त संस्कृति के लिए प्रसिद्ध है।

व्हेनेझुएला इंधन उत्पादक देशों की संघटना ‘ओपेक’ का सदस्य है। इसीलिए इस देश के आर्थिक एवं राजकीय अस्थैर्य का प्रभाव अन्य लॅटिन अमरीकन देशों पर काफी अधिक प्रमाण में पड़ता हुआ दिखाई दे रहा है।

 

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