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ख्रिस्ती धर्म और इस्लाम के बीच युद्ध भड़केगा

तुर्की के राष्ट्राध्यक्ष एर्दोगन की चेतावनी

इस्तांबूल- ‘‘ख्रिस्त धर्मियों का ‘क्रॉस’ और इस्लाम धर्मियों का ‘अर्धचन्द्र’ के बीच युद्ध भड़केगा’, ऐसी चेतावनी तुर्की के राष्ट्राध्यक्ष एर्दोगन ने दी है। अपने देश में स्थित सात प्रार्थनास्थलों को बंद करके ४० धर्मगुरुओं को खदेड़ देने का निर्णय ऑस्ट्रिया ने लिया है। उस पर तुर्की के राष्ट्राध्यक्ष ने यह तीव्र प्रतिक्रिया दी है। ऑस्ट्रिया का यह निर्णय दुनिया को ख्रिश्चन और इस्लाम इन धर्मों के बीच युद्ध की दिशा में आगे ले जाने वाला है, ऐसी एर्दोगन ने चेतवानी दी है।ख्रिस्ती धर्म और इस्लाम

इस्तांबूल में एक सभा में बोलते समय तुर्की के राष्ट्राध्यक्ष ने ऑस्ट्रिया ने लिए गए निर्णय की आलोचना की है। यह निर्णय विद्वेषी, इस्लामविरोधी और भेदभावपूर्ण है, ऐसा आरोप एर्दोगन ने लगाया है। साथ ही ऑस्ट्रिया इस्लामधर्मियों को अपने देश से निकाल रहा है, ऐसे में हम स्वस्थ नहीं बैठ सकते, ऐसा एर्दोगन ने कहा है। ऑस्ट्रिया की इस कारवाई को तुर्की की तरफ से निश्चित प्रत्युत्तर मिलेगा, ऐसा दावा एर्दोगन ने इस सभा में किया है।

ऑस्ट्रिया ने लिए इस निर्णय की वजह से ख्रिस्त धर्म और इस्लाम के बीच युद्ध भड़केगा। यह निर्णय इसी दिशा में दुनिया को आगे ले जा रहा है, ऐसा एर्दोगन ने कहा है। इसे तुर्की निश्चित प्रत्युत्तर देगा, लेकिन उसके विवरण घोषित नहीं किए जा सकते, ऐसे सूचक उद्गार एर्दोगन ने निकाले हैं। दौरान, ऑस्ट्रिया के चांसलर सेबैस्टियन कर्झ ने देश के इस्लामधर्मियों के सात प्रार्थनास्थलों पर बंदी और ४० धर्मगुरुओं को खदेड़ने का निर्णय घोषित किया था। ऑस्ट्रिया की सामाजिक व्यवस्था को चुनौती देने वाली पर्यायी व्यवस्था और इस्लाम धर्म का राजनीतिक इस्तेमाल साथ ही कट्टरपंथियों को विरोध करने के लिए यह निर्णय लिया गया है ऐसा कर्झ ने कहा था। ख्रिस्ती धर्म और इस्लाम

ऑस्ट्रिया से खदेड़े गए ये ४० धर्मगुरु तुर्की के ‘तुर्किश-इस्लामिक कल्चर एसोसिएशन’ के सदस्य हैं ऐसा कहा जाता है। इसी वजह से तुर्की की तरफ से इस पर आक्रामक प्रतिक्रिया आई है। ऑस्ट्रिया और तुर्की के बीच निर्माण हुए इस विवाद का और भी एक पक्ष है, यह बात सामने आ रही है। ऑस्ट्रिया में साढ़े तीन लाख से अधिक तुर्क वंशीय हैं और इसमें से एक लाख १७ हजार तुर्की के नागरिक हैं। उनके लिए हम ऑस्ट्रिया के साथ लड़ेंगे, ऐसे संकेत एर्दोगन ने दिए हैं।

इसके पहले भी एर्दोगन ने इस तरह के तीव्र विधान करके धर्मयुद्ध की चेतावनी दी थी। इसमें यूरोपीय देशों में लाखों की संख्या में शरणार्थी घुसाने की धमकी का समावेश भी था। साथ ही दुनिया भर के सभी इस्लाम धर्मीय देशों ने इस्रायल के खिलाफ अपना लष्कर तैनात करना चाहिए, ऐसा आवाहन भी एर्दोगन ने किया था।

इस्लाम धर्मीय देश के पास की कुल लष्कर की संख्या और रक्षा सामग्री की जानकारी देकर, इस्रायल की लष्करी शक्ति इसके सामने बहुत कम दिखेगी, ऐसा तुर्की के राष्ट्राध्यक्ष ने सुझाव दिया था। इसके बाद दो धर्मों के बीच युद्ध की चेतावनी देकर तुर्की के राष्ट्राध्यक्ष ने पुन: एक बार खलबली मचाई है।

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