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वेनेज़ुएला के निर्वासितों की समस्या से पड़ोसी देश हैं परेशान – ब्राज़ील ने अपनी सीमा पर सैन्य के तादात में की बढ़ौती, ‘पेरू’ ने सीमा के आसपास के प्रांतों में आपातकालीन स्थिति घोषित की

ब्रासिलिया – “वेनेज़ुएला की समस्या अब सिर्फ इस देश के लिए सीमित न रहते हुए पूरे महाद्वीप पर अपना कब्ज़ा जमा चुकी है” ऐसा कहते हुए, ब्राज़ील के राष्ट्राध्यक्ष, माइकल टेमर ने वेनेज़ुएला से संलग्न सीमाओं पर सैन्य के तादात में बढ़ौती की है । उसी तरह पेरू ने भी वेनेज़ुएला के सीमा से जुड़े हुए अपने प्रांतों में, ६० दिनों तक, स्वास्थयसम्बंधित आपातकालीन स्थिति घोषित कर दी है । वेनेज़ुएला से इन देशों में घुसनेवाले जत्थों के पृष्ठधार पर ब्राज़ील तथा पेरू ने यह सावधानी बरक़ी है, लेकिन वेनेज़ुएला के मदुरो सरकार ने यह केवल एक साज़िश होने का आरोप किया है ।

ब्राज़ील, सेना तैनात, मदुरो सरकार, आपातकालीन स्थिति, शरणार्थि, षड्यंत्र, ww3, पेरू, वेनेज़ुएला, युरोपवेनेज़ुएला से दूसरे देशों में घुसनेवाले इन निर्वासितों के संकट, सन २०१५ में युरोप पर बहुतात में आ धमके हुए घुसपैठियों के संकट के समान ही है, ऐसा संयुंक्त राष्ट्रसंघ का कहना है । वेनेज़ुएला के मुद्रा की ९९ प्रतिशत गिरावट के बाद, इस देश से निर्वासितों के झुंड पडोसी देशों में घुसने लगे थे । यह स्पष्ट हो रहा है कि, खाद्यान्न, दवाइयां तथा जीवनावश्यक वस्तुओं की अपर्याप्तता से त्रस्त वेनेज़ुएला की जनता, भाविकाल में अन्य देशों के दरवाजों पर दस्तक जरूर देगी । कोलंबिया, इक्वाडोर, ब्राज़ील और पेरू इन देशोंमें शरणार्थी हो रहे वेनेज़ुएला के नागरिक इसी बात की पुष्टी दे रहें हैं ।

वेनेज़ुएला के १० लाख से अधिक नागरिक कोलंबिया में शरण ले चुके हैं । तथापि इक्वाडोर में आश्रित, वेनेज़ुएला के नागरिकों की संख्या ५ लाख से ऊपर हो गयी है । पेरू में ४ लाख तो ब्राज़ील में ६० हज़ार वेनेज़ुएला के शरणार्थी दाखिल हुए हैं । अगर इस संख्या में बढ़ौती होती है, तो ब्राज़ील की सुऱक्षा खतरे में आ सकती है, ऐसी चेतावनी राष्ट्राध्यक्ष माइकल टेमर ने दी है । इसीलिए, श्रीयुत टेमरजी, वेनेज़ुएला के सीमा के नज़दीकी क्षेत्र में सेना तैनात करने की घोषणा की । साथ ही राष्ट्राध्यक्ष टेमर यह भी स्पष्ट करतें हैं कि, इन सैनिकों पर वेनेज़ुएला से आनेवाले शरणार्थियों को सहायता करने की जिम्मेदारी भी सौंपी गयी है ।

इसके दौरान, वेनेज़ुएला से ब्राज़ील के सरहद पर दाखिल हुए शरणार्थियों और स्थानिकों में दंगे मच गये हैं । ऐसा कहा जाता है कि, इन परिस्थितियों पर नियंत्रण पाने के लिए ही, ब्राज़ील के राष्ट्राध्यक्षजी को इस प्रकार से सेना तैनात करने का फ़ैसला लेना पड़ा । इसीलिए पेरू ने भी वेनेज़ुएला के सीमाओं के नज़दीकी क्षेत्र में स्वास्थयसम्बंधित आपातकालीन परिस्थिति घोषित कर दी है । यहाँ पर दवाइयों के कमी के कारण जटिल स्थिति पैदा होने का दावा किया जाता है । इन हालातों में, वेनेज़ुएला का मादुरो सरकार, ब्राज़ील और पेरू की इन घोषणाओं को केवल अपने विरोध में रचा हुआ एक षड्यंत्र होने का दोष लगा रहा है । वेनेज़ुएला सरकार की मानहानि करना और इस सरकार को हिलाना, इन इरादों से ही यह कपट रचा जा रहा है, ऐसा दावा मादुरो सरकार के प्रतिनिधियों ने किया है ।

दौरान, वेनेज़ुएला की जनता की हालत इन दिनों तेजी से बदतर होती जा रही है और इस देश में ८० प्रतिशत नागरिकों के पास अन्न की विपदा जैसी दैन्य अवस्था उत्पन्न हो गयी है । इस पर भी राष्ट्राध्यक्ष मादुरो की सरकार अन्य देशों पर कपट रचने का आरोप करके अपनी स्थिति सवारने की कोशिश में लगी है । परन्तु इस देश का अस्थैर्य और अराजक का प्रभाव अब पड़ोसी देशों पर भी पड़ने लगा है तथा कोलंबिया, इक्वाडोर, ब्राज़ील और पेरू, ये वेनेज़ुएला के पड़ोसी देश, भी इस वजह से विपत्ति में पड़ गए हैं ।

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