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१९६७ के युद्ध में जिते गोलान पहाडियों पर इस्रायल की संप्रभुता रशिया को अस्वीकृत – रशियन विदेश मंत्री सर्जेई लॅव्हरोव्ह

मॉस्को/जेरूसलेम – रशिया और इस्रायल का तनाव कम होने के आसार कम हो रहे है। सीरिया में ‘एस-३००’ विमान भेदक हवाई सुरक्षा सिस्टम तैनात करने के बाद रशिया ने गोलान पहाडियोम पर इस्रायल की संप्रभुता मानने से इन्कार किया है। दो दिन पहले इस्रायल के प्रधानमंत्री ने किए आवाहन की पृष्ठभूमी पर रशिया की ये प्रतिक्रिया आयी है।

इस्रायल की संप्रभुता, अस्वीकृत, सर्जेई लॅव्हरोव्ह, गोलान पहाडि, सैनिकी गतिविधि, world war 3, रशिया, United Statesपिछले कई महीनों के संघर्ष के बाद इस्रायल और सीरिया में गोलान पहाडियों की सीमारेखा पर शांति प्रस्थापित करने की कोशिश जारी है। संयुक्त राष्ट्र के शांति सैनिक पिछे हटने से गोलान की ‘कुनित्रा’ सीमा की सुरक्षा चौकी पर रशियन सेना ने कब्जा किया है। रशियन सेना ने इस इलाके में गश्ती सुरू की है वहीं इस्रायली सेना ने भी इस इलाके में अपनी सेना की तैनाती और गश्ती बढ़ाई है।

‘आयएस’ के आतंकी सीरिया के दक्षिणी गोलान इलाके में छुपे बैठे है, ऐसा दावा किया जाता है। साथही ईरान के रिव्होल्युशनरी गार्ड्स के जवान और हिजबुल्लाह के आतंकियों ने भी इसी इलाके में बेस बनाया है, ऐसा आरोप इस्रायल ने किया था। इस पृष्ठभूमी पर इस्रायल और सीरिया के सीमा पर सैनिकी गतिविधियों की गंभीरता बढ गई थी।

सीमा पर तनाव बढ़ रहा है, वहीं इस्रायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेत्यान्याहू ने दो दिन पहले गोलान पहाडियों का दौरा किया था। गोलान की सुरक्षा का पर्यवेक्षण करने के बाद प्रधानमंत्री नेत्यान्याहू ने आंतर्राष्ट्रीय समुदाय को गोलान पर इस्रायल का अधिकार कबुल करे, ऐसा आवाहन किया था। साथही इस्रायल गोलान से पिछे हटा तो अगले कुछ घंटो में ईरान की सेना इस इलाके में कदम रखेगी, ऐसी चेतावनी नेत्यान्याहू ने दी थी।

गोलान पर इस्रायल का अधिकार अमरीका ने कबुल किया है। लेकिन इस्रायली प्रधानमंत्री की चेतावनी पर रशिया के विदेश मंत्री सर्जेई लॅव्हरोव्ह ने प्रतिक्रिया दी। ‘गोलान पहाडियों पर कानूनी फैसला संयुक्त राष्ट्र की सुरक्षा परीषद ही दे सकती है। इसलिए सुरक्षा परीषद को उपेक्षित कर रशिया ने गोलान पर प्रतिक्रिया देना मतलब संयुक्त राष्ट्र के नियमों उल्लंघन होगा’, ऐसा कहते हुए लॅव्हरोव्ह ने इस्रायली प्रधानमंत्री का आवाहन ठुकारा दिया।

वर्ष १९६७ में इजिप्त, सीरिया, जॉर्डन और इराक इन देशों ने इस्रायल के खिलाफ युद्ध पुकारा था। इस्रायली सेना ने सिर्फ छह दिनों में ये युद्ध जितते हुए सीरिया के गोलान पहाडियों पर कब्जा किया था। तब से इन इलाकों पर इस्रायल का नियंत्रण है।

इस्रायलचे सिरियातील हल्ले सुरूच राहणार – पंतप्रधान नेत्यान्याहू

जेरूसलेम – सिरियातील रशियाची ‘एस-300’ची तैनातीही इस्रायलच्या सिरियातील हवाई हल्ल्यांना रोखू शकणार नसल्याचा इशारा इस्रायलचे पंतप्रधान बेंजामिन नेत्यान्याहू यांनी दिला. रशियाचे उपपंतप्रधान ‘मॅक्झिम अ‍ॅकिनोव्ह’ यांच्याबरोबर झालेल्या भेटीत पंतप्रधान नेत्यान्याहू यांनी इस्रायलची भूमिका स्पष्ट केली.

सिरियातील रशियन विमानाच्या दुर्घटनेनंतर पहिल्यांदाच रशियाचे वरिष्ठ नेते इस्रायलच्या दौर्‍यावर दाखल झाले होते. पण रशियन विमानावरील हल्ल्यासाठी सिरियाच जबाबदार असल्याचे नेत्यान्याहू यांनी ठासून सांगितले.

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