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रशियन राष्ट्राध्यक्ष पुतिन यूक्रेन का कब्जा लेने की तैयारी में – यूक्रेन के राष्ट्राध्यक्ष पेट्रो पोरोशेन्को का आरोप

किव्ह/मॉस्को – ‘पुतिन के झूठ पर भरोसा ना रखे। रशियन राष्ट्राध्यक्ष को फिरसे पूराना रशियन साम्राज्य प्रस्थापित करना है। पुतिन को क्रीमिआ, डोन्बास समेत पूरा यूक्रेन पर कब्जा करना है। वे खूद को रशिया का सम्राट झार मानते है। इसलिए उनका साम्राज्य यूक्रेन के सिवा पूरा नहीं होगा। पूतिन को यूक्रेन रशिया की कॉलोनी लगती है’, ऐसे आक्रामक शब्दों में यूक्रेन के राष्ट्राध्यक्ष ने रशिया द्वारा पूरे यूक्रेन का कब्जा करने की कोशिश चल रही है, ऐसा आरोप किया। लेकिन रशियन राष्ट्राध्यक्ष ने रशियन नौसेना की कृती का समर्थन करते हुए यूक्रेन द्वारा जानबूझ कर भडकाऊ कार्रवाई की गई, ऐसा दावा किया।

रशियन साम्राज्य, प्रस्थापित, पेट्रो पोरोशेन्को, यूक्रेन के राष्ट्राध्यक्ष, भडकाऊ कार्रवाई, ww3, रशिया, अँजेला मर्केलरविवार को यूक्रेन नौसेना के दो गनबोट्स और एक टगबोट क्रीमिआ के करीब रहनेवाले कर्श के उपसागर ‘ऍझोव्ह सी’ में दाखिल हुई थी। ये जहाज बिना सूचना दिए रशियन समुद्री सीमा में आयी थी, ऐसा आरोप करते हुए रशिया ने उन पर कार्रवाई की। इस कार्रवाई में जहाजों के तीन नाविक जख्मी हुए है, ज्योंकी रशियन सुरक्षा दलों ने नौकाओं समेत उनके नौसैनिक और अधिकारीयों को कब्जे में किआ है। इसके बाद यूक्रेन ने कडी प्रतिक्रिया देते हुए ‘मार्शल लॉ’ जारी करने की घोषणा की।

रशियन साम्राज्य, प्रस्थापित, पेट्रो पोरोशेन्को, यूक्रेन के राष्ट्राध्यक्ष, भडकाऊ कार्रवाई, ww3, रशिया, अँजेला मर्केलयूक्रेन के बारे में निर्माण हुए तनाव के बाद सुरक्षा परिषद की शीघ्र बैठक ली गई। इस बैठक में अमरीका और यूरोपीय देशों ने रशिया की कार्रवाई पर कडी आलोचना की। साथही नाटो ने रशिया को यूक्रेन का जहाज और कर्मचारीयों को छोड देने का आवाहन किया। जर्मन चॅन्सेलर अँजेला मर्केल ने इस मामले में हम मध्यस्थी करने के लिए तैयार होने के संकेत भी दिए। लेकिन उसके बाद अभी भी यूक्रेन का विवाद छुटने के कोई भी आसार दिखाई नहीं देते।

यूक्रेन के राष्ट्राध्यक्ष पोरोशेन्को ने इस मुद्दे पर और आक्रामक नीति अपनाते हुए ‘सी ऑफ ऍझोव्ह’ की घटना मतलब रशिया का हमला होने का इल्जाम लगाया है। रशिया ने क्रीमिआ और पूर्व यूक्रेन कब्जे में ले लिया है, जिन्हें अब ऍझोव्ह सी पर कब्जा करना है, ऐसा दावा उन्होंने किया। ऍझोव्ह सी पर रशिया का हमला रोकने के लिए जर्मनी समेत नाटो सदस्य देशों ने शीघ्रता से उनकी युद्धपोत इस क्षेत्र में तैनात करे, ऐसी मॉग यूक्रेन के राष्ट्राध्यक्ष ने की।

उनकी इस मॉंग पर नाटो और अन्य देशों की ओर से प्रतिसाद नहीं मिला। लेकिन नाटो के सूत्रों ने यूक्रेन के संघर्ष की पृष्ठभूमी पर इस इलाके में नौसेना की तैनाती इससे पहले ही बढाई है, ऐसा दावा किया है।

दौरान, ऍझोव्ह सी का विवाद शुरू है, वहीं रशिया ने क्रीमिआ प्रान्त में ‘एस-४००’ ये उन्नत हवाई रक्षा सिस्टम तैनात की है, ऐसी जानकारी सामने आयी है।

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