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सऊदी के प्रिन्स और इस्रायल के प्रधानमंत्री के बीच गुप्त बैठक होगी – कतार के वेबसाईट का दावा

लंडन – इस्रायल यह कोई सऊदी अरेबिया का शत्रू नही है। सऊदी के साथ खाडी के सभी देशों का सही मायने में ईरान ही शत्रू है, यह दावा इस्रायल के नेता जाहीर तौर पर कर रहे है। इसे सऊदी से समर्थन मिलता सामने आ रहा है। खाडी क्षेत्र के बदलते समीकरणों की पृष्ठभुमि पर सऊदी अरेबिया के क्राउन प्रिन्स मोहम्मद बिन सलमान जल्द ही इस्रायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेत्यान्याहू इनसे भेंट कर सकते है। ‘कॅम्प डेव्हिड’ के तौर पर क्राउन प्रिन्स मोहम्मद, प्रधानमंत्री नेत्यान्याहू और अमरिका के राष्ट्राध्यक्ष डोनाल्ड ट्रम्प इनकी गोपनीय बैठक हो सकती है, यह समाचार कतार के वेबसाईट ने प्रसिद्ध किया है। यह बैठक समीकरणों में बदलाव करनेवाली साबित होगी, यह दावा भी इस वेबसाईट ने किया है।
 
 
प्रिन्स मोहम्मद इन्होंने अपने विशेष अधिकारियों के साथ बातचीत करके इस्रायली प्रधानमंत्री के साथ भेंट करने की तैयारी की है। अमरिकी राष्ट्राध्यक्ष ट्रम्प इनकी मध्यस्थता से इस्रायली प्रधानमंत्री नेत्यान्याहू इनके साथ त्रिपक्षीय बैठक का आयोजन करने का आदेश प्रिन्स मोहम्मद इन्होंने दिए है, यह सऊदी के सूत्रों ने कतारी वेबसाईट को बताया है। पत्रकार खशोगी इनकी हत्या के बाद सऊदी के प्रिन्स मोहम्मद इनकी प्रतिमा मलिन हुई है। यह प्रतिमा सुधारने के लिए वह उत्सुक है और इसके लिए उन्हे इस्रायल की सहायता अपेक्षित है। इसी लिए प्रिन्स मोहम्मद इस बैठक के लिए उत्सुक है, यह इस वेबसाईट ने कहा है।
 
इसके लिए १९७८ में कॅम्प डेव्हिड में हुई ‘बेगिन-सदात’ भेंट का संदर्भ भी इस वेबसाईट ने दिया है। इस्रायल और अरब देशों में हुए संघर्ष के बाद अमरिका के उस समय के राष्ट्राध्यक्ष जिमी कार्टर इन्होंने पहल करके इस्रायल और इजिप्ट के नेताओं की सफल शांतिचर्चा करवाई थी। इस्रायल के प्रधानमंत्री ‘मेनाशेम बेगिन’ और इजिप्ट के राष्ट्राध्यक्ष ‘अन्वर सदात’ इनके बीच ‘कॅम्प डेव्हिड’ में यह बैठक हुई थी। अमरिका के ‘मेरिलैंड’ में स्थित ‘कॅम्प डेव्हिड’ में हुई बैठक की जानकारी कभी भी घोषित की नही जाती। इस परिसर में माध्यमों को भी प्रवेश की अनुमती नही मिलती। यह जगह अमरिकी राष्ट्राध्यक्ष और गुप्तचर एजंसी के नियंत्रण में है।
 
प्रिन्स मोहम्मद इन्हे भी ‘कॅम्प डेव्हिड’ के जैसे प्रधानमंत्री नेत्यान्याहू और राष्ट्राध्यक्ष ट्रम्प के समेत चर्चा करनी है। लेकिन यह बैठ ‘कॅम्प डेव्हिड’ में होगी या नही, यह स्पष्ट नही हो सका है। इस बैठक के कारण प्रिन्स मोहम्मद खाडी क्षेत्र में शांति स्थापित करने के लिए तैयार है, यह संदेश देना है, यह दावा इन सूत्रोंने किया है।
 
सऊदी पत्रकार जमाल खशोगी की हत्या के मामले में प्रिन्स मोहम्मद पर जोरदार आलोचना हो रही है। अमरिकी सिनेट और माध्यम भी खशोगी की हत्या में प्रिन्स मोहम्मद ही प्रमुख दोषी है, यह आरोप कर रहे है। साथ ही राष्ट्राध्यक्ष डोनाल्ड ट्रम्प सऊदी के साथ लष्करी सहयोग ना करे, यह भी सुझाव रखा है। वही, युरोपीय देशों ने खशोगी हत्या मामले के पृष्ठभुमि पर सऊदी के साथ लष्करी व्यापार मुमकिन नही है, यह स्पष्ट किया है। लेकिन राष्ट्राध्यक्ष ट्रम्प इन्होंने इस एक मसले की वजह से सऊदी के साथ बना सहयोग अमरिका बिगाड नही सकती, यह घोषित किया है।
 
इसके पहले जून महीने में प्रिन्स मोहम्मद और प्रधानमंत्री नेत्यान्याहू इनके बीच गुप्त बैठक हुई थी, यह वृत्त प्रसिद्ध हुआ था। जॉर्डन के राजे अब्दुल्लाह इनकी मध्यस्थता से अम्मान मे यह गुप्त बैठक हुई थी, यह दावा इस्रायली समाचार पत्र ने किया था। वही अमरिका, ब्रिटेन में इन दोनों देशों के गुप्तचर एजंसी के अधिकारियों की चर्चा होने का समाचार भी प्रसिद्ध हुआ था। लेकिन दोनों देशों ने इस वृत्त पर अधिकृत नही दी है।
 
इस दौरान सऊदी अरेबिया और अन्य खाडी देशों के साथ मित्रता का सहयोग स्थापित करने के लिए हम तैयार है, ऐसा इस्रायल के प्रधानमंत्री नेत्यान्याहू इन्होंने पहले ही घोषित किया है। महीना पहले नेत्यान्याहू इन्होंने ओमान की यात्रा की थी। इस के साथ ही अपने मंत्रियों को ‘संयुक्त अरब अमिराती’ की यात्रा पर रवाना करके इस सहयोग के लिए एक कदम आदे बढाया था।
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