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ईरान अपनी विध्वंसक अमरिका के निकट तैनात करेगा

तेहरान- विमान भेदी और जंगी जहाज भेदी बेड़ा, मिसाइल और प्रगत रडार प्रणाली से सज्ज होने वाले ईरान के विध्वंसकों का बेड़ा आने वाले कुछ सप्ताह में अमरिका के लिए रवाना होगा, ऐसी घोषणा ईरान ने की है। ईरान की यह विध्वंसक अटलांटिक महासागर में ५ महीनों से तैनात किए गए थे। पर्शियन खाड़ी में अमरिका की जंगी जहाजों की तैनाती को उत्तर के रूप में ईरान अमरिका के पास यह विध्वंसक तैनात करने का दावा आंतरराष्ट्रीय मीड़िया कर रही हैं। दौरान, अमरिका के राष्ट्राध्यक्ष मई महीने में ईरान पर प्रतिबंधों के विषय में बड़ी घोषणा करने वाले है और इसी की पृष्ठभूमि पर ईरान के इस तैनाती की ओर देखा जा रहा हैं्।

ईरान के वरिष्ठ नौसेना अधिकारी ‘रिअर एडमिरल तौराज हसनी ने विध्वंसकों की इस तैनाती की जानकारी प्रसिद्ध किई हैं। ईरान के सरकारी मीड़िया चैनल से बात करते हुए ‘रिअर एडमिरल हसानी’ ने मार्च महीने में ईरान के विध्वंसकों का बेड़ा अटलांटिक महासागर के लिए रवाना होगा, ऐसा बताया था। ‘अटलांटिक महासागर यह बहुत बड़ा समुद्री क्षेत्र होते हुए ईरान के विध्वंसकों को इस क्षेत्र में अभियान पूर्ण करने के लिए कम से कम पांच महीने लगेंगे’, ऐसा हसानी ने कहा था।

ईरान के विध्वंसक कौन से अभियान पर है अथवा इस अभियान में कितनी विध्वंसक सहभागी होंगी, इस बारे में जानकारी देने का हसानी ने टाल दिया था। परंतु ईरान ने निर्माण की हुई ‘साहंद’ यह प्रगत विध्वंसक अटलांटिक के बेड़े में होगी, ऐसी जानकारी हसानी ने दिई थीं। सांहद यह हेलिकॉप्टर कैरियर विध्वंसक होते हुए इस पर जमीन से जमीन पर तथा हवा में प्रहार करने वाले मिसाइल तैनात हैं। उसी के साथ विमान भेदने वाले और जंगी जहाजों को भेदने वाले बेड़ों से सज्ज होने वाली वर्णित विध्वंसक में इलेक्ट्रॉनिक युद्ध प्रौद्योगिकी की क्षमता होने का दावा ईरान कर रहा हैं।

अटलांटिक में ईरान के इस विध्वंसक के तैनातीकरण के पीछे का कारण स्पष्ट नहीं हो सका हैं। परंतु ईरान, रशिया और पश्चिमी मीड़िया ने ईरान के विध्वंसक की यह तैनाती पर्शियन खाड़ी में अमरिका की युद्ध नौका के तैनाती को उत्तर होने का दावा किया है। एक महीने पहले अमरिका की ‘यूएसएस जॉन स्टेनिस’ यह एयरक्राफ्ट कैरियर जंगी जहाज अपने अन्य सहायक जंगी जहाजों के बेड़े के साथ पर्शियन खाड़ी में दाखिल हुई थीं। ईरान की नौसेना ने उस समय अमरिका की जंगी जहाजों के दिशा में रॉकेट हमलें भी किए थे। इस कारण पर्शियन खाड़ी में तनाव भी निर्माण हुआ था।

उसके पश्चात ईरानी लष्कर के वरिष्ठ अधिकारी ने ईरान के विध्वंसक अमरिका के पास रवाना करने के संकेत दिए थे। अमरिका की जंगी जहाज पर्शियन खाड़ी में दाखिल हुई थीं। उसी के समान ईरान की विध्वंसक भी अटलांटिक महासागर के लिए रवाना होंगी’, ऐसे बता कर इस अधिकारी ने अमरिका के पास ईरान को रोकने की क्षमता न होने की चेतावनी दी थीं। इस पृष्ठभूमि पर ईरान ने अटलांटिक में अपनी विध्वंसक तैनात करने का निर्णय लेने का दावा अंतरराष्ट्रीय मीड़िया कर रही हैं।

परंतु ईरान की विध्वंसक आने वाले ५ महीनों के लिए अटलांटिक के क्षेत्र में तैनात रहने वाली हैं। इस अवधि में अमरिका ईरान पर प्रतिबंधों के विषय में और कठोर निर्णय लेगा ऐसा अमरीका के विदेश मंत्री माईक पोम्पिओ ने इससे पहले ही जाहिर किया था। अमरिका के यह प्रतिबंध ईरान को घुटनों पर लाएंगे, ऐसा दावा पोम्पिओ ने किया था। इस कारण अटलांटिक महासागर में ईरानी विध्वंसकों की तैनाती की ओर गंभीरता से देखा जा रहा हैं।

दौरान, अटलांटिक महासागर में तैनाती ईरान के यह विध्वंसक क्यूबा की यात्रा भी कर सकते है।

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