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श्रीलंका बम धमाकों से दहला – २१५ लोगों की मौत; ५०० जख्मी

कोलंबो – श्रीलंका में चर्च और विदेशी पर्यटकों की बडी तादाद में मौजुदगी होनेवालें होटल्स में आठ भीषण बम विस्फोट हुए है। इस दौरान २१५ लोगों की मौत हुई है और ५०० से भी अधिक लोग जख्मी हुए है। इस हमले पर पुरी दुनिया से कडे शब्दों में निंदा हो रही है। इस घटना में तीन भारतीय मारे जाने की जानकारी भारत के विदेशमंत्री ने दी है। इस हमले की जिम्मेदारी अबतक किसी भी संगठन ने स्वीकारी नही है। लेकिन, दस दिन पहले श्रीलंका में चर्च, होटल्स और भारतीय दूतावास को आत्मघाती हमले का खतरा होने की जानकारी विदेशी गुप्तचर संस्थाओं ने श्रीलंका को दी थी।

बम विस्फोट, हमले, सेंट अँटनी चर्च, कर्फ्यु, सहायता, ww3, श्रीलंका, भारतरविवार की सुबह करीबन ८.४५ बजे श्रीलंका की राजधानी कोलंबो में ‘सेंट अँटनी चर्च’, निगोंबा में ‘सेंट सॅबेस्टियन चर्च’ एवं बॅटिकोला में ‘झिऑन चर्च’ में ‘इस्टर मास’ शुरू था तभी बम धमाके हुए। इस दौरान कोलंबो में ‘शांग्री-ला’, ‘द सिनेमॉन ग्रँड’, ‘द किंग्ज्बेरी’, ‘ट्रॉपिकल इन’ इन पंचतारांकित होटल्स समेत अन्य एक जगह पर भयंकर झटका देनेवाले बम धमाके किए गए। इन आठ धमाकों में करीबन २१५ लोगों की बलि गई है और ५०० लोग जख्मी होने की जानकारी स्थानिय पुलिस के प्रवक्ता ने दी। प्राथमिक जानकारी के नुसार इन बम धमाकों में ३५ विदेशी लोगों की मौत होने की बात कही जा रही है। लेकिन, अभी तक उनकी पहचान स्पष्ट नही हो सकी है।

बम विस्फोट की इस श्रृंखला के बाद श्रीलंका में बडी हडबडी मची। स्थिति नियंत्रण में रखने के लिए तुरंत कर्फ्यु लगाया गया। साथ ही श्रीलंका के मंत्रिमंडल की सुरक्षा के संदर्भ में बैठक का आयोजन हुआ।

इस बैठक के बाद श्रीलंका के प्रधानमंत्री रानील विक्रमसिंघे इन्होंने जनता को शांति एवं एकता बनाकर रखने का निवेदन किया। साथ ही अफवाहों पर भरोसा करके माहौल और ना बिगाडे, यह संदेशा भी प्रधानमंत्री विक्रमसिंघे इन्होंने दिया। वही, राष्ट्राध्यक्ष सिरिसेना इन्होंने जनता को शांति बनाने की दर्ख्वास्त की।

दुनिया के सभी प्रमुख देशों ने इस कायराना हरकत का निषेध किया है। भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इन्होंने इस विस्फोट पर तीव्र दुःख व्यक्त किया है और इस कठिन स्थिति में भारत श्रीलंका के जनता के साथ होने का संदेशा दिया। साथ ही ऐसी अमानुष प्रवृत्ती को अपने क्षेत्र में स्थान देना मुमकिन नही है, ऐसा प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संदेशा में स्पष्ट किया। इस हमले के बाद प्रधानमंत्री मोदी ने श्रीलंका के राष्ट्राध्यक्ष एवं प्रधानमंत्री के साथ फोन के जरिए बातचीत की है और इस मामले में हर तरह की सहायता करने का भरोसा दिलाया।

इस भीषण हमले की जिम्मेदारी अभी तक किसी भी संगठन ने स्वीकारी नही है। इसके पहले श्रीलंका में तमिळ आतंकी संगठन ‘लिट्टे’ ने इस तरह के भीषण कृत्य किए थे। लेकिन, रविवार के दिन हुए इन भीषण धमाकों के लिए ‘नैशनल तौहीत जमात’ (एनटीजे) नाम की चरमपंथी संगठन जिम्मेदार होने की संभावना जताई जा रही है। विदेशी गुप्तचर संस्थाओं ने श्रीलंका को भीषण हमलें का खतरा होने की चेतावनी दी थी।

श्रीलंका में प्रमुख चर्च और राजधानी कोलंबो में भारतीय दूतावास हमलावर के निषाणे पर होने की जानकारी इन गुप्तचर संस्थाओं ने दी थी। पिछले वर्ष ‘एनटीजे’ ने कुछ मूर्ती का नुकसान करने की भडकाउ घटना सामने आयी थी। इस वजह से वर्णित हमलें के लिए ‘एनटीजे’ की ओर संदिग्धता से देखा जा रहा है। इन धमाकों में कुछ जगहों पर आत्मघाती हमलें होने का वृत्त है और कुछ लोगों ने इन आत्मघाती हमलावरों को देखने के दावे किए है। इस मामले में जांच शुरू हुई है और अबतक सात लोगों को गिरफ्तार किया गया है।

भारत की विदेशमंत्री सुषमा स्वराज इन्होंने श्रीलंका की गतिविधियों पर भारत नजर रखकर है, यह कहा। श्रीलंका के दूतावास के साथ हम संपर्क बनाकर है, यह जानकारी विदेशमंत्री स्वराज इन्होंने दी है और भारतीयों के लिए हेल्पनाईन नंबर घोषित किए गए है। श्रीलंका में भारतीय दूतावास की सुरक्षा के लिए बना खतरा ध्यान में रखकर वहां की सुरक्षा में भी बढोतरी की गई है।

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