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युरेनियम संवर्धन में बढोतरी करने का ऐलान करके ईरान ने परमाणु समझौता भंग किया – अमरिका, इस्रायल और सौदी से कडी प्रतिक्रिया प्राप्त होने की संभावना

तेहरान – परमाणु समझौता भंग करके युरेनियम संवर्धन में चार गुना बढोतरी करने की तैयारी ईरान ने की है| ईरान के परमाणु ईंधन विभाग के प्रवक्ता ‘बेहरौ कमलावंदी’ इन्होंने इस संबंधी जानकारी उजागर की है| उनके द्वारा यह जानकारी सामना आ रही थी, तभी ईरान के राष्ट्राध्यक्ष ने इस विषय पर किसी भी प्रकार का समझौता नही होगा, यह संदेश भी दिया है| रशिया और यूरोपिय देश ईरान से परमाणु समझौते का पालन करने के लिए निवेदन कर रहे है| उनकी यह मांग ईरान ने ठुकराई दिखाई दे रही है|

पिछले कुछ दिनों से ईरान के परमाणु कार्यक्रम का मुद्दा फिर से सामने आता दिख रहा है. वर्ष २०१५ में अमरिका, रशिया, ब्रिटेन, फ्रान्स, जर्मनी और चीन के साथ ईरान ने परमाणु समझौता किया था| इस परमाणु समझौते का पालन करके युरेनियम संवर्धन नियंत्रण में रखने की बात ईरान ने स्वीकारी थी| लेकिन, अमरिकी राष्ट्राध्यक्ष डोनाल्ड ट्रम्प इन्होंने वर्ष २०१८ में ईरान के साथ किए परमाणु समझौते से पीछे हटने का निर्णय किया था| फिर भी ईरान इस परमाणु समझौते का पालन करे, यह मांग यूरोपिय देश और रशिया से हो रही है| लेकिन, यह परमाणु समझौते कायम रखने की कोशिश यूरोपिय देश कर रहे है, यह आरोप ईरान ने रखा था|

इस वजह से ईरान पर परमाणु समझौते का पालन करना जिम्मेदारी नही रही है, यह कहकर ईरान ने यह समझौता तोडने की धमकी दी थी| साथ ही अमरिका से प्रतिबंध लगाकर ईरान की ईंधन निर्यात पर रोक लगाई जा रही थी, तभी यूरोपिय देश शांत बैठे है, यह तकरार ईरान कर रहा है| इसी लिए ईरान ने ‘होर्मुझ’ की खाडी बंद करके सभी देशों की ईंधन निर्यात रोकने की धमकी दी थी| साथ ही खाडी क्षेत्र में अमरिका के अड्डे और हितसंबंध ईरान के निशाने पर है, यह कडी चेतावनी भी ईरान के सेना अधिकारी दे रहे है| उनकी इस धमकी पर काफी गंभीरता से संज्ञान लेकर अमरिका ने अपने युद्धपोत, बॉम्बर विमान और हवाई सुरक्षा यंत्रणा ईरान के विरोध में तैनात की है|

इस पृष्ठभूमि पर ईरान ने युरेनियम के संवर्धन में चार गुना बढोतरी करने के संकेत देकर पर्शियन खाडी के साथ पुरी दुनिया में खलबली मचाई है| अमरिका को धमकाने की कोशिश ईरान ना करें, यदि अमरिका के हितसंबंधों पर हमला करने की कोशिश ईरान ने की तो वह ईराक का अधिकारिक अंत साबित होगा, यह इशारा अमरिकी राष्ट्राध्यक्ष ने दिया था| उसके दुसरे ही दिन युरेनियम संवर्धन में बढोतरी करने का समाचार प्रसिद्ध करके ईरान ने अमरिका को जवाब दिया है| इसकी डरावनी गुंज जल्द ही सुनाई देने की कडी आशंका है|

वर्ष २०१५ में हुए परमाणु समझौते का ईरान ने बिल्कुल पालन नही किया है, यह आरोप इस्रायल और सौदी अरब कर रहे है| अगले समय में ईरान ने युरेनियम संवर्धन में बढोतरी की और परमाणु बम प्राप्त करने की दिशा में कदम बढाया तो हम शांत नही रहेंगे, यह इशारा सौदी अरब ने पहले ही दिया है| वही, इस्रायल ने किसी भी स्थिति में ईरान को परमाणु अस्त्र से सज्जित होने नही देंगे, यह तय किया था| परमाणु बम प्राप्त करने पर ईरान से अपनी सुरक्षा के लिए खतरा होने का दावा इस्रायल करता है| इसके पहले ईरान के नेताओं ने इस्रायल का अस्तित्व खतम करने की भाषा की थी, इस ओर इस्रायल के नेता लगातार ध्यान आकर्षित कर रहे है|

ऐसी स्थिति में ईरान ने युरेनियम संवर्धन में चार गुना बढोतरी करने का निर्णय करके इस क्षेत्र का माहौल और भी विस्फोटक बनाया है| कुछ दिन पहले ही रशिया के राष्ट्राध्यक्ष पुतिन इन्होंने ईरान को किसी भी स्थिति में परमाणु समझौते का पालन करने का निवेदन किया था| ईरान ने परमाणु समझौते का भंग किया तो उसके बाद होनेवाली सभी गतिविधियों के लिए ईरान को ही जिम्मेदार साबित किया जाएगा, इसका एहसास रशियन राष्ट्राध्यक्ष ने दिलाया था| यूरोपियन देश भी इसके लिए ईरान पर दबाव बनाने की कोशिश कर रहे थे| लेकिन, ईरान ने यह मांग ठुकराकर युरेनियम संवर्धन में बढोतरी करने का निर्णय करके उकसानेवाला काम किया है| खास बात यह है की इस बारे में समझौता नही हो सकता, यह ऐलान करके ईरान के राष्ट्राध्यक्ष हसन रोहानी इन्होंने और?भी आक्रामक भूमिका अपनाई है| इस पर अमरिका, इस्रायल और सौदी अरब समेत खाडी क्षेत्र के अन्य देश अधिक तीव्र प्रतिक्रिया दर्ज कर सकते है|

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