Breaking News

लगभग ५० लाख अवैध शरणार्थी यूरोप में मौजूद – ‘प्यू रिसर्च सेंटर’ का रपट

वॉशिंगटन – यूरोपिय देशों में घुसपैठ करके अवैध वास कर रहे शरणार्थियों की संख्या लगभग ५० लाख के करीब होने की रपट अंतरराष्ट्रीयप्यू रिसर्च सेंटरनाम की संस्था ने पेश किया है| इनमें पाकिस्तान, अफगानिस्तान, सीरिया और इराक जैसे देशों से पहुंचे शरणार्थियों की तादाद ४० प्रतिशत से भी अधिक होने की बात यह रपट कह रहा है| तुर्की के राष्ट्राध्यक्ष रेसेप एर्दोगन ने कुछ दिन पहले ही खाडी क्षेत्र के ३० लाख शरणार्थियों को यूरोपिय देशों में घुंसाने की धमकी दी थी| इस पृष्ठभूमि पर यूरोप में मौजूद शरणार्थियों की सामने आयी संख्या ध्यान आकर्षित कर रही है

वर्ष २०१५ से यूरोप में बडी संख्या में शरणार्थियों के झुंड पहुंच रहे है| शुरू के दिनों में कुछ उदार यूरोपिय देशों ने किए निर्णय से यह झुंड अब नियंत्रण के बाहर गए है और इसका विपरित परिणाम बर्दाश्त करने के लिए यूरोपिय देश विवश हुए है| शरणार्थियों के मुद्दे पर यूरोपिय देशों में बडे मतभेद एवं दरार बनी है| ऐसे में कुछ देशों ने शरणार्थियों पर पूरी तरह से पाबंदी लगाकर इनका प्रवेश रोकने के लिए अपनी सीमा पर सेना तैनात की है| पर, फिर भी शरणार्थियों की घुसपैठ जारी है और इसके विरोध में किए सभी प्रावधान नाकाम साबित हुए है

पिछले महीने में यूरोप का द्वार होनेवाले ग्रीस में दुबारा शरणार्थियों के झुंड पहुंचने की मात्रा में बढोतरी हुई है| इस बदलाव के लिए तुर्की की हरकत जिम्मेदार होने की बात समझी जा रही है| तुर्की ने सीरिया में की कार्रवाई के साथ किए कुछ निर्णयों को यूरोपिय देशों ने विरोध किया है और हथियारों की सहायता करना भी बंद किया है| इसी बीच शरणार्थियों के विषय में समझौते करते समय यूरोपिय महासंघ ने दिया अपना वादा भी निभाया नही है, यह आरोप तुर्की ने रखा है| इसी कारण गुस्से में ही तुर्की ने शरणार्थियों को खुला छोड रहा है, यह कहा जा रहा है|

प्यू रिसर्च सेंटरने दिए रपट में यह दर्ज है की, शरणार्थियों के झुंड सबसे अधिक मात्रा में जर्मनी, इटली एवं फ्रान्स में प्रवेश कर चुके है| जर्मनी में घुसपैठ कर चुके अवैश शरणार्थियों की संख्या लगभग १२ लाख से भी अधिक होने की बात इस रपट में दर्ज है| वही, इटली में घुसपैठ कर चुके शरणार्थियों की संख्या सात लाख से भी अधिक होने बात पर इस रपट में ध्यान आकर्षित किया गया है|  

English मराठी

इस समाचार के प्रति अपने विचार एवं अभिप्राय व्यक्त करने के लिए नीचे क्लिक करें:

https://twitter.com/WW3Info
https://www.facebook.com/WW3Info