तालिबान की सरकार में हक्कानी नेटवर्क का प्रभाव अमरीका की सुरक्षा के लिए घातक साबित होगा – अमरीका के एफबीआई, होमलँड और आतंकवादविरोधी विभाग की चेतावनी

वॉशिंग्टन – अफगानिस्तान में तालिबान के मंत्रिमंडल में महत्वपूर्ण पदों पर सिराजुद्दीन हक्कानी समेत हक्कानी नेटवर्क के प्रमुख कमांडर्स की नियुक्ति हुई है। तालिबान की सरकार पर हक्कानी नेटवर्क की होनेवाली यह पकड़ चिंता की बात होकर, वह अमरीका की सुरक्षा के लिए खतरनाक साबित हो सकती है, ऐसी चेतावनी अमरीका के प्रमुख सुरक्षा और गुप्तचर विभाग ने दी है। पिछले ही हफ्ते में अमेरिकन सिनेटर्स ने माँग की थी कि तालिबान को आतंकवादी संगठन घोषित करके, तालिबान की हुकूमत को मान्यता देनेवाले देशों पर प्रतिबंध लगाए जायें।

हक्कानी नेटवर्क, हक्कानी नेटवर्क

अफगानिस्तान में तालिबान की सरकार सर्वसमावेशक हों, ऐसी माँग दुनियाभर के प्रमुख ज़िम्मेदार देश कर रहे हैं। इसमें सभी गुटों को तथा महिलाओं को भी स्थान मिलें, ऐसा आवाहन किया जा रहा है। लेकिन पिछले दो हफ्तों में तालिबान ने घोषित किए मंत्रिमंडल पर हक्कानी नेटवर्क का बड़ा प्रभाव होने की बात स्पष्ट रूप से दिखाई दे रही है। अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा करनेवाले मुल्ला बरादर और उसके समर्थकों को हक्कानी नेटवर्क ने अलग-थलग किया होने का दावा किया जाता है।

तालिबान का घोषित प्रधानमंत्री मुल्ला अखुंद यह हक्कानी नेटवर्क और पाकिस्तान की गुप्तचर यंत्रणा ‘आईएसआई’ का खास आदमी है। उसी के साथ तालिबान की अंतर्गत सुरक्षा की जिम्मेदारी कामा अमेरिका की मोस्ट वाँटेड सूची में होने वाले सिराजुद्दीन हक्कानी के पास सौंपी गई है। ‘आईएसआई’ के इशारे पर तालिबान के इस मंत्रिमंडल की स्थापना होने का आरोप पश्चिमी विश्लेषक और माध्यम करने लगे हैं। पिछले कुछ दिन अमेरिका की सीनेट की अलग-अलग समितियों में इस मुद्दे पर चिंता व्यक्त की जा रही है।

‘सिनेट होमलँड सिक्युरिटी अँड गव्हर्नमेंटल अफेअर्स कमिटी’ ने अमरीका के एफबीआई के निदेशक ख्रिस्तोफर रे, होमलँड सिक्युरिटी के प्रमुख अलेक्झांड्रो मायोकास और राष्ट्रीय आतंकवाद विरोधी विभाग की निदेशक ख्रिस्तीन अबिझैद के पास इस बारे में पूछताछ की। ‘जिस तरीके से हमने अफगानिस्तान से वापसी की, उसे देखते हुए दीर्घकाल जारी युद्ध हालाँकि खत्म हो गया है, फिर भी अफगानिस्तान की परिस्थिति अधिक ही खतरनाक बनाकर रखी है’, ऐसी टिप्पणी इस समिति के सदस्य सिनेटर रॉब पोर्टमन ने की।

हक्कानी नेटवर्क

इस पर जवाब देते समय अमरीका के सुरक्षा विभाग के प्रमुख ने भी अफगानिस्तान की वर्तमान स्थिति पर चिंता ज़ाहिर की। एफबीआई ने सिराजुद्दीन के सिर पर एक करोड़ डॉलर का इनाम घोषित किया होकर, इस आतंकवादी को तालिबान की सरकार में अहम स्थान मिलना यह वाकई चिंता की बात है, ऐसा रे ने कहा। वहीं, हक्कानी नेटवर्क के आतंकवादियों की तालिबान की सरकार में बड़े पदों पर हुई नियुक्ति यह अमरीका के सुरक्षा विषयक हितसंबंधों के लिए घातक बात है, यह अमेरिकन सुरक्षा यंत्रणा की तीनों प्रमुखों ने मान्य किया।

अफगानिस्तान से अमरीका की सेना वापसी और उसके बाद अफ़गानिस्तान तालिबान के नियंत्रण में जाने के कारण अलकायदा का खतरा बड़ा होने की चेतावनी ख्रिस्तिन अबिझैद ने दी। अलकायदा को अफगानिस्तान में सुरक्षित स्थान मिल रहा होकर, यह बात अमरीका की सुरक्षा के लिए खतरनाक है, ऐसा अबिझैद ने कहा। अमरीका के लष्करी विश्लेषक और पूर्व अधिकारी भी यह चेतावनी दे रहे हैं कि तालिबान की हुकूमत स्थापित होने के बाद अफगानिस्तान अन्तर्राष्ट्रीय आतंकवाद का केंद्र बनेगा। यदि ऐसा हुआ, तो अफगानिस्तान के पड़ोसी देशों के साथ ही, युरोप तथा अमरीका को भी अफगानिस्तान से उदित होनेवाले आतंकवाद के झटके लगेंगे, ऐसा इन लष्करी विश्लेषक और पूर्व अधिकारियों ने चेताया है।

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