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चीन में उघुरवंशियों पर अत्याचार करने के आदेश सीधे राष्ट्राध्यक्ष जिनपिंग से ही दिए गए – अमरिकी समाचार पत्र का दावा

वॉशिंगटन/बीजिंग  – चीन की तानाशाही हुकूमत का हिस्सा होनेवाली यंत्रणा का इस्तेमाल करके किसी भी प्रकार की दया दिखाए बिना उघुरवंशियों की घुसपैठ एवं अन्य कार्रवाईयों के विरोध में आक्रामक कार्रवाई करें, यह आदेश चीन के राष्ट्राध्यक्ष शी जिनपिंग ने ही दिए थे, यह दावा अमरिकी समाचार पत्र ने किया है| चीन की हुकूमत का हिस्सा होनेवाले एक सदस्य ने उघुरवंशियों पर हुई कार्रवाई से जुडे कागज देने की बात सार्वजनिक की है| चीन ने इस पर कडी प्रतिक्रिया दर्ज की है और उघुरवंशियों के विरोध में कार्रवाई जारी रहेगी, यह आक्रामक प्रत्युत्तर भी दिया है|

पिछले वर्ष अगस्त महीने में चीन की कम्युनिस्ट हुकूमत ने अपने ही देश के ११ लाख उघुरवंशिय नागरिकों को नजरबंद करने का रपट सार्वजनिक हुआ था| संयुक्त राष्ट्रसंघ ने प्रसिद्ध किए इस रपट के बाद चीन के उघुरवंशियों का मुद्दा फिर से चर्चा में आया था| इस रपट में, ‘एज्युकेशनल ट्रेनिंग सेंटर’ के नाम से बनाए गए शिविरों में चीन ने लाखों उघुरवंशिय इस्लामधर्मियों को कैद कर रखने की बात स्पष्ट हुई थी|

इसके बाद पिछले वर्ष से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर लगातार उघुरवंशियों का मुद्दा उपस्थित हो रहा है और कई देशों ने इस मुद्दे पर चीन से कडे सवाल किए है| इस वजह से जागतिक स्तर पर कई व्यासपीठों पर चीन को मुश्किलों का सामना करना पड रहा है, यह भी स्पष्ट हुआ| अमरिकी संसद ने इसी मुद्दे पर चीन के विरोध में कार्रवाई करने का ऐलान भी किया है और इसपर चीन ने कडी नाराजगी व्यक्त की है| राजनयिक स्तर पर चीन के विरोध में कडी आलोचना हो रही है और ऐसे में कई प्रसारमाध्यमों में भी उघुरवंशियों पर हो रहे अत्याचार का मुद्दा उठाया गया है|

कुछ दिन पहले ही पश्‍चिमी माध्यमों ने उघुरवंशिय महिलाओं को यौन उत्पीडन का सामना करना पड रहा है, यह बात सार्वजनिक की थी| इसके पीछे अब चीन की हुकूमत का हिस्सा होेनेवाले व्यक्ति ने उघुरवंशियों के विरोध में जारी मुहीम के कागज सार्वजनिक करना ध्यान आकर्षित कर रहा है| अमरिका में प्रमुख समाचार पत्र के तौर पर देखे जा रहे ‘न्यूयॉर्क टाईम्स’ ने इस विषय से जुडा वृत्त सार्वजनिक किया है और लगभग ४०० कागज हाथ में होने की जानकारी दी| चीन के राष्ट्राध्यक्ष जिनपिंग ने ही वर्ष २०१४ में अलग अलग बैठकों में उघुरवंशियों के विरोध में अधिक से अधिक आक्रामक मुहीम शुरू करने के लिए निर्देश देने की बात स्पष्ट हुई है|

इस मुहीम को अंजाम देते समय अमरिका ने ९/११ के आतंकी हमले के बाद ‘वॉर ऑन टेरर’ की निती पर काम करते समय जो भी कोई भूमिका अपनाई गई है, उसी बुनियाद पर उघुरों को लक्ष्य करने की सलाह भी राष्ट्राध्यक्ष जिनपिंग ने दी है, यह जानकारी अमरिका ने सार्वजनिक की है| शुरू में आक्रामक मुहीम पर अमल करने के बाद चीन के कुछ हिस्सों से स्थानिय अधिकारी भी उघुरवंशियों के विरोध में हो रही कार्रवाई का विरोध करना शुरू किया था, यह जानकारी प्राप्त कागडों से स्पष्ट हो रही है, यह दावा ‘न्यूयॉर्क टाईम्स’ ने किया है|

अमरिकी समाचार पत्र के इस खबर के विरोध में चीन के विदेश मंत्रालय ने कडी प्रतिक्रिया दर्ज की है| उघुरों के विरोध में जारी कार्रवाई में नरमाई नही लाएंगे, यह इशारा भी दिया गया है| इसी बीच अमरिकी समाचार पत्र ने झिंजिआंग में शुरू आतंकवाद विरोधी कार्रवाई और अन्य मुद्दे दूर में रखकर अपनी जरूरत देखकर यह जानकारी प्रसिद्ध की है, यह आरोप चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता गेंग शुआंग ने किया है|

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