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चिली में हो रहे प्रदर्शनों की तीव्रता बढी – २४ लोगों की मौत; तीन हजार से अधिक जख्मीं

सैंटिआगो – चिली के राष्ट्राध्यक्ष सैबॅस्टिअन पिनेरा की निती के विरोध में शुरू हुए प्रदर्शन और भी तीव्र हो रहा है| पिछले हफ्ते में ‘मेट्रो’ रेल के तिकीटों की दामों में बढोतरी होने के बाद इन प्रदर्शनों की शुरूआत हुई थी और अब इन प्रदर्शनों में हिंसा भी शुरू हुई है| राजधानी सैंटिआगो समेत देश के कोने कोने में प्रदर्शन और हडताल शुरू हुआ| इन प्रदर्शनों से लैटिन अमरिका का स्थिर और समृद्ध देश के तौर पर बनी चिली की पहचान मिट्टी में मिल गई है और इसी बिच देश की आर्थिक विषमता का मुद्दा भी बडी तीव्रता के साथ सामने आया है|

अक्टुबर महीने में चिली की पिनेरा सरकार ने मेट्रो रेल के तिकिटों के दर में बढोतरी करने का निर्णय किया था| चिली के कई शहरों में मेट्रो का जाल बनाया गया है और बडी संख्या में आम जनता इस सेवा का लाभ उठा रही है| इस वजह से मेट्रो के तिकिटों के दरों में की गई बढोतरी बढा विरोध हो रहा है| पर, राष्ट्राध्यक्ष पिनेरा ने शुरू में तिकिटों के दरों में की गई बढोतरी कायम रखने का निर्णय करके देश में शुरू हुए प्रदर्शन कुचलने की कोशिश की|

पर, यह प्रदर्शन कुछ दिन लगातार शुरू रहने पर राजधानी में आपात्काल का ऐलान करके सेना तैनात की गई थी| यह तैनाती आम जनता के मन में बने असंतोष को बढाने का कारण बनी| पिछले शतक में लष्करी तानाशाही की अनुभुति रखनेवाली और उस तानाशाही का तख्तापलट करनेवाली चिली की जनता ने कडी प्रतिक्रिया दर्ज की| इसी बीच चिली सरकार ने सुरक्षा यंत्रणा का आक्रामकता से वापर करना?और उन्होंने की गलतियां राष्ट्राध्यक्ष पिनेरा के लिए मुश्किल साबित हुई है|

यह प्रदर्शन शुरू होकर एक हफ्ता होने पर सरकार ने अपना निर्णय पीछे लेना का ऐलान किया था| पर शुरू के दौर में हुई कार्रवाई ने प्रदर्शनकारी काफी गुस्सा हुए थे| इसी बीच रेल तिकिट के दामों में हुई बढोतरी को विरोध करने के लिए शुरू हुए इन प्रदर्शनों में देश का संविधान, शिक्षा और स्वास्थ्य एवं आर्थिक विषमता का मुद्दा भी शामिल किया गया| इससे इन प्रदर्शनों का दायरा काफी बढता रहा|

लैटिन अमरिका में सबसे अधिक समृद्ध देश के तौर पर पहचान प्राप्त हुए चिली का अलग चित्र सामने आ रहा है| इससे अंतरराष्ट्रीय समुदाय से भी दबाव बनना शुरू हुआ है| संयुक्त राष्ट्रसंघ समेत अंतरराष्ट्रीय स्तरपर स्वयंसेवी संगठनों ने चिली की सुरक्षा यंत्रणा बडी मात्रा में बल का प्रयोग कर रही है, यह आरोप भी रखा है|

अब, लगभग एक महीना होने पर भी चिली में शुरू हुए प्रदर्शन शांत नही हुए है और प्रति दिन यह प्रदर्शन तीव्र होते हुए दिखाई दे रहे है| सरकार ने इन प्रदर्शनों के विरोध में की कार्रवाई में २४ लोगों की मौत हुई है और तीन हजार से भी अधिक लोग जख्मीं हुए है| यह मुद्दा भी प्रदर्शनकारी उठा रहे है और पिनेरा के इस्तीफे की मांग की जा रही है| इसी बीच सुरक्षा यंत्रणा और सरकारी उपक्रमों पर हमलें शुरू हुए है और प्रदर्शनकारी पेट्रोल बम का भी इस्तेमाल कर रहे है, यह जानकारी सूत्रों ने दी|

लैटिन अमरिका के अन्य देशों में भी सरकार के विरोध में प्रदर्शन शुरू हुए है और इन्ही प्रदर्शनों से चिली के प्रदर्शनकारियों को प्रेरणा मिली है| अभी कुछ समय और इन प्रदर्शनों की तीव्रता बरकरार रहेगी, यह संकेत विश्‍लेषक दे रहे है|

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