अमरिका की तरह जापान भी ‘स्पेस फोर्स’ स्थापित करेगा – जापान के प्रधानमंत्री एबे शिंजो का ऐलान

अमरिका की तरह जापान भी ‘स्पेस फोर्स’ स्थापित करेगा – जापान के प्रधानमंत्री एबे शिंजो का ऐलान

टोकियो – ‘अंतरिक्ष में जापान के उपग्रह, राकेटस् एवं अन्य हितसंबंधों की सुरक्षा के लिए जापान भी ‘स्पेस फोर्स’ स्थापित कर रहा है’, यह ऐलान प्रधानमंत्री एबे शिंजो ने किया है| जापान की यह स्पेस फोर्स अमरिका की ‘स्पेस फोर्स’ के साथ समन्वय के साथ काम करेगी, यह बात प्रधानमंत्री एबे ने स्पष्ट की| जापान की लष्करी गतिविधियां अपनी सुरक्षा के लिए खतरनाक होने का आरोप कर रही चीन से इस ‘स्पेस फोर्स’ के मुद्दे पर प्रतिक्रिया प्राप्त होने की उम्मीद है|

प्रधानमंत्री एबे ने सोमवार के दिन संसदीय सत्र को संबोधित करते समय ‘स्पेस डोमेन मिशन युनिट’ यानी की ‘स्पेस फोर्स’ की योजना रखी| अब अप्रैल महीने में जापान की वायुसेना के नेतृत्व में इस ‘स्पेस फोर्स’ का निर्माण होगा| इसके लिए राजधानी टोकियो के निकट ‘फुचू’ हवाई अड्डे का इस्तेमाल किया जाएगा| प्राथमिक स्तर पर इस ‘स्पेस फोर्स’ की युनिट में २० कर्मचारी नियुक्त रहेंगे| पर, अगले समय में इस फोर्स के कर्मचारी, सैनिक और अफसरों की संख्या में बढोतरी की जाएगी, यह जानकारी एबे ने साझा की| एबे सरकार ने इस ‘स्पेस फोर्स’ के लिए करीबन ४६ करोड डॉलर्स का प्रावधान किया है| पिछले वर्ष दिसंबर महीने में ही यह प्रावधान किया गया था, यह बात भी प्रधानमंत्री एबे ने कही| अमरिका के राष्ट्राध्यक्ष डोनाल्ड ट्रम्प ने स्थापित की हुई ‘स्पेस फोर्स’ कमांड के साथ जापान की ‘स्पेस फोर्स’ काम करेगी| पर, जापान की ‘स्पेस फोर्स’ की भूमिका रक्षात्मक रहेगी| इस ‘स्पेस फोर्स’ के जरिए जापान किसी भी देश पर हमला नही करेगा, यह भी एबे ने स्पष्ट किया|

पर, अंतरिक्ष में कार्यरत जापान के उपग्रह, प्रक्षेपित होनेवाले राकेटस् एवं संबंधित यंत्रणाओं की सुरक्षा के लिए यह स्पेस फोर्स कार्यरत रहेगी| इस बार जापान के प्रधानमंत्री स्पष्ट तौर पर चीन और रशिया का जिक्र करने से दूर रहे| पर, ‘शत्रु देश काफी तेजी में अपने मिसाइलों के सामर्थ्य में बढोतरी कर रहे है| साथ ही कुछ देशों ने सायबर स्पेस और इलेक्ट्रोमैग्नेटिक का इस्तेमाल करके अंतरिक्ष के अहम उपग्रह नाकाम करने तक प्रगति की है| ऐसे देशों ने अपनी ताकत का इस्तेमाल किया तो जागतिक संपर्क व्यवस्था एकाएक गिर सकती है और इसके बाद काफी बडी उथल पुथल हो सकती है| ऐसी स्थिति में जापान ने अंतरिक्ष में स्थित अपने हितसंबंधों की सुरक्षा के लिए यह कदम उठाना जरूरी साबित होता है’, ऐसा एबे ने कहा है|

इसी बीच, दशक पहले ही चीन ने उपग्रह विरोधी मिसाइल का परिक्षण किया था| सायबर युद्ध के क्षेत्र में भी चीन के हैकर्स आगे होने की खबरें पहले भी प्रसिद्ध हुई है| इसी पृष्ठभूमि पर जापान के प्रधानमंत्री ने ‘स्पेस फोर्स’ का ऐलान करके चीन को संदेशा दिया दिखाई दे रहा है|

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