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यूरोपिय देशों के साथ तुर्की ने ‘यूएई’ को भी धमकाया

अंकारा – ‘भूमध्य समुद्र में अपनी संप्रभुता के अधिकारों की रक्षा करने में तुर्की यकीनन कामयाब होगा और इसके लिए तुर्की ने अपनाए गए दृढ़ निश्‍चय पर अन्य कोई भी आशंका ना करे। तुर्की को नज़र अंदाज़ करना महंगा साबित हो सकता है’, यह इशारा तुर्की के राष्ट्राध्यक्ष रेसेप एर्दोगन ने दिया है। यूरोपिय महासंघ का इशारा ठुकराकर तुर्की ने शनिवार से भूमध्य समुद्र में १२ दिनों का युद्धाभ्यास शुरू किया है। इस पृष्ठभूमि पर एर्दोगन ने ग्रीस के साथ यूरोपिय महासंघ को धमकाया है। साथ ही संयुक्त अरब अमीरात के लड़ाकू विमानों पर हमले करने के लिए आगे-पीछे नहीं देखेंगे, यह धमकी भी तुर्की ने दी है।

‘यूएई’

आधुनिक तुर्की के संस्थापक के तौर पर जाने जा रहे ‘मुस्तफा केमाल अतातुर्क’ ने वर्ष १९२२ में ग्रीस की सेना को भगाकर तुर्की को आज़ाद करने की घटना को रविवार के दिन ९८ वर्ष पूरे हुए। इस अवसर पर तुर्की में ‘विक्टरी डे’ मनाया जा रहा है और राष्ट्राध्यक्ष रेसेप एर्दोगन ने इसी बीच ग्रीस और यूरोपिय महासंघ पर आलोचना की। ‘आज भूमध्य समुद्र पर तुर्की का सार्वभौम अधिकार ठुकराने के लिए जिस देश की कोशिश शुरू है उसी देश ने सौ साल पहले तुर्की पर हमला किया था। उस समय आज़ाद होने के लिए तुर्की को कई समस्याओं से मुकाबला करना पड़ा था। आज भी तुर्की अपनी आज़ादी को चुनौती देनेवालों को इतिहास याद दिलाने में हिचकिचाएगा नहीं’, इन शब्दों में एर्दोगन ने ग्रीस को धमकाया। भूमध्य समुद्र को लेकर तुर्की के इस निश्‍चय पर कोई भी आशंका व्यक्त ना करे, यह कहकर एर्दोगन ने यूरोपिय महासंघ को लक्ष्य किया।

‘यूएई’

तभी, ‘एक ओर भूमध्य समुद्र में जारी विवाद पर तुर्की को बातचीत का प्रस्ताव दे रहा यूरोपिय महासंघ दूसरी ओर तुर्की के खिलाफ़ प्रतिबंध लगाने की चेतावनी दे रहा है। इससे यूरोपिय महासंघ का पाखंड़ सामने आ रहा है’, ऐसी कड़ी आलोचना तुर्की के उप-राष्ट्राध्यक्ष फौत ओक्ते ने की है। साथ ही ‘शांति और राजनीतिक बातचीत के स्तर पर तुर्की बहुत निपुण है। लेकिन, तुर्की के अधिकार और हितसंबंधों की सुरक्षा का मुद्दा जहां उपस्थित होता है, वहां तुर्की कभी भी पीछे नहीं हटता। ग्रीस और फ्रान्स इसकी पूरी जानकारी रखते है’, यह बयान तुर्की के उप-राष्ट्राध्यक्ष ने किया हैं। साथ ही यूरोपिय महासंघ ने दिया इशारा अनदेखा करके भूमध्य समुद्र में युद्धाभ्यास शुरू करने का ऐलान तुर्की ने किया है। शनिवार से शुरू हुआ यह युद्धाभ्यास ११ सितंबर तक जारी रहेगा।

‘यूएई’

इससे पहले ही भूमध्य समुद्र में स्थित क्रेटे द्विप पर ग्रीस और ‘संयुक्त अरबअमीरात’ (यूएई) के लड़ाकू विमानों का युद्धाभ्यास शुरू हुआ है। इस युद्धाभ्यास के पहले दिन ग्रीस और तुर्की के लड़ाकू विमान एक-दूसरे के सामने आने की ख़बरें प्रसिद्ध हुई थीं। इसी बीच ग्रीस के साथ युद्धाभ्यास करने में शामिल हुए ‘यूएई’ के लड़ाकू विमानों को भी तुर्की ने धमकाया है। ‘यूएई’ के लड़ाकू विमानों ने तुर्की के जहाज़ों के करीब से उड़ान भरने की या इस समुद्री क्षेत्र में प्रवेश करने की गलती की तो इन विमानों पर हमले करने से हम बिल्कुल हिचकिचाएंगे नहीं, यह धमकी भी तुर्की ने दी है।

इसी बीच नाटो के सदस्य तुर्की और ग्रीस के बीच बीते कई वर्षों से काफी तनाव बना है। ऐसे में लीबिया में जारी संघर्ष और भूमध्य समुद्र में मौजूद इंधन वायु के भंड़ार के मुद्दे पर यह दोनों देश युद्ध की दहलीज़ पर खडे है। कुछ दिन पहले तुर्की ने इस समुद्री क्षेत्र पर अपना सार्वभौम अधिकार होने की बात कहकर इंधन का खनन करने के लिए अपना जहाज़ भेजा। साथ ही ग्रीस, सायप्रस को धमकाना भी जारी है। तुर्की की इस आक्रमकता के खिलाफ़ यूरोपिय देशों में बड़ी नाराज़गी है और फ्रान्स ने स्पष्ट तौर पर इसके खिलाफ़ तुर्की को ‘रेड लाईन’ पार ना करें, यह इशारा भी दिया है।

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