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युगांड़ा के हवाई हमलों में ‘अल शबाब’ के करीबन २०० आतंकी ढ़ेर

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मोगादिशु/कंपाला – युगांड़ा के रक्षा बलों ने किए हवाई हमलों में आतंकी ‘अल शबाब’ संगठन के करीबन २०० आतंकियों के मारे जाने का वृत्त है। सोमालिया के ‘लोअर शैबेल’ प्रांत में यह कार्रवाई की गई। आतंकी ‘अल शबाब’ संगठन के विरोध में एक दिन में की गई यह सबसे बड़ी कार्रवाई साबित हुई है। सोमालिया से अमरीका अपने सैनिकों की वापसी कर रही है और तभी की गई यह कार्रवाई ध्यान आकर्षित करनेवाली साबित होती है।

युगांड़ा के रक्षाबल के उप-प्रवक्ता लेफ्टनंट कर्नल देओ अकिकी ने, सोमालिया में की गई इस कार्रवाई की जानकारी साझा की। ‘हमारे रक्षाबलों ने किए हमलों में अल शबाब के १८९ से अधिक आतंकी मारे गए हैं। अल शबाब के अड्डे में मौजूद हथियारों का भंड़ार एवं अन्य यंत्रणा भी इस हमले में तबाह की गई’, यह जानकारी लेफ्टनंट कर्नल देओ अकिकी ने साझा की। युगांड़ा के रक्षा बल ने जारी किए स्वतंत्र निवेदन में, ‘अल शबाब’ की बैठक शुरू थी, तभी यह हमला किया गया और इस दौरान कई आतंकी घायल हुए’ ऐसी जानकारी दी गई है।

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सोमालिया के ‘लोअर शैबेल’ प्रांत के गव्हर्नर अब्दुलकादिर मोहम्मद नूर सिदि ने भी इस कार्रवाई के वृत्त की पुष्टि की है। शुक्रवार रात और शनिवार सुबह के समय इन हमलों को अंजाम दिया गया। इस कार्रवाई में युगांड़ा के रक्षाबलों ने ‘अटैक हेलिकॉप्टर्स’ का इस्तेमाल किया। ‘अफ्रीकन युनियन मिशन इन सोमालिया’ के नेतृत्व में यह कार्रवाई होने की जानकारी नूर सिदि ने साझा की। जनाले डिस्ट्रिक्ट और नज़दीकी इलाके में यह कार्रवाई हुई है, यह बात उन्होंने स्पष्ट की।

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पिछले वर्ष से सोमालिया में ‘अल शबाब’ के विरोध में हुई यह दूसरीं बड़ी कार्रवाई है और एक दिन में हुई सबसे बड़ी कार्रवाई साबित हुई है। इससे पहले सन २०२० के मार्च महीने में, सोमाली सेना ने जनाले में हमलें करके १४० से अधिक आतंकियों को मार गिराया था। सोमालिया की राजधानी मोगादिशु के साथ ही ‘लोअर शैबेल’ में भी ‘अल शबाब’ का प्रभाव होने की बात समझी जाती है। सोमाली सेना, अफ्रीकन युनियन और अमरीका की लगातार जारी कार्रवाई के बावजूद यह प्रभाव कम नहीं हो सका है।

इसी के साथ अल शबाब, अब सोमालिया के साथ ही केनिया और युगांड़ा जैसें देशों में भी अपने अड्डे स्थापित करने की कोशिश में होने की बात पिछले कुछ वर्षों में दिखाई पड़ी है्। बीते दो वर्षों में अल शबाब के आतंकियों ने, सीधे अमरीका पर हमलें करने की साज़िश रचने की बात भी स्पष्ट हुई थी। ऐसी साज़िश करनेवाले दो आतंकियों को अमरिकी यंत्रणा ने हिरासत में लिया है और उनके खिलाफ क़ानूनी कार्रवाई हो रही है।

अल शबाब का प्रभाव इस तरह से बढ़ रहा है और तभी अमरीका ने पिछले साल ही, सोमालिया में तैनात अपने सैनिकों को वापस बुलाने का निर्णय किया था। पिछले महीने से इस निर्णय पर अमल शुरू हुआ है और सोमालिया में तैनात सैनिकों को अफ्रीका के अन्य अड्डों पर तैनात किया जा रहा है। इसी बीच, तुर्की ने सोमालिया में अपना लष्करी अड्डा स्थापित किया है और सोमालियन सेना को प्रशिक्षण देने के लिए पहल की है।

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