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चाहे जो भी हो, इस्रायल ईरान को परमाणु-अस्त्र-सिद्ध बनने नहीं देगा – इस्रायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतान्याहू

तेल अविव – ईरान को परमाणु-अस्त्र-सिद्ध होने से कोई भी रोक नहीं सकता, ऐसा इस देश के सर्वोच्च धर्मगुरू आयातुल्ला खामेनी ने घोषित किया था। ईरान की व्यवस्था के अनुसार सर्वोच्च राजनीतिक अधिकार होने वाले खामेनी ने यह घोषणा करने के बाद, चंद कुछ घंटों में उस पर इस्रायल से प्रतिक्रिया आयी। अमरीका के राष्ट्राध्यक्ष बायडेन ईरान के साथ परमाणु समझौता करने की तैयारी में हैं। लेकिन बायडेन ने यह परमाणु समझौता किया अथवा ना किया, उससे इस्रायल को कुछ भी फ़र्क नहीं पड़ता। किसी भी हालत में इस्रायल ईरान को परमाणु-अस्त्र-सिद्ध नहीं होने देगा, ऐसी कड़ी चेतावनी इस्रायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतान्याहू ने दी।

गुरुवार शाम से ज्यूधर्मियों का ‘पुरिम’ त्योहार शुरू होगा। इस पृष्ठभूमि पर, अपने देशबान्धवों को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नेतान्याहू ने, परमाणु समझौते की दिशा में कदम उठानेवाले अमरीका और ईरान को चेतावनी दी। ‘ ईरान जैसी आतंकवादी हुकूमत के साथ किए जाने वाले समझौते से इस्रायल को कुछ भी उम्मीद नहीं है। उत्तर कोरिया के साथ किये समझौतों का आगे क्या हुआ, यह इस्रायल पूरी तरह जानता है’, इन शब्दों में इस्रायल के प्रधानमंत्री ने अमरीका की आलोचना की।

‘अतः अमरीका के राष्ट्राध्यक्ष ज्यो बायडेन ने ईरान के साथ परमाणु समझौता किया अथवा ना किया, इनमें से किसी भी स्थिति में ईरान को परमाणु-अस्त्र-सिद्ध बनने से रोकने के लिए इस्रायल कुछ भी करेगा ’, ऐसी चेतावनी इस्रायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतान्याहू ने दी। साथ ही, पुरिम का महत्त्व बताते हुए इस्रायल के प्रधानमंत्री ने ईरान को इतिहास की याद दिला दी।

‘ढाई हजार साल पहले पर्शिया के जुल्मी राज्यकर्ता ने ज्यू नागरिकों का भीषण हत्याकांड कराने की कोशिश की थी। लेकिन उसमें वह असफल रहा। आज ईरान भी वही करने की कोशिश में है। लेकिन वह कोशिश सफल नहीं हो सकती। हम आयातुल्ला की भ्रमजनक हुकूमत को अनुमति देने के लिए हज़ारों सालों का प्रवास करके इस्रायल में दाखिल नहीं हुए हैं’, ऐसा नेतान्याहू ने कहा।

उससे पहले इस्रायल के प्रधानमंत्री ने रक्षामंत्री बेनी गांत्झ, विदेश मंत्री गाबी अश्केनाझी, रक्षाबल प्रमुख लेफ्टनंट जनरल अविव कोशावी, मोसाद के प्रमुख योसी कोहेन, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार मिर बेन-शबात, अमरीका में नियुक्त इस्रायल के राजदूत गिलाड एर्डन और वरिष्ठ अधिकारियों के साथ विशेष बैठक आयोजित की। अमरीका और ईरान के बीच परमाणु समझौते को लेकर जारी गोपनीय चर्चा की पृष्ठभूमि पर यह बैठक आयोजित की होने का दावा किया जाता है।

इसी बीच, पिछले हफ्ते अमरीका ने परमाणु समझौता करने की तैयारी व्यक्त करने के बाद, ईरान अधिक ही आक्रामक हुआ है। अमरीका अपनी माँगें पूरी करें और प्रतिबंध पूरी तरह हटाएँ, अन्यथा कोई चर्चा नहीं करेंगे, ऐसी ठोस भूमिका ईरान ने अपनाई है। साथ ही, ईरान ने परमाणु ऊर्जा आयोग के निरीक्षकों के न्यूक्लियर प्लांट में प्रवेश के लिए शर्तें घोषित कीं हैं।

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