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वियतनाम के पास क्षेपणास्त्र अड्डे का निर्माण करके चीन युद्ध की तैयारी कर रहा है – अमरिकी विश्‍लेषक का दावा

तैपेई/हानोई – वियतनाम की सीमा से २० किलोमीटर की दूरी पर चीन ने क्षेपणास्त्रों को इकट्ठा करना शुरू किया है। चीन की यह तैयारी पड़ोसी देशों के लिए खतरे की घंटी साबित हो रही है। आने वाले दौर के युद्ध के लिए चीन ने यह तैनाती की है, ऐसा दावा अमरिकी अभ्यासगुट के विश्लेषक ने किया। कुछ महीने पहले चीन के राष्ट्राध्यक्ष शी जिनपिंग ने अपने लष्कर को सिद्ध रहने के आदेश दिए थे, इसकी भी याद इस विश्लेषक ने करा दी।

वियतनाम की सीमा के पास होने वाली चीन के गुआंशी इलाके में चीन ने क्षेपणास्त्र अड्डा बनाने की शुरुआत की होने की खबरें पिछले कुछ हफ्तों से माध्यमों में प्रकाशित हो रही हैं। इसके अलावा वियतनाम की सीमा से ७० किलोमीटर की दूरी पर होने वाले एक और क्षेपणास्त्र अड्डे के सॅटेलाईट फोटोग्राफ्स भी सामने आए थे। जमीन से हवा में दागे जानेवाले क्षेपणास्त्र, रडार्स और छः लॉंचर्स इस अड्डे पर तैनात थे। इन खबरों की सत्यता की जांच की जा रही है, ऐसा वियतनाम की सरकार ने कहा था।

‘एशिया-पैसिफिक सेंटर फॉर सिक्युरिटी स्टडिज्’ इस अभ्यासगुट के विश्‍लेषक ऍलेक्झांडर वुविंग ने वियतनाम की सीमा के पास के इन क्षेपणास्त्र अड्डों को लेकर चेतावनी दी। इन क्षेपणास्त्र अड्डों से सिर्फ वियतनाम को ही नहीं, बल्कि अन्य पड़ोसी देशों को भी खतरा होने की बात वुविंग ने कही। ‘चीन युद्ध की तैयारी कर रहा है, ऐसे संकेत इन क्षेपणास्त्र अड्डों के निर्माण से मिल रहे हैं। यह युद्ध तुरंत आज या कल नहीं होगा। लेकिन नजदीकी दौर में चीन यकीनन ही युद्ध का ऐलान करेगा’, ऐसा दावा वुविंग ने किया।

पिछले कुछ सालों से वियतनाम के साथ होनेवाला सीमाविवाद और ‘साऊथ चायना सी’ का विवाद इस युद्ध का कारण बन सकते हैं। सन १९७४ के युद्ध में वियतनाम की कम्युनिस्ट हुकूमत ने चीन की हुकूमत की नाक में दम कर रखा था। चीन में आज भी उस बात को लेकर गुस्सा है, ऐसा वुविंग ने कहा। इसके अलावा ‘साऊथ चायना सी’ के विवाद में भी वियतनाम चीन के सामने अड़िगतापूर्वक खड़ा है।

इस विवाद की पृष्ठभूमि पर, वियतनाम ने इस सागरी क्षेत्र के स्प्रार्टले द्विपसमूह के वेस्ट रिफ तथा सिन कोए द्वीपों की चहारदीवारी मज़बूत की, साथ ही बुनियादी सुविधाओं का भी निर्माण किया है। इनमें प्रशासकीय इमारतों के साथ ही हेलीकॉप्टर्स के लिए हेलिपॅड्स, बंकर्स तथा कम्युनिकेशन टॉवर्स का निर्माण वियतनाम ने किया होने का दावा किया जाता है। साथ ही इस क्षेत्र में इंधन के उत्खनन के लिए वियतनाम भारत, ऑस्ट्रेलिया जैसे देशों को आमंत्रित कर रहा है। इससे चीन अधिक ही गुस्सा हुआ है।

ऐसे हालातों में चीन ने वियतनाम की सीमा से नजदीक क्षेपणास्त्र तैनात करके, इस देश पर लष्करी दबाव बढ़ाने की कोशिश की होने का दावा माध्यम कर रहे हैं।

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