ईरान के खतरे के विरोध में इस्रायल की लष्करी कार्रवाई तीव्र होगी – रशियन राष्ट्राध्यक्ष समेत हुई बातचीत के दौरान इस्रायली प्रधानमंत्री की चेतावनी

ईरान के खतरे के विरोध में इस्रायल की लष्करी कार्रवाई तीव्र होगी – रशियन राष्ट्राध्यक्ष समेत हुई बातचीत के दौरान इस्रायली प्रधानमंत्री की चेतावनी

सोची – ‘‘पीछले महीने से ईरान से जुडे गुटों ने इस्रायल पर हमलों की तादाद काफी बढाई है| इस खतरे के विरोध में इस्रायली सेना ‘३६० डिग्री’ में कार्रवाई कर रही है और अगले दौर में यह कार्रवाई और भी तीव्र होगी’, यह ऐलान इस्रायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेत्यान्याहू ने किया है| रशियन राष्ट्राध्यक्ष व्लादिमीर पुतिन के साथ हुई बातचीत के दौरान यह इशारा देकर नेत्यान्याहू ने सीरिया, इराक, लेबनान, गाजापट्टी एवं दुनिया के किसी भी कोने में ईरान और ईरान से जुडे गुटों पर हो रही कार्रवाई बंद नही होगी, यह बात भी उन्होंने डटकर रखी|

इस्रायल में चुनाव की गडबडी शुरू है और ऐसे में प्रधानमंत्री रशिया की यात्रा करके राष्ट्राध्यक्ष पुतिन से भेंट की| सीरिया और पडोसी देशों में ईरान की बढ रही लष्करी आक्रामकता रोकने के लिए इस्रायल ने अपनाई भूमिका में बदलाव नही होगा, यह बात नेत्यान्याहू ने इस भेंट के दौरान स्पष्ट किया| साथ ही इस्रायल और रशिया का मित्रता से भरा सहयोग इस में अहम भूमिका निभा रहा है, यह संदेशा इस्रायली प्रधानमंत्री ने दिया|

‘इस्रायल और रशिया का सहयोग एवं निजी स्तर पर हम दोनों की मित्रता दोनों देशों के संबंध मजबूत करने के लिए सहायक साबित हुए है| इस वजह से सीरिया में खतरनाक कार्रवाई करते समय भी दोनों देशों की सेना के बीच कभी तनाव नही बना| ‘इस्रायल और रशिया के यही मजबूत संबंध इस क्षेत्र की स्थिरता के लिए बुनियादी कारण साबित हो रहे है| सीरिया की सीमा से इस्रायल पर हमलें करने के लिए ईरान की कोशिशों में हुई बढोतरी ध्यान में रखें तो इस्रायल और रशिया के बीच बना यह समन्वय और भी अधिक अहमियत रखता है’, ऐसा इस्रायली प्रधानमंत्री ने कहा|

‘इस्रायल पर हमलें करने के लिए ईरान ने सीरिया के गुटों को प्रगत मिसाइल सप्लाई किए है| लेकिन, सीरिया एवं पडोसी देशों से ईरान से जुडे गुटों से इस्रायल की सुरक्षा को मिल रही चुनौती कभी भी बर्दाश्त नही होगी| इस्रायल की सेना ने ईरान के विरोध में ३६० अंश में कार्रवाई की है और इसके आगे इस्रायली सेना की यह कार्रवाई और भी तीव्र होगी, यह ऐलान प्रधानमंत्री नेत्यान्याहू ने किया|

इस्रायली प्रधानमंत्री ने किए इस ऐलान के बाद रशियन राष्ट्राध्यक्ष पुतिन ने प्रतिक्रिया दर्ज नही की है| लेकिन, रशिया और इस्रायल का सहयोग आगे भी बरकरार रहेगा, यह उम्मीद पुतिन ने व्यक्त की| ‘अगले समय में इस्रायल ऐतिहासिक चुनाव का सामना करेगा| सोविएत रशिया से बाहर निकलें १५ लाख लोग फिलहाल इस्रायल में रह रहे है और हम उनकी ओर हमारें लोगों के तौर पर देखते है॥ इस्रायल के चुनाव का नतीजा कुछ भी हो, पर रशिया और इस्रायल की यह मित्रता आगे भी ऐसी ही कायम रहेगी’, ऐसा राष्ट्राध्यक्ष पुतिन ने कहा|

इस दौरान, रशियन राष्ट्राध्यक्ष समेत भेंट करने से पहले इस्रायली प्रधानमंत्री ने रशियन रक्षामंत्री सर्जेई शोईगू से ईरान के मुद्दे पर ३.५ घंटे बातचीत की| इस बातचीत के दौरान दोनों देशों के वरिष्ठ सेना अधिकारी मौजुद थे| यह बातचीत काफी देर तक चलने से राष्ट्राध्यक्ष पुतिन के साथ प्रधानमंत्री नेत्यान्याहू की भेंट शुरू होने के लिए आधा घंटा देरी करनी पडी| इसके बाद राष्ट्राध्यक्ष पुतिन और प्रधानमंत्री नेत्यान्याहू ने सवा घंटा बातचीत होने का समाचार है|

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