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रशिया ने सीरिया में किए हमले में २०० आतंकी ढ़ेर

मास्को – रशियन लड़ाकू विमानों ने सीरिया के पालमिरा में किए हवाई हमले में कम से कम २०० आतंकी मारे गए हैं। सीरिया में अगले महीने हो रहे राष्ट्राध्यक्ष पद के चुनावों के दौरान हमले करने की साज़िश इन आतंकियों ने रचि थी। इसी वजह से इस कार्रवाई को अंजाम देना पड़ा, ऐसा रशिया के रक्षा मंत्रालय ने कहा है। साथ ही अमरिकी सेना के नियंत्रण वाले हिस्से में आतंकियों ने अपने ठिकाने बनाए थे, यह जानकारी रशियन सेना ने साझा की।

सीरिया के होम्स प्रांत के पालमिरा नामक प्रसिद्ध शहर में आतंकियों ने अपने दो ठिकाने बनाए होने की जानकारी रशियन गुप्तचर यंत्रणाओं को प्राप्त हुई थी। रशिया की एरोस्पेस फोर्सेस ने इस जानकारी की बुनियाद पर सोमवार दोपहर अल तन्फ में स्थित इन ठिकानें पर भीषण हवाई हमले किए। इस दौरान आतंकियों का बड़ा नुकसान हुआ है और कम से कम २०० आतंकी ढ़ेर होने की संभावना रशियन सेना ने व्यक्त की है। मशीनगन से लैस २४ गाड़ियां और ५०० किलो विस्फोटक इस हमले में नष्ट होने की जानकारी सीरिया में स्थित रशियन सेना के उप-प्रमुख रिअर एडमिरल अलेक्ज़ैडर कार्पोव ने साझा की।

अगले महीने २६ मई के दिन सीरिया में चुनाव हो रहे है। वर्ष २०११ में अस्साद हुकूमत के खिलाफ भड़के गृहयुद्ध के बाद सीरिया में होनेवाला यह दूसरा चुनाव है। सीरिया के कुछ गुटों को यह चुनाव स्वीकार नहीं है। ऐसा होते हुए भी इस चुनाव में भी राष्ट्राध्यक्ष अस्साद को जीत हासिल होगी, यह दावा किया जा रहा है। इस पृष्ठभूमि पर ‘सीरिया में आतंकी हमले करके फिर से अस्थिरता निर्माण करने की योजना इन आतंकियों ने रची थी। इसके लिए अल तन्फ के कैम्प में ‘आयईडी’ विस्फोटक तैयार करने का काम जारी था’, ऐसा कार्पोव ने कहा।

पालमिरा के अल तन्फ क्षेत्र पर सीरियन सरकार या सेना का नियंत्रण नहीं है। बीते कुछ वर्षों से यह क्षेत्र अमरीका के नियंत्रण में है। वर्ष २०१६ में अमरिकी सेना ने इस क्षेत्र पर कब्ज़ा किया था। इसी क्षेत्र में आतंकियों ने अपने ठिकाने बनाए थे, इस ओर रशियन सेना ध्यान आकर्षित कर रही है। लेकिन, रशिया के इन हवाई हमलों में मारे गए आतंकी किस संगठन के थे, यह बात रशिया ने स्पष्ट नहीं की है।

सीरिया में सेना उतारनेवाली अमरीका और अन्य देश सीरिया की संप्रभुता का सम्मान करें और सीरिया से अपनी सेनाएं हटाए, ऐसा आवाहन रशिया कर रही है। सीरिया में रशिया की सेना तैनात है, लेकिन, इसके लिए सीरियन सरकार ने रशिया से बिनती की थी, इस ओर भी रशिया ध्यान आकर्षित कर रही है। लेकिन, अमरीका, तुर्की और ईरान ने भी सीरिया में अपनी सेना को अवैध पद्धति से तैनात किया है, ऐसा कहकर रशिया इन देशों को अपनी सेना को हटाने का आवाहन कर रही है। लेकिन, इन तीनों देशों ने रशिया के आवाहन को अनदेखा किया है। तभी, इस्रायल जैसा देश सीरिया में स्थित ईरान के लष्करी अड्डे एवं अन्य स्थानों पर हवाई हमले कर रहा है और इस पर भी रशिया नाराज़गी व्यक्त कर रही है।

बीते नौं वर्षों से सीरिया में जारी संघर्ष में ३ लाख ८८ हज़ार से अधिक नागरिकों के मारे जाने का दावा किया जा रहा है। इसके अलावा इस संघर्ष में विस्थापित हुए सीरियन नागरिकों की संख्या भी काफी बड़ी होने की बात कही जा रही है।

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