गाज़ा से इस्राइल के प्रमुख शहरों पर हुए हमले – तीन दिनों के संघर्ष के दौरान ५९ की मौत

गाझा/जेरूसलेम – इस्राइल की आर्थिक राजधानी समझी जा रहे तेल अवीव के साथ अश्‍खेलॉन, अश्‍दोद और लॉड शहर पर हमास ने रॉकेट्स की भीषण बौछार शुरू की है। बीते ३८ घंटों के दौरान इस्राइल पर १,०५० से अधिक रॉकेट्स दागकर हमास ने युद्ध में जीत हासिल करने के लिए हम तैयार होने का ऐलान किया। वहीं, दूसरी ओर इस्राइल ने गाज़ापट्टी में स्थित हमास और इस्लामिक जिहाद के पांच सौ से अधिक ठिकानों पर हवाई हमले किए। इस तीव्र संघर्ष के दौरान ५९ लोगों के मारे जाने की बात कही जा रही है। हमास के प्रमुख इस्माईल हनिया ने अब इस संघर्ष से पीछे हटना मुमकिन ना होने का ऐलान किया है। इसी दौरान इस्राइल के रक्षामंत्री बेनी गांत्ज़ ने यह इशारा दिया है कि, इस्राइल की गाज़ा पर जारी कार्रवाई बंद नहीं होगी।

हमास और इस्लामिक जिहाद ने अब तक दागे रॉकेट्स और मिसाइल्स इस्राइल के निर्जन सरहदी क्षेत्र में गिर रहे थे। लेकिन, रविवार से गाज़ापट्टी के इन दोनों आतंकी संगठनों ने दागे रॉकेट्स सीमा से दूर स्थित इस्राइली शहरों पर जा गिरे हैं। इन शहरों में तेल अवीव, हैफा, बिरशेबा, अश्‍खेलॉन, अश्‍दोद और लॉड का समावेश है। इन रॉकेट हमलों की तीव्रता की वजह से इस्राइल को तेल अवीव अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा खाली करके विमान सेवा बंद करनी पड़ी। साथ ही अगली सूचना प्राप्त होने तक इस्राइली पाठशाला, महाविद्यालय बंद रखने का निर्णय किया गया है।

रॉकेट्स की इस जोरदार बौछार की वजह से इस्राइल के दिमोना शहर में भी सायरन बजने की खबरें सामने आ रही हैं। लेकिन, दिमोना शहर में रॉकेट नहीं गिरा है, ऐसा माध्यमों का कहना है। दिमोना में इस्राइल का परमाणु प्रकल्प है। बीते महीने सीरियन सेना ने दागी मिसाइल इसी शहर में गिरी थी। ऐसी स्थिति में हमास के रॉकेटों की बौछार के कारण दिमोना शहर में फिर से सायरन बजने से चिंता जताई जा रही है। बीते ३८ घंटों के दौरान गाज़ा से १,०५० से अधिक रॉकेट्स की बौछार की गई है। इनमें से ८० से ९० फीसदी रॉकेट्स को इस्राइल की आयर्न डोम यंत्रणा ने सफलता के साथ नष्ट किए हैं, ऐसा इस्राइली सेना ने कहा है।

लेकिन, इस दौरान इस्राइल में इन रॉकेट्स के कारण छह लोगों की मौत हुई है और मृतकों में एक इस्राइली सैनिक का भी समावेश है। गाज़ा की सीमा पर गश्‍त लगा रहे लष्करी वाहन पर हमास के आतंकियों ने टैंक विरोधी मिसाइल से हमला किया था। इस हमले में इस्राइली सैनिक मारा गया है। इस हमले की वजह से हमास के बेड़े में टैंक विरोधी मिसाइल भी मौजूद होने की जानकारी स्पष्ट हुई है। इसके अलावा आतंकियों ने इस्राइल के अश्‍दोद शहर में र्इंधन पाइपलाइन को लक्ष्य किया।

गाज़ा से हो रही रॉकेट की बौछार पर प्रत्युत्तर देने के लिए इस्राइली लड़ाकू विमानों ने गाज़ा स्थित हमास और इस्लामिक जिहाद के ५०० से अधिक ठिकानों को लक्ष्य किया। इस्राइल के इन हवाई हमलों में ५३ की मौत होने का दावा हमास की स्वास्थ्य यंत्रणा कर रही है। लेकिन, इनमें से २५ से अधिक लोग हमास और इस्लामिक जिहाद के आतंकी होने का बयान इस्राइली सेना ने किया है। हमास के कम से कम छह और इस्लामिक जिहाद के तीन बड़े कमांड़र इस दौरान ढ़ेर होने का दावा इस्राइली रक्षा मंत्रालय ने किया है।

हमास और इस्लामिक जिहाद ने अपनी इमारतों, दफ्तरों का निर्माण रिहायशी इलाकों में किया है। इस वजह से आतंकियों के खिलाफ हो रही कार्रवाई में पैलेस्टिनी जनता की भी बलि चढ़ रही है, ऐसा इस्राइल का कहना है। गाज़ा में हुई कार्रवाई के लिए इस्राइल ने वायुसेना के साथ नौसेना का भी इस्तेमाल किया। साथ ही गाज़ा में अपनी सेना उतारने की तैयारी भी इस्राइल ने की है।

गाज़ा की हमास का प्रमुख इस्माईल हनिया ने इस्राइल पर किए गए हमलों का समर्थन किया। जेरूसलम की सुरक्षा के लिए यह रॉकेट हमले शुरू किए गए हैं और इसमें हमें सफलता प्राप्त हुई है। इस संघर्ष की जड़ जेरूसलम है और जेरूसलम के लिए शुरू किए गए संघर्ष से हमास पीछे नहीं हटेगी’, यह ऐलान भी हनिया ने किया।

दूसरी ओर इस्राइल के रक्षामंत्री गांत्ज़ ने भी हामस के साथ युद्ध विराम करना मुमकिन ना होने की बात ड़टकर कही है। ‘इस्राइल ने शुरू की हुई लष्करी मुहिम अब इतने में नहीं रुकेगी। संप्रभुता और अपनी जनता की सुरक्षा को लेकर इस्राइल किसी भी संगठन या अंतरराष्ट्रीय गुट के नैतिक उपदेश नहीं मानेगा’, ऐसी फटकार गांत्ज़ ने लगाई है। ‘हमास को ऐसे झटके लगेंगे, जिनका उसने विचार भी नहीं किया होगा। इस्राइल उनके वरिष्ठ कमांडर्स का खात्मा करेगा’, ऐसा इशारा प्रधानमंत्री बेंजामिन नेत्यान्याहू ने दिया।

इसी बीच, पैलेस्टिनी हमलावरों ने मंगलवार के दिन इस्राइल के लॉड शहर में स्थित ज्यू धर्मियों के प्रार्थना स्थानों को लक्ष्य किया। उनके द्वारा इस्राइली प्रार्थना स्थलों को तहसनहस करने की खबरें प्राप्त हुई हैं। साथ ही इन हमलावरों ने कुछ दुकानों में आगजनी भी की है। इससे लॉड शहर में पैलेस्टिनी और इस्राइली गुटों के बीच दंगा भड़का था। इस दौरान हुई हिंसा के बाद लॉड शहर के मेयर ने इस्तिफा दिया है और अब इस्राइल की सरकार ही इस शहर का नियंत्रण संभाले, यह निवेदन भी उन्होंने किया है। इसके बाद फौलादी पंजे का इस्तेमाल करके लॉड शहर में कानून और व्यवस्था बड़ी सख्ती से स्थापित की जाएगी, यह ऐलान प्रधानमंत्री नेत्यान्याहू ने किया। इसी बीच, इस्राइल के राष्ट्राध्यक्ष रिवलिन ने यह आरोप लगाया है कि, इस हिंसा और हमलों के पीछे ईरान समर्थक गुटों का हाथ है।

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