खार्किव से रशिया के पीछे हटने से राष्ट्राध्यक्ष पुतिन के समर्थकों में तीव्र नाराज़गी

तीव्र नाराज़गी

मास्को/किव – यूक्रेन के खार्किव प्रांत के कुछ हिस्सों से रशियन सेना के पीछे हटने से राष्ट्राध्यक्ष व्लादिमीर पुतिन के समर्थकों में तीव्र नाराज़गी निर्माण हुई है। पुतिन के समर्थक चेचेन नेता रमज़ान कादिरोव ने चेतावनी दी है कि, रशियन सेना ने भूल की है और इसे जल्द से सुधारना होगा। इसी बीच पूर्व वरिष्ठ गुप्तचर अधिकारी इगोर गिर्किन ने खार्किव के पीछे हटने की तुलना साल १९०५ में रशिया की हार से की है। इसी बीच, खार्किव से पीछे हटने के बाद रशियन रक्षाबलों ने इस क्षेत्र पर फिर से मिसाइल हमले करने की जानकारी सामने आयी है।

पिछले कुछ दिनों में ईशान कोण यूक्रेन के खार्किव प्रांत में यूक्रेनी सेना को बड़ी सामरिक सफलता प्राप्त होने के दावे सामने आए थे। यूक्रेन की सेना ने इज़ियम शहर के अलावा कुछ अहम शहरों पर कब्ज़ा करने की और यूक्रेन की सेना रशियन सीमा से कुछ किलोमीटर की दूरी पर पहुँचने की जानकारी यूक्रेनी नेताओं ने दी थी। शुरू में इस पर किसी भी तरह का बयान ना करनेवाली रशिया के रक्षा विभाग ने रविवार को वहां से पीछे हटने के मुद्दे पर निवेदन जारी किया था। इसमें डोन्बास क्षेत्र के सैन्य अभियान के उद्देश्‍य से खार्किव के कुछ हिस्सों से पीछे हटने का निर्णय होने की बात स्पष्ट की थी।

तीव्र नाराज़गी

लेकिन, इस खुलासे पर रशिया में पुतिन समर्थक नेता और विश्‍लेषक नाराज़ होने की बात सामने आयी। चेचेन नेता कादिरोव ने रशियन रक्षाबलों ने नीति में बदलाव करने की ज़रूरत होने की स्पष्ट माँग की। ऐसा नहीं हुआ तो हम स्वयं राष्ट्राध्यक्ष पुतिन से मुलाकात करेंग और उन्हें सच्चाई का अहसास कराएँगे, ऐसी आक्रामक भूमिका उन्होंने रखी। साथ ही हमारे पास ऐसी स्थिति में संघर्ष करने के लिए १० हज़ार से अधिक सैनिकों का दल तैयार होने का दावा भी उन्होंने किया। खार्किव से पीछे हटने पर रशिया प्रत्युत्तर देगी और रशियन सेना जल्द ही ओडेसा पर भी कब्ज़ा करेगी, यह चेतावनी भी चेचेन नेता कादिरोव ने दी।

तीव्र नाराज़गी

साल २०१४ में डोन्बास क्षेत्र के संघर्ष के दौरान अहम भूमिका निभानेवाले इगोर गिर्किन ने खार्किव से पीछे हटना बड़ी नाकामयाबी होने का दावा किया। साल १९०५ में रशिया-जापान युद्ध के दौरान रशिया को ‘बैटल ऑफ मुकडेन’ में हार स्वीकरनी पड़ी थी। इस युद्ध के पराभव के बाद रशिया में क्रांति के बीज बोए गए थे, इसकी याद भी गिर्किन ने करायी। खार्किव से पीछे हटना इसी की पुनरावृत्ति होगी, यह इशारा गिर्किन ने दिया। रशिया में पुतिन समर्थक मिलिटरी ब्लॉगर ‘रायबर’ ने खार्किव से पीछे हटना बड़ा जोरदार झटका होने का बयान किया है। पुतिन समर्थक विश्‍लेषक और नेताओं ने अब युद्ध का ऐलान करके देश स्तर पर सेना का जमावड़ा शुरू करना होगा, ऐसी आक्रामक माँग रखी।

इसी बीच, खार्किव के कुछ शहरों से पीछे हट रही रशिया ने इस क्षेत्र पर फिर से नए हमले किए हैं। खार्किव के साथ सुमी और अन्य क्षेत्रों के बिजली केंद्र एवं पानी सप्लाई करनेवाली यंत्रणाओं पर हमले किए गए। इन हमलों की वजह से यूक्रेन के कई शहरों को ‘ब्लैकआऊट’ का सामना करना पड़ा और कुछ प्रांतो में पानी की किल्लत निर्माण होने की जानकारी स्थानीय सूत्र ने साझा की।

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